जयपुर / नई दिल्ली: 8वें केंद्रीय वेतन आयोग (8th Central Pay Commission) की बहुप्रतीक्षित औपचारिक प्रक्रिया अब अपने सबसे निर्णायक और जमीनी चरण में प्रवेश कर चुकी है। आयोग के अध्यक्ष और उच्चस्तरीय विशेषज्ञ प्रतिनिधिमंडल का पहला आधिकारिक राज्य स्तरीय परामर्श दौरा कल यानी 31 अगस्त 2026 (सोमवार) से राजस्थान की राजधानी जयपुर में प्रारंभ हो रहा है। 31 अगस्त और 1 सितंबर 2026 को आयोजित होने वाली इस दो-दिवसीय परामर्श बैठक में उत्तर-पश्चिम रेलवे (NWR), डाक विभाग, रक्षा प्रतिष्ठानों, केंद्रीय उत्पाद एवं सीमा शुल्क तथा आयकर विभाग के प्रमुख कर्मचारी महासंघ और पेंशनर एसोसिएशन आयोग के समक्ष प्रत्यक्ष रूप से उपस्थित होकर अपना विस्तृत मांग पत्र (Memorandum) प्रस्तुत करेंगे। इस ऐतिहासिक बैठक में न्यूनतम मूल वेतन को ₹18,000 से बढ़ाकर ₹34,560 से ₹52,600 करने, फिटमेंट फैक्टर को 2.86 गुना करने और भत्तों के युक्तिकरण को लेकर 5 बड़े नीतिगत प्रस्ताव औपचारिक रूप से टेबल किए जाएंगे।
जयपुर बैठक का विस्तृत कार्यक्रम एवं देशव्यापी परामर्श शेड्यूल
8वें केंद्रीय वेतन आयोग (8cpc.gov.in) द्वारा जारी आधिकारिक अधिसूचना और The Economic Times की रिपोर्ट के अनुसार, नई दिल्ली में केंद्रीय मंत्रालयों के साथ प्रारंभिक ब्रीफिंग पूरी करने के बाद आयोग ने राज्यवार परामर्श के लिए विस्तृत यात्रा कैलेंडर तय किया है। जयपुर से शुरू हो रहा यह राष्ट्रव्यापी दौरा आगामी महीनों में देश के सभी प्रमुख प्रशासनिक केंद्रों तक पहुंचेगा।
नीचे दी गई तालिका में 8वें केंद्रीय वेतन आयोग के आगामी परामर्श दौरों, तारीखों और संबंधित क्षेत्रों का आधिकारिक शेड्यूल प्रस्तुत है:
| परामर्श स्थल / शहर | निर्धारित तारीखें | प्रतिनिधित्व करने वाले प्रमुख संगठन व विभाग | मुख्य एजेंडा एवं फोकस क्षेत्र |
|---|---|---|---|
| जयपुर (राजस्थान) | 31 अगस्त एवं 01 सितंबर 2026 | उत्तर-पश्चिम रेलवे, रक्षा सिविलियन, डाक कर्मचारी व राज्य पेंशनर मंच | पहला राज्य स्तरीय परामर्श, न्यूनतम मूल वेतन एवं क्षेत्रीय भत्ते |
| चेन्नई (तमिलनाडु) | 07 एवं 08 सितंबर 2026 | दक्षिण रेलवे, इंटीग्रल कोच फैक्ट्री (ICF), आयकर एवं कस्टम्स एसोसिएशन | फिटमेंट फैक्टर, तकनीकी संवर्गों का वेतनमान और वार्षिक इंक्रीमेंट |
| पुडुचेरी (UT) | 09 सितंबर 2026 | केंद्र शासित प्रदेश कर्मचारी संघ एवं क्षेत्रीय स्वायत्त संस्थान | यूटी कर्मचारियों के वेतनमान विसंगतियां और विशेष भत्ते |
| चंडीगढ़ (पंजाब/हरियाणा) | 16 से 18 सितंबर 2026 | उत्तरी रेलवे, पीजीआईएमईआर (PGIMER), रक्षा उत्पादन एवं पेंशनर फेडरेशन | ओल्ड पेंशन स्कीम (OPS) बहाली, कम्यूटेशन नियम और स्वास्थ्य योजनाएं |
| बेंगलुरु (कर्नाटक) | 07 एवं 08 अक्टूबर 2026 | इसरो (ISRO), डीआरडीओ (DRDO), एचएएल (HAL) एवं वैज्ञानिक कर्मचारी संगठन | वैज्ञानिक/तकनीकी स्टाफ के लिए विशेष वेतन मैट्रिक्स और भत्ते |
जयपुर बैठक में टेबल होने वाले 5 बड़े नीतिगत प्रस्ताव
India Today के विश्लेषण के अनुसार, जयपुर परामर्श सत्र में कर्मचारी और पेंशनर महासंघ निम्नलिखित 5 प्रमुख बिंदुओं पर आयोग के समक्ष ठोस वित्तीय आंकड़े और साक्ष्य पेश करेंगे:
1. न्यूनतम मूल वेतन (Basic Pay) में ऐतिहासिक वृद्धि: 7वें वेतन आयोग में निर्धारित ₹18,000 के न्यूनतम वेतन को डॉ. एक्रॉयड फॉर्मूले और 15वें श्रम सम्मेलन (ILC) के 5 पारिवारिक उपभोग मानकों के आधार पर कम से कम ₹34,560 से ₹52,600 प्रति माह तय करने की मांग की जाएगी।
2. 2.86 गुना फिटमेंट फैक्टर का निर्धारण: 7वें वेतन आयोग के 2.57 फिटमेंट फैक्टर की तुलना में जीवन-यापन की बढ़ती लागत और महंगाई के दबाव को संतुलित करने के लिए न्यूनतम 2.86 फिटमेंट फैक्टर लागू करने की पैरवी की जाएगी।
3. वार्षिक वेतन वृद्धि (Annual Increment) 3% से बढ़ाकर 5% से 7%: कर्मचारी संघों का तर्क है कि 3 प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि मुद्रास्फीति को मात देने में अपर्याप्त है, अतः इंक्रीमेंट दर को 5% से 7% किया जाना चाहिए ताकि कर्मचारियों की संचयी आय में वास्तविक सुधार हो।
4. मकान किराया भत्ता (HRA) एवं ट्रांसपोर्ट अलाउंस (TA) में संशोधन: शहरों के वर्गीकरण (X, Y, Z क्लास) के आधार पर HRA की दरों को संशोधित कर 30%, 20% और 10% करने तथा यात्रा भत्ते को पेट्रोल-डीजल की मौजूदा कीमतों से जोड़ने का प्रस्ताव रखा जाएगा।
5. पेंशन बहाली अवधि 15 से घटाकर 12 वर्ष करना: पेंशन कम्यूटेशन की 40 प्रतिशत राशि की मासिक कटौती को 15 साल के बजाय 11 से 12 साल में समाप्त कर पूरी पेंशन बहाल करने की मांग प्राथमिकता पर रहेगी।
7वें बनाम 8वें वेतन आयोग का पे-मैट्रिक्स तुलनात्मक विश्लेषण
यदि 8वां वेतन आयोग कर्मचारी संगठनों द्वारा प्रस्तावित 2.86 के फिटमेंट फैक्टर को स्वीकार करता है, तो पे-लेवल 1 से लेकर लेवल 14 तक के कर्मचारियों के मूल वेतन और भत्तों में भारी वृद्धि होगी। नीचे दी गई तालिका में संभावित वेतन संरचना का तुलनात्मक विवरण प्रस्तुत है:
| पे मैट्रिक्स लेवल | पद / संवर्ग का उदाहरण | 7वें CPC में बेसिक पे | 8वें CPC में अनुमानित बेसिक (2.0x) | 8वें CPC में प्रस्तावित बेसिक (2.86x) |
|---|---|---|---|---|
| लेवल 1 (GP 1800) | एमटीएस / रेलवे ट्रैक मेंटेनर | ₹18,000 | ₹36,000 | ₹51,480 |
| लेवल 2 (GP 1900) | लोअर डिवीजन क्लर्क (LDC) | ₹19,900 | ₹39,800 | ₹56,914 |
| लेवल 4 (GP 2400) | अपर डिवीजन क्लर्क / टैक्स असिस्टेंट | ₹25,500 | ₹51,000 | ₹72,930 |
| लेवल 6 (GP 4200) | सहायक अनुभाग अधिकारी (ASO) / इंस्पेक्टर | ₹35,400 | ₹70,800 | ₹1,01,244 |
| लेवल 8 (GP 4800) | सीनियर सेक्शन इंजीनियर / AAO | ₹47,600 | ₹95,200 | ₹1,36,136 |
| लेवल 10 (GP 5400) | ग्रुप ‘A’ अधिकारी (IAS / IPS शुरुआती) | ₹56,100 | ₹1,12,200 | ₹1,60,446 |
| लेवल 14 (Apex / JS) | संयुक्त सचिव / वरिष्ठ वैज्ञानिक | ₹1,44,200 | ₹2,88,400 | ₹4,12,412 |
रेलवे बोर्ड का अनुकंपा नियुक्ति पर RBE No. 64/2026 आदेश
Staff News के अनुसार, वेतन आयोग की बैठकों के साथ-साथ प्रशासनिक सुधारों की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं। रेल मंत्रालय (Railway Board) ने 29 अगस्त 2026 को आधिकारिक परिपत्र RBE No. 64/2026 जारी किया বাংলাকে, जिसमें दिवंगत रेल कर्मचारियों के आश्रितों के लिए अनुकंपा के आधार पर नियुक्ति (Compassionate Ground Appointment) के नियमों में बड़ी राहत दी गई है। नए स्पष्टीकरण के तहत यदि कर्मचारी की मृत्यु के समय आश्रित के पास न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता नहीं थी और उसने बाद में योग्यता अर्जित की है, तो उसके आवेदन पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने की प्रक्रिया को सुव्यवस्थित कर दिया गया है।
जुलाई 2026 के महंगाई भत्ते (DA) पर कैबिनेट निर्णय की प्रतीक्षा
वेतन आयोग की दीर्घकालिक सिफारिशों के अतिरिक्त, वर्तमान 7वें वेतन आयोग के तहत केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को जुलाई 2026 से 3% की अतिरिक्त महंगाई भत्ता (DA/DR) वृद्धि मिलना तय हो चुका है। लेबर ब्यूरो द्वारा जारी 12 महीनों के AICPI-IW आंकड़ों (जून 2026 में 151.9 अंक) के आधार पर कुल डीए दर 60% से बढ़कर 63% हो गई है। केंद्रीय मंत्रिमंडल की औपचारिक मंजूरी सितंबर के प्रथम पखवाड़े में मिलने की पूरी संभावना है, जिसके बाद कर्मचारियों को जुलाई, अगस्त और सितंबर का 3 माह का एरियर एक साथ दशहरे से पहले वेतन में जोड़कर दिया जाएगा।
निष्कर्ष
जयपुर में कल से शुरू हो रही 8वें वेतन आयोग की पहली राज्य स्तरीय बैठक केंद्र सरकार के 1 करोड़ से अधिक कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के भविष्य के आर्थिक ढांचे की दिशा तय करने में मील का पत्थर साबित होगी। कर्मचारी संगठनों की मजबूत दलीलें और वैज्ञानिक गणनाएं वेतन विसंगतियों को दूर करने और एक सम्मानजनक वेतन संरचना के निर्माण में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।













