चेन्नई: केंद्र सरकार के 50 लाख से अधिक कर्मचारियों और 65 लाख से अधिक पेंशनभोगियों के वेतन, भत्तों और पेंशन ढांचे को तय करने की प्रक्रिया निर्णायक चरण में पहुंच चुकी है। 8वें केंद्रीय वेतन आयोग (8cpc.gov.in) का उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल, जिसकी अध्यक्षता सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति रंजना प्रकाश देसाई कर रही हैं, आज सोमवार, 7 सितंबर 2026 से चेन्नई में दो दिवसीय गहन परामर्श बैठक शुरू कर चुका है। जयपुर में प्रथम चरण की वार्ता के बाद, चेन्नई में आयोजित इस बैठक में दक्षिण रेलवे मजदूर यूनियन (SRMU), दक्षिण रेलवे कर्मचारी संघ (DREU), इंटीग्रल कोच फैक्ट्री (ICF) कर्मचारी संघ, ऑल इंडिया लोको रनिंग स्टाफ एसोसिएशन (AILRSA) और आवादी रक्षा कारखाना संघों ने आयोग के समक्ष अपने विस्तृत मांगपत्र प्रस्तुत किए हैं। The Economic Times की रिपोर्ट और The Times of India के विश्लेषण के अनुसार, चेन्नई बैठक में रेलवे परिचालन, तकनीकी पर्यवेक्षकों और पेंशन विसंगतियों से जुड़े 5 प्रस्ताव प्रमुखता से उठाए गए हैं。
चेन्नई बैठक का एजेंडा एवं प्रमुख संगठन
चेन्नई में 7 और 8 सितंबर को आयोजित यह क्षेत्रीय परामर्श दक्षिण भारत के केंद्रीय कर्मचारियों की प्राथमिकताओं को आयोग की सिफारिशों में शामिल कराने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। आयोग के सचिव पंकज जैन (आईएएस) की उपस्थिति में निम्नलिखित प्रमुख कर्मचारी संगठनों ने सुनवाई में भाग लिया:
- दक्षिण रेलवे मजदूर यूनियन (SRMU): ऑल इंडिया रेलवेमेन फेडरेशन (AIRF) से संबद्ध, जिसने लोको पायलटों, स्टेशन मास्टरों, ट्रैक मेंटेनर्स और पॉइंट्समैन के वेतन, पदोन्नति और कार्यदशाओं पर विस्तृत प्रेजेंटेशन दिया।
- इंटीग्रल कोच फैक्ट्री (ICF) वर्कर्स यूनियन: वंदे भारत और अमृत भारत कोचों का निर्माण करने वाले तकनीकी कर्मियों के लिए इंसेंटिव और कार्यभार भत्तों में वृद्धि की मांग रखी।
- ऑल इंडिया लोको रनिंग स्टाफ एसोसिएशन (AILRSA): ट्रेन चालकों के किलोमीटर भत्ता (KMA), तनाव भत्ते और रनिंग रूम सुविधाओं पर तथ्यात्मक आंकड़े पेश किए।
- रक्षा उत्पादन कर्मचारी (AIDEF – आवादी HVF): भारी वाहन कारखाना आवादी और ऑर्डनेंस क्लोथिंग फैक्ट्री कर्मियों के जोखिम भत्ते की वकालत की।
- डाक कर्मचारी संघ (NFPE / FNPO): डाक सहायकों के वेतन संवर्ग और ग्रामीण डाक कर्मचारियों के नियमितीकरण पर अपना पक्ष रखा।
चेन्नई बैठक में प्रस्तुत 5 बड़े प्रस्ताव: मुख्य बिंदु
कर्मचारी यूनियनों द्वारा आयोग को सौंपे गए संयुक्त मांगपत्रों में निम्नलिखित 5 प्रमुख बिंदुओं पर तत्काल नीतिगत हस्तक्षेप की मांग की गई है:
1. रनिंग स्टाफ किलोमीटर भत्ता (KMA) में 3.5 गुना वृद्धि
रेलवे के लोको पायलट और ट्रेन मैनेजर निरंतर 10 से 12 घंटे विषम परिस्थितियों में रेल संचालन करते हैं। वर्तमान में किलोमीटर भत्ता (KMA) की दरें काफी कम हैं। यूनियनों ने मांग की है कि KMA की आधार दर को ₹520 प्रति 100 किमी से बढ़ाकर कम से कम ₹1,800 प्रति 100 किमी किया जाए और 130 से 160 किमी/घंटा की गति वाली आधुनिक ट्रेनों के चालकों को विशेष हाई-स्पीड रिस्क अलाउंस दिया जाए।
2. फिटमेंट फैक्टर न्यूनतम 2.86x से 3.68x करने की मांग
कर्मचारी संगठनों ने सरकार के 1.92x या 2.15x के रूढ़िवादी अनुमानों को खारिज करते हुए मांग की है कि वास्तविक खुदरा महंगाई दर के आधार पर फिटमेंट फैक्टर 2.86 से 3.68 होना चाहिए। इससे लेवल-1 का न्यूनतम मूल वेतन ₹18,000 से बढ़कर सीधे ₹51,480 से ₹66,240 के स्तर पर पहुंचेगा।
3. तकनीकी पर्यवेक्षकों (SSE/JE) का संवर्ग अपग्रेडेशन
रेलवे और रक्षा क्षेत्र के सीनियर सेक्शन इंजीनियरों (SSE – लेवल 7) को गंभीर पदोन्नति ठहराव का सामना करना पड़ता है। यूनियनों ने मांग की है कि लेवल-7 के तकनीकी पर्यवेक्षकों को सीधे राजपत्रित ग्रुप ‘B’ का दर्जा मिले और उनका प्रवेश वेतनमान अपग्रेड करके लेवल-8 (₹47,600 बेसिक) किया जाए।
4. कम्यूटेड पेंशन की 12 वर्ष में बहाली
पेंशनभोगियों के संगठनों ने सेवानिवृत्ति के समय कम्यूट कराई गई 40% पेंशन की कटौती को 15 वर्ष के बजाय 11 से 12 वर्ष में स्वतः समाप्त कर पूरी पेंशन बहाल करने और प्री-2026 पेंशनरों को पूर्ण पेंशन पैरिटी देने का आग्रह किया।
5. त्योहारी बोनस गणना सीलिंग को ₹21,000 करना
यूनियनों ने त्योहारी बोनस की गणना के लिए 10 वर्ष पुरानी ₹7,000 की कृत्रिम सीलिंग को तुरंत हटाकर इसे वर्तमान वैधानिक न्यूनतम वेतन यानी ₹21,000 पर निर्धारित करने की मांग उठाई ताकि कर्मचारियों को वास्तविक उत्पादकता का लाभ मिल सके।
चेन्नई में पेश किए गए प्रस्तावों का तुलनात्मक विश्लेषण (तालिका)
नीचे दी गई तालिका में कर्मचारी संगठनों द्वारा चेन्नई बैठक में रखी गई मुख्य मांगों और 7वें वेतन आयोग की वर्तमान स्थिति का स्पष्ट तुलनात्मक विवरण प्रस्तुत है:
| मांग संवर्ग / विषय | 7वें वेतन आयोग में वर्तमान स्थिति | चेन्नई बैठक में यूनियन का प्रस्ताव | संभावित वित्तीय / प्रशासनिक प्रभाव |
|---|---|---|---|
| न्यूनतम मूल वेतन (Level-1) | ₹18,000 प्रति माह (2.57x) | ₹51,480 से ₹66,240 (2.86x – 3.68x) | कर्मचारियों के जीवन स्तर में गुणात्मक सुधार |
| रनिंग स्टाफ किलोमीटर भत्ता (KMA) | ₹520 प्रति 100 किमी | ₹1,800 प्रति 100 किमी + हाई-स्पीड अलाउंस | लोको पायलटों और गार्डों के वेतन में ₹25,000+ की वृद्धि |
| वार्षिक वेतन वृद्धि (Increment) | मूल वेतन का 3% वार्षिक | 5% से 7% वार्षिक चक्रवृद्धि इंक्रीमेंट | 10 वर्षों में ₹11 लाख से ₹29 लाख का संचयी लाभ |
| तकनीकी पर्यवेक्षक (SSE/JE) | लेवल-7 (₹44,900, नॉन-गेजेटेड) | लेवल-8 (₹47,600) + ग्रुप ‘B’ राजपत्रित दर्जा | पदोन्नति ठहराव और वेतन विसंगति का समाधान |
| कम्यूटेड पेंशन बहाली अवधि | 15 वर्ष (पूरी पेंशन कटौती) | 12 वर्ष में पूर्ण बहाली | 72 वर्ष की आयु में बुजुर्गों को 100% पेंशन मिलना शुरू |
8वें वेतन आयोग का परामर्श कार्यक्रम (Schedule of Visits)
परामर्श कैलेंडर के अनुसार, आयोग का देशव्यापी भ्रमण कार्यक्रम इस प्रकार है:
| दौरे का स्थान (City / Region) | निर्धारित बैठक तिथियां | परामर्श की स्थिति / मुख्य हितधारक |
|---|---|---|
| जयपुर (राजस्थान) | 31 अगस्त – 01 सितंबर 2026 | सफलतापूर्वक संपन्न (उत्तर-पश्चिम रेलवे, रक्षा एवं पेंशनर संघ) |
| चेन्नई (तमिलनाडु) | 07 – 08 सितंबर 2026 | आज से जारी (दक्षिण रेलवे, ICF, AIDEF एवं डाक यूनियन) |
| पुडुचेरी (केंद्र शासित प्रदेश) | 09 सितंबर 2026 | केंद्र शासित प्रदेश कर्मचारी एवं प्रशासनिक संगठन |
| चंडीगढ़ (पंजाब/हरियाणा) | 16 – 18 सितंबर 2026 | उत्तर रेलवे, पंजाब-हरियाणा केंद्रीय कर्मचारी परिसंघ |
| बेंगलुरु (कर्नाटक) | 07 – 08 अक्टूबर 2026 | दक्षिण पश्चिम रेलवे, इसरो/डीआरडीओ वैज्ञानिक संस्थान |
निष्कर्ष
चेन्नई में 8वें वेतन आयोग की आज शुरू हुई सुनवाई से स्पष्ट है कि आयोग रेलवे परिचालन और रक्षा उत्पादन संवर्गों की वास्तविक जमीनी चुनौतियों पर गंभीरता से विचार कर रहा है। दक्षिण भारत के कर्मचारी संगठनों द्वारा प्रस्तुत साक्ष्य आयोग के अंतिम प्रतिवेदन को व्यावहारिक और कर्मचारी-हितैषी बनाने में निर्णायक भूमिका निभाएंगे। 8 सितंबर को चेन्नई सत्र की समाप्ति के बाद आयोग 9 सितंबर को पुडुचेरी पहुंचेगा।













