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8वां एशिया कप जीतकर भी नहीं ली ट्रॉफी: नकवी पर BCCI का कड़ा रुख

दुबई / नई दिल्ली: दुबई इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में रविवार को खेले गए महिला एशिया कप टी20 2026 के रोमांचक फाइनल में भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने श्रीलंका को 72 रनों से हराकर रिकॉर्ड आठवीं बार एशियाई चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया। स्मृति मंधाना और शेफाली वर्मा के आक्रामक अर्धशतकों तथा युवा लेग स्पिनर श्री चरणी की घातक गेंदबाजी (4 विकेट) के दम पर भारत ने 2024 के फाइनल की हार का बदला ले लिया। हालांकि, खिताबी जीत के बाद दुबई के मैदान पर एक ऐसा अप्रत्याशित ड्रामा देखने को मिला जिसने खेल जगत में सनसनी फैला दी। चैंपियन बनने के बावजूद हरमनप्रीत कौर की अगुवाई वाली भारतीय टीम ने एशियन क्रिकेट काउंसिल (ACC) प्रमुख और पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) अध्यक्ष मोहसिन नकवी के हाथों आधिकारिक ट्रॉफी लेने से साफ इनकार कर दिया।

दुबई में ट्रॉफी विवाद: मंच पर क्यों नहीं पहुंची टीम इंडिया?

NDTV Sports की विशेष रिपोर्ट के अनुसार, मैच समाप्त होने के बाद जब आधिकारिक पुरस्कार वितरण समारोह शुरू हुआ, तो भारतीय खिलाड़ी पोडियम पर नहीं आईं। बीसीसीआई के कड़े राजनयिक रुख के तहत पूरी टीम ड्रेसिंग रूम में ही रुकी रही। जब एसीसी प्रमुख मोहसिन नकवी विजेता ट्रॉफी सौंपने मंच पर पहुंचे, तब भारतीय दल का कोई भी सदस्य वहां मौजूद नहीं था। इसके बाद नकवी ने उपविजेता श्रीलंका की कप्तान चमारी अटापट्टू को रनर-अप चेक सौंपा और बिना भारतीय टीम को ट्रॉफी दिए तुरंत स्टेडियम से रवाना हो गए।

भारतीय टीम के मुख्य कोच अमोल मजूमदार ने संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘भारतीय टीम आधिकारिक रूप से चैंपियन है। हमारे लिए हाथ में ट्रॉफी हो या न हो, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। मैदान पर हमारा खेल बोला है और हम विजेता हैं। नकवी से ट्रॉफी न लेना बीसीसीआई का सुविचारित और आधिकारिक रुख है, जिसका हम सम्मान करते हैं।’ बीते वर्ष पुरुष एशिया कप में भी सूर्यकुमार यादव की टीम ने नकवी से ट्रॉफी लेने से इनकार किया था।

फाइनल मुकाबले का स्कोरकार्ड और प्रमुख आंकड़े

दुबई में खेले गए इस फाइनल मुकाबले में दोनों टीमों के प्रदर्शन, स्कोरकार्ड और व्यक्तिगत आंकड़ों का विस्तृत विवरण नीचे दी गई तालिका में प्रस्तुत है:

मुकाबला घटक भारतीय महिला टीम (IND-W) श्रीलंकाई महिला टीम (SL-W) मैच का मुख्य प्रभाव
कुल स्कोर 183/5 (20.0 ओवर) 111 ऑलआउट (20.0 ओवर) भारत 72 रनों से विजयी बना
शीर्ष बल्लेबाज स्मृति मंधाना 59 (39), शेफाली 50 चमारी अटापट्टू 36, विश्मी 20 ओपनिंग में 100+ की साझेदारी
फिनिशिंग योगदान जी. कमलिनी 12* (अंतिम गेंद छक्का) नीलाक्षिका सिल्वा 22 (16 गेंद) भारत ने अंत में तेजी से रन जोड़े
प्रमुख गेंदबाज श्री चरणी 4/18, दीप्ति शर्मा 3/21 चमारी अटापट्टू 1/28, सुगंधिका 1/34 भारतीय स्पिनरों का दबदबा रहा
खिताब रिकॉर्ड 8वां एशिया कप खिताब उपविजेता रही श्रीलंकाई टीम 2024 दांबुला हार का हिसाब बराबर
घटनाक्रम मंच से ट्रॉफी लेने से किया इनकार उपविजेता पुरस्कार स्वीकार किया बीसीसीआई के कड़े रुख का पालन

मंधाना और शेफाली का बल्ला गरजा: भारत ने बनाए 183 रन

The Indian Express की समीक्षा के मुताबिक, टॉस जीतकर कप्तान हरमनप्रीत कौर ने पहले बल्लेबाजी का फैसला किया। स्मृति मंधाना और शेफाली वर्मा ने मैदान पर उतरते ही आक्रामक तेवर दिखाए। मंधाना ने 39 गेंदों पर 59 रनों की शानदार पारी खेली, जिसमें 7 चौके और 2 छक्के शामिल थे। दूसरी ओर शेफाली ने पावरप्ले में श्रीलंकाई गेंदबाजों पर दबाव बनाते हुए अर्धशतक पूरा किया। दोनों सलामी बल्लेबाजों के बीच पहले विकेट के लिए शतकीय साझेदारी हुई, जिसने बड़े स्कोर की नींव रखी।

मध्यक्रम में कप्तान हरमनप्रीत कौर (14) और ऋचा घोष (17) जल्दी आउट हुईं और रन गति कुछ धीमी हुई। लेकिन अपना पहला मैच खेल रही युवा बल्लेबाज गुणालन कमलिनी ने अंतिम 2 गेंदों पर चौका और छक्का जड़कर टीम का स्कोर 183 रनों तक पहुंचाया, जिसने श्रीलंका पर भारी मनोवैज्ञानिक दबाव बनाया।

स्पिनरों का कमाल: चरणी और दीप्ति ने चटकाए अहम विकेट

184 रनों के बड़े लक्ष्य का पीछा करने उतरी श्रीलंका की शुरुआत बेहद निराशाजनक रही। तेज गेंदबाज क्रांति गौड़ ने पहले ही ओवर में इमेशा दुलानी को बोल्ड किया। इसके बाद कप्तान चमारी अटापट्टू (36) ने तेजी से रन बनाने की कोशिश की, लेकिन दीप्ति शर्मा ने उन्हें स्टंप आउट कराकर श्रीलंका की उम्मीदों को बड़ा झटका दिया।

युवा लेग स्पिनर श्री चरणी ने शानदार गेंदबाजी करते हुए 4 ओवर में केवल 18 रन देकर 4 महत्वपूर्ण विकेट झटके। फील्डिंग में नंदिनी शर्मा ने बाउंड्री लाइन पर दो बेहतरीन डाइविंग कैच लपके, जिसके लिए उन्हें टीम का बेस्ट फील्डर पदक दिया गया। श्रीलंका की पूरी टीम 111 रनों पर ढेर हो गई और भारत ने 72 रनों की बड़ी जीत हासिल की।

बीसीसीआई का कड़ा स्टैंड: भारत-पाक संबंधों की पृष्ठभूमि

The Times of India की रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय टीम का यह कदम अचानक लिया गया फैसला नहीं था, बल्कि भारत-पाकिस्तान के कूटनीतिक तनाव के बीच बीसीसीआई का सोचा-समझा निर्णय था। मोहसिन नकवी पीसीबी प्रमुख होने के साथ-साथ पाकिस्तान के गृह मंत्री भी हैं। सीमा पार आतंकवाद और राष्ट्रीय सुरक्षा के गंभीर मुद्दों के चलते भारत सरकार और बीसीसीआई की स्पष्ट नीति रही है कि पाकिस्तानी प्रतिनिधियों के साथ कोई मंच साझा नहीं किया जाएगा।

सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस: फैंस ने सराहा फैसला

दुबई में घटे इस घटनाक्रम के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर भारतीय महिला टीम के समर्थन में जबरदस्त प्रतिक्रिया देखने को मिली। फैंस और पूर्व दिग्गजों ने हरमनप्रीत कौर और टीम के इस साहसिक फैसले की सराहना की। अधिकांश लोगों का कहना था कि राष्ट्रीय स्वाभिमान किसी भी ट्रॉफी से बड़ा है। भारतीय खिलाड़ियों ने ड्रेसिंग रूम में ही अपनी साथी खिलाड़ी नंदिनी शर्मा को पदक पहनाकर जीत का जोरदार जश्न मनाया, जिसका वीडियो इंटरनेट पर तेजी से वायरल हो रहा है।

निष्कर्ष: एशियन गेम्स 2026 के लिए बढ़ा टीम का मनोबल

दुबई में महिला एशिया कप 2026 की यह जीत भारतीय महिला क्रिकेट के पूर्ण दबदबे को प्रमाणित करती है। श्रीलंका को 72 रनों से एकतरफा हराकर भारत ने महाद्वीप में अपनी सर्वोच्चता कायम रखी है। ट्रॉफी विवाद के बावजूद टीम का मनोबल सातवें आसमान पर ক্ষমতায় है, जो आगामी 19 सितंबर से जापान के नागोया में शुरू होने वाले एशियाई खेलों (Asian Games 2026) के लिए अत्यंत शुभ संकेत है। भारतीय महिला टीम अब सीधे जापान रवाना होगी, जहां उसका मुख्य लक्ष्य स्वर्ण पदक जीतकर देश का नाम रोशन करना होगा।

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