नई दिल्ली: भारत की प्रतिभाशाली एथलीट तान्या चौधरी ने राजधानी के जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में आयोजित ‘इंडियन एथलेटिक्स फाइनल सीरीज 2026’ में महिलाओं की हैमर थ्रो स्पर्धा में नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड स्थापित कर दिया है। आगामी आईची-नागोया एशियन गेम्स 2026 की तैयारियों के तहत आयोजित इस राष्ट्रीय चयन ट्रायल में तान्या ने 68.35 मीटर का सनसनीखेज थ्रो फेंककर अनुष्का यादव के पिछले राष्ट्रीय रिकॉर्ड (67.02 मीटर) को ध्वस्त कर दिया। इस धमाकेदार थ्रो के साथ तान्या भारतीय इतिहास में सबसे दूर हैमर फेंकने वाली महिला एथलीट बन गई हैं। स्टेडियम में मौजूद खेल प्रेमियों और चयनकर्ताओं ने उनकी इस ऐतिहासिक उपलब्धि का जोरदार स्वागत किया।
कांटे की टक्कर में अनुष्का यादव को पछाड़कर बनाया रिकॉर्ड
Olympics.com की आधिकारिक रिपोर्ट के अनुसार, महिला हैमर थ्रो स्पर्धा में पूर्व राष्ट्रीय रिकॉर्ड धारक अनुष्का यादव और तान्या चौधरी के बीच स्वर्ण पदक के लिए जबरदस्त मुकाबला देखने को मिला। अनुष्का यादव ने भी बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए 66.34 मीटर का थ्रो दर्ज किया और रजत पदक जीता, जबकि कुलविंदर कौर 59.13 मीटर के साथ तीसरे स्थान पर रहीं। लेकिन तान्या के पांचवें प्रयास ने मुकाबला अपने नाम कर लिया और नया कीर्तिमान दर्ज हो गया।
उत्तर प्रदेश के मेरठ की रहने वाली तान्या चौधरी पिछले कुछ वर्षों से लगातार राष्ट्रीय स्तर पर सुधार कर रही थीं। उन्होंने इस उपलब्धि के बाद कहा कि उनका मुख्य लक्ष्य आगामी एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतना है। खेल विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रदर्शन से अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की पदक जीतने की संभावनाएं काफी मजबूत हुई हैं।
इंडियन एथलेटिक्स फाइनल सीरीज 2026: प्रमुख विजेताओं का विवरण
जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में आयोजित इस राष्ट्रीय मीट में भारतीय एथलीटों ने उत्कृष्ट खेल दिखाया। प्रमुख स्पर्धाओं के परिणाम और रिकॉर्ड नीचे दी गई तालिका में प्रस्तुत हैं:
| स्पर्धा (Event) | स्वर्ण पदक विजेता | सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन / समय | रजत पदक विजेता | प्रतियोगिता का मुख्य आकर्षण |
|---|---|---|---|---|
| महिला हैमर थ्रो | तान्या चौधरी | 68.35 मीटर (नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड) | अनुष्का यादव (66.34 मीटर) | अनुष्का का पिछला 67.02m का रिकॉर्ड टूटा |
| पुरुष हैमर थ्रो | निर्भय चौधरी | 71.02 मीटर (नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड) | दमनीत सिंह (68.12 मीटर) | नीरज कुमार का 2016 का रिकॉर्ड (70.73m) ध्वस्त |
| पुरुष 3000m स्टीपलचेज | अविनाश साबले | 8:32.39 मिनट | शुभम भंडारे (8:50.31) | चोट के बाद वापसी में खिताबी जीत |
| महिला 3000m स्टीपलचेज | पारुल चौधरी | 9:22.49 मिनट | प्राची देवकर (10:28.35) | एशियन गेम्स की मजबूत तैयारी का प्रदर्शन |
| पुरुष 100m और 200m स्प्रिंट | अनिमेश कुजूर | 10.21s (100m) / 20.59s (200m) | गुरिंदरवीर सिंह (10.32s) | राष्ट्रीय रिकॉर्ड धारक का स्प्रिंट डबल |
| महिला 100m दौड़ | हारिता भद्रा | 11.22 सेकंड | अबिनया राजराजन (11.31s) | भारत की दूसरी सबसे तेज महिला धाविका |
| पुरुष शॉटपुट (गोला फेंक) | तजिंदरपाल सिंह तूर | 20.64 मीटर | समरदीप सिंह गिल (19.59m) | दो बार के एशियाई चैंपियन का दबदबा |
| पुरुष भाला फेंक (जैवलिन) | रोहित यादव | 81.10 मीटर | मनोज कुमार (80.73m) | 81 मीटर से अधिक थ्रो के साथ जीत |
| महिला भाला फेंक (जैवलिन) | अन्नू रानी | 57.50 मीटर | रश्मि के. (57.22m) | मौजूदा एशियाई चैंपियन ने जीता गोल्ड |
पुरुष वर्ग में भी निर्भय चौधरी ने तोड़ा 10 साल पुराना रिकॉर्ड
The Indian Express की खेल रिपोर्ट के अनुसार, इसी मीट में पुरुषों के हैमर थ्रो में भी नया राष्ट्रीय कीर्तिमान बना। भारतीय एथलीट निर्भय चौधरी ने 71.02 मीटर का थ्रो फेंककर नीरज कुमार के वर्ष 2016 के 70.73 मीटर के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया। यह पहला मौका है जब किसी राष्ट्रीय मीट में एक ही दिन पुरुष और महिला दोनों वर्गों में हैमर थ्रो के राष्ट्रीय रिकॉर्ड टूटे हैं।
दमनीत सिंह 68.12 मीटर के साथ दूसरे और आशीष जाखड़ 67.51 मीटर के साथ तीसरे स्थान पर रहे। एथलेटिक्स महासंघ के अधिकारियों ने दोनों एथलीटों के प्रदर्शन को थ्रोइंग स्पर्धाओं में क्रांतिकारी मोड़ बताया है। लंबे समय तक भारत केवल भाला फेंक में ही पहचाना जाता था, लेकिन अब हैमर थ्रो में भी विश्व स्तरीय प्रदर्शन सामने आ रहा है।
अविनाश साबले, पारुल चौधरी और अनिमेश कुजूर का दबदबा
ट्रैक स्पर्धाओं में अविनाश साबले ने चोट के बाद वापसी करते हुए पुरुषों की 3000 मीटर स्टीपलचेज 8:32.39 मिनट में आसानी से जीत ली। पेरिस ओलंपिक 2024 में 8:09.91 का राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाने वाले साबले की यह वर्ष 2026 की पहली प्रतिस्पर्धी रेस थी। उन्होंने अपनी लय और फिटनेस साबित करते हुए एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक के बचाव का संकेत दिया।
वहीं महिलाओं की स्टीपलचेज में पारुल चौधरी ने 9:22.49 मिनट में पहला स्थान हासिल किया। स्प्रिंट में अनिमेश कुजूर ने 100 मीटर और 200 मीटर दोनों में स्वर्ण जीता। इसके अलावा महिला 100 मीटर में हारिता भद्रा ने 11.22 सेकंड का समय निकालकर इतिहास रच दिया, जिससे वे दूती चंद के बाद भारत की दूसरी सबसे तेज धाविका बन गईं।
मेरठ से अंतरराष्ट्रीय मंच तक तान्या का प्रेरणादायी सफर
The Assam Tribune की विशेष कवरेज के अनुसार, तान्या चौधरी का खेल सफर कठिन परिश्रम की मिसाल रहा है। मेरठ के कैलाश प्रकाश स्टेडियम से शुरुआत करने वाली तान्या ने सीमित संसाधनों के बावजूद कभी हार नहीं मानी। उन्होंने तकनीक, फुटवर्क और शारीरिक मजबूती पर लगातार काम किया।
राष्ट्रीय शिविरों में विदेशी कोचों से तकनीक सीखने और स्ट्रेंथ ट्रेनिंग से उनकी क्षमता में व्यापक सुधार हुआ। विशेषज्ञों का कहना है कि 68 मीटर से अधिक का थ्रो किसी भी एशियन एथलीट के लिए पदक जीतने का मजबूत आधार माना जाता है।
एशियन गेम्स 2026 में पदक की प्रबल दावेदार
जापान के आईची-नागोया में होने वाले आगामी एशियन गेम्स 2026 से ठीक पहले तान्या चौधरी का यह फॉर्म उत्साहवर्धक है। पिछले एशियाई खेलों में पदक आमतौर पर 68 से 71 मीटर के दायरे में रहे हैं। तान्या जिस निरंतरता से प्रदर्शन कर रही हैं, उसे देखते हुए वे पदक की सीधी दावेदार बनकर उभरी हैं।
भारतीय कोचों के अनुसार तान्या की तकनीक में पिछले महीनों में काफी सुधार आया है। उनका रिलीज एंगल और रोटेशन स्पीड अब अंतरराष्ट्रीय मानकों के समकक्ष है। महासंघ उन्हें आगामी खेलों से पूर्व विशेष प्रशिक्षण देने की योजना बना रहा है ताकि वे दबाव में भी इस प्रदर्शन को दोहरा सकें।
निष्कर्ष: भारतीय एथलेटिक्स में महिला शक्ति का नया परचम
संक्षेप में कहें तो तान्या चौधरी का 68.35 मीटर का नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड भारतीय महिला खेलों की बढ़ती ताकत का प्रतीक है। भाला फेंक में शुरू हुई क्रांति अब हैमर थ्रो जैसे खेलों में भी पहुंच चुकी है। तान्या और निर्भय चौधरी की सफलता ने साबित किया है कि भारतीय एथलीट अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई ऊंचाइयों को छूने में सक्षम हैं। पूरा देश अब आगामी एशियाई खेलों में तान्या से तिरंगा लहराने की उम्मीद कर रहा है।













