Home / Uncategorized / 8वां वेतन आयोग: पुडुचेरी पहुंचा आयोग, कर्मचारियों की 5 मांगें

8वां वेतन आयोग: पुडुचेरी पहुंचा आयोग, कर्मचारियों की 5 मांगें

पुडुचेरी: केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के वेतन ढांचे में ऐतिहासिक सुधार की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा 8वां केंद्रीय वेतन आयोग (8cpc.gov.in) आज बुधवार, 9 सितंबर 2026 को केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में एक दिवसीय विशेष क्षेत्रीय परामर्श बैठक आयोजित कर रहा है। तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई में 7 और 8 सितंबर को दक्षिण रेलवे, इंटीग्रल कोच फैक्ट्री (ICF) और रक्षा उत्पादन यूनियनों के साथ दो दिवसीय मैराथन बैठकों के सफल समापन के बाद, आयोग का उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति रंजना प्रकाश देसाई और सदस्य-सचिव पंकज जैन (आईएएस) के नेतृत्व में पुडुचेरी पहुंचा है। The Secretariat की विशेष रिपोर्ट और Livemint के विश्लेषण के अनुसार, पुडुचेरी में आयोजित इस सुनवाई में केंद्र शासित प्रदेश (UT) प्रशासन के कर्मचारियों, सरकारी शिक्षकों, पुलिसकर्मियों, स्वास्थ्य कर्मियों और पेंशनर संगठनों ने केंद्रीय समकक्षों के समान पूर्ण वेतन-भत्ता समानता तथा 6% से 7% वार्षिक इंक्रीमेंट से जुड़ी 5 प्रमुख मांगें औपचारिक रूप से आयोग के समक्ष रखी हैं。

पुडुचेरी परामर्श का विशेष महत्व: यूटी कर्मचारियों की चुनौतियां

देश के अन्य राज्यों की तुलना में केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी के कर्मचारियों की सेवा शर्तें और वेतन संरचना सीधे केंद्रीय गृह मंत्रालय और भारत सरकार के नियमों से संचालित होती हैं। 7वें वेतन आयोग के लागू होने के बावजूद, पुडुचेरी के विभिन्न विभागों में कार्य करने वाले लगभग 28,000 नियमित कर्मचारियों और 18,000 से अधिक पेंशनभोगियों को कई स्थानीय विसंगतियों का सामना करना पड़ रहा है。

आज की परामर्श बैठक में पुडुचेरी गवर्नमेंट एम्प्लॉइज एसोसिएशन (PGEA), कंफेडरेशन ऑफ यूटी एम्प्लॉइज, पुडुचेरी स्टेट गवर्नमेंट टीचर्स फेडरेशन और रिटायर्ड ऑफिशियल्स एसोसिएशन के प्रतिनिधियों ने आयोग के साथ आमने-सामने बातचीत की और विस्तृत मांगपत्र प्रस्तुत किए。

पुडुचेरी बैठक में प्रस्तुत 5 सबसे बड़े मांगपत्र

कर्मचारी संगठनों द्वारा आज आयोग के समक्ष निम्नलिखित 5 मुख्य बिंदुओं पर ठोस सिफारिशें करने का आग्रह किया गया:

1. केंद्रीय समकक्षों के साथ शत-प्रतिशत वेतन व भत्ता समानता

पुडुचेरी के कर्मचारियों ने मांग की है कि केंद्र शासित प्रदेश प्रशासन में कार्यरत मिनिस्टीरियल स्टाफ, पुलिस उप-निरीक्षकों, स्टाफ नर्सों और तकनीकी कर्मियों को केंद्रीय सचिवालय तथा दिल्ली प्रशासन (NCT) के समान पदवार पे मैट्रिक्स लेवल और विशेष भत्ते प्रदान किए जाएं। स्थानीय पदोन्नति नियमों में ठहराव के कारण कई कर्मचारी 15-20 वर्षों तक एक ही ग्रेड पे में काम करने को मजबूर हैं。

2. वार्षिक वेतन वृद्धि दर को 3% से बढ़ाकर 6% से 7% करना

चेन्नई के बाद पुडुचेरी में भी वार्षिक इंक्रीमेंट की दर बढ़ाने का मुद्दा प्रमुखता से उठा। कर्मचारी परिसंघों ने तर्क दिया कि 7वें वेतन आयोग का 3% वार्षिक इंक्रीमेंट वास्तविक खुदरा महंगाई की भरपाई करने में असमर्थ है। यदि 8वें वेतन आयोग में इसे बढ़ाकर 6% या 7% चक्रवृद्धि दर पर लागू किया जाता है, तो कर्मचारियों को अपने सेवाकाल के 10 वर्षों में ₹12 लाख से ₹28 लाख तक का अतिरिक्त संचयी वित्तीय लाभ मिलेगा。

3. तटीय एवं विशेष यूटी प्रतिपूरक भत्ता (Coastal & UT Allowance)

पुडुचेरी एक तटीय केंद्र शासित प्रदेश है, जहां चक्रवात और समुद्री आर्द्रता के कारण रहने का खर्च महानगरों के समान ही अधिक रहता है। यूनियनों ने मांग की कि ‘Y’ और ‘Z’ श्रेणी में वर्गीकृत पुडुचेरी और कराइकल क्षेत्रों के लिए विशेष तटीय जीवन-यापन भत्ता शुरू किया जाए तथा मकान किराया भत्ता (HRA) को न्यूनतम 20% से बढ़ाकर 25% किया जाए。

4. संविदा एवं दैनिक वेतनभोगी कर्मियों का नियमितीकरण

पुडुचेरी के नगरपालिकाओं, लोक निर्माण विभाग (PWD) और स्वास्थ्य केंद्रों में हजारों संविदा, दैनिक वेतनभोगी और आउटसोर्स कर्मचारी वर्षों से कार्यरत हैं। एसोसिएशन ने आयोग से सिफारिश की कि 10 वर्ष से अधिक सेवा पूरी कर चुके सभी आकस्मिक कर्मियों को न्यूनतम पे मैट्रिक्स लेवल-1 (₹18,000 आधार) में समाहित कर नियमित किया जाए。

5. पुरानी पेंशन योजना (OPS) बहाली एवं 12 वर्ष में कम्यूटेड पेंशन बहाली

पुडुचेरी के शिक्षक संघों ने राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (NPS) के स्थान पर पुरानी पेंशन योजना (OPS) को प्राथमिकता देने की मांग दोहराई। इसके साथ ही सेवानिवृत्त कर्मचारियों ने कम्यूट कराई गई 40% पेंशन की कटौती को 15 वर्ष के बजाय 11-12 वर्ष में समाप्त करने और प्री-2026 पेंशनरों को पूर्ण नोशनल पैरिटी देने की वकालत की。

6% बनाम 7% वार्षिक इंक्रीमेंट: 10 वर्षों में कर्मचारियों को लाभ (तालिका)

नीचे दी गई तालिका में दर्शाया गया है कि यदि 8वां वेतन आयोग वार्षिक वेतन वृद्धि की दर को वर्तमान 3% से बढ़ाकर 6% या 7% करता है, तो विभिन्न पे लेवल्स के कर्मचारियों को 10 वर्षों में कितना व्यापक वित्तीय लाभ होगा:

पे मैट्रिक्स लेवल / पद 7वें वेतन आयोग का प्रारंभिक मूल वेतन वर्तमान 3% पर 10 वर्ष बाद बेसिक पे प्रस्तावित 6% पर 10 वर्ष बाद बेसिक पे प्रस्तावित 7% पर 10 वर्ष बाद बेसिक पे 7% इंक्रीमेंट पर 10-वर्षीय अनुमानित अतिरिक्त लाभ
लेवल-1 (MTS / ग्रुप ‘D’) ₹18,000 ₹23,500 ₹32,235 ₹35,410 +₹11.15 लाख
लेवल-3 (कांस्टेबल / क्लर्क) ₹21,700 ₹28,400 ₹38,860 ₹42,685 +₹13.45 लाख
लेवल-6 (टीजीटी / सब-इंस्पेक्टर) ₹35,400 ₹46,200 ₹63,395 ₹69,635 +₹21.90 लाख
लेवल-7 (पीजीटी / सेक्शन ऑफिसर) ₹44,900 ₹58,600 ₹80,410 ₹88,325 +₹27.80 लाख
लेवल-8 (लेक्चरर / सहायक अभियंता) ₹47,600 ₹62,200 ₹85,245 ₹93,635 +₹29.40 लाख

8वें वेतन आयोग का आगामी राष्ट्रीय परामर्श कैलेंडर

Ex-Servicemen Info Club के आधिकारिक टूर शेड्यूल के अनुसार, पुडुचेरी में आज का सत्र समाप्त होने के बाद आयोग का देशव्यापी कार्यक्रम इस प्रकार रहेगा:

परामर्श स्थल (City) निर्धारित तारीखें सत्र की स्थिति एवं मुख्य संगठन
जयपुर (राजस्थान) 31 अगस्त – 01 सितंबर 2026 सफलतापूर्वक संपन्न (उत्तर-पश्चिम रेलवे एवं रक्षा कार्मिक)
चेन्नई (तमिलनाडु) 07 – 08 सितंबर 2026 सफलतापूर्वक संपन्न (दक्षिण रेलवे, ICF, डाक एवं रनिंग स्टाफ)
पुडुचेरी (केंद्र शासित प्रदेश) 09 सितंबर 2026 आज जारी (यूटी प्रशासन, शिक्षक एवं पुलिस संघ)
चंडीगढ़ (पंजाब/हरियाणा) 16 – 18 सितंबर 2026 उत्तर रेलवे, पंजाब-हरियाणा केंद्रीय कर्मचारी एवं पेंशनर
बेंगलुरु (कर्नाटक) 07 – 08 अक्टूबर 2026 इसरो/डीआरडीओ वैज्ञानिक, रक्षा संस्थान एवं रेलकर्मी
मुंबई (महाराष्ट्र) 28 – 29 अक्टूबर 2026 मध्य एवं पश्चिम रेलवे, परमाणु ऊर्जा (DAE) एवं नौसेना डॉकयार्ड

निष्कर्ष

पुडुचेरी में 8वें वेतन आयोग की आज की सुनवाई केंद्र शासित प्रदेशों के कर्मचारियों की विशिष्ट भौगोलिक और सेवा संबंधी समस्याओं को राष्ट्रीय स्तर पर रेखांकित करने में अत्यंत सफल रही है। जयपुर, चेन्नई और पुडुचेरी के क्षेत्रीय दौरों से प्राप्त जमीनी सुझाव आयोग की अंतिम रिपोर्ट को अधिक समावेशी बनाएंगे। आज शाम पुडुचेरी सत्र समाप्त होने के बाद आयोग का अगला पड़ाव 16 सितंबर से चंडीगढ़ में होगा。

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *