निशिन (जापान): भारतीय महिला क्रिकेट टीम की उपकप्तान और स्टार सलामी बल्लेबाज स्मृति मंधाना ने अंतरराष्ट्रीय टी20 क्रिकेट के इतिहास में एक नया स्वर्णिम अध्याय जोड़ दिया है। एशियन गेम्स 2026 के महिला क्रिकेट सेमीफाइनल मुकाबले में बांग्लादेश के खिलाफ मैदान पर उतरते ही 30 वर्षीय बाएं हाथ की इस बल्लेबाज ने दुनिया की महानतम टी20 अंतरराष्ट्रीय बैटर बनने का ऐतिहासिक गौरव हासिल कर लिया। जापान के निशिन स्थित कोरोकी स्पोर्ट्स पार्क में खेले गए इस हाई-वोल्टेज मुकाबले में मंधाना ने न्यूजीलैंड की पूर्व दिग्गज बल्लेबाज सूजी बेट्स के 4,758 रनों के विश्व रिकॉर्ड को ध्वस्त कर दिया। इसके साथ ही वह महिला टी20 अंतरराष्ट्रीय (Women’s T20I) क्रिकेट के इतिहास में सर्वाधिक रन बनाने वाली दुनिया की शीर्ष खिलाड़ी बन गई हैं。
तीसरे ओवर में रचा इतिहास: कैसे टूटा सूजी बेट्स का रिकॉर्ड?
Olympics.com की आधिकारिक रिपोर्ट के अनुसार, सेमीफाइनल मुकाबले में भारतीय टीम टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी थी। स्मृति मंधाना को सूजी बेट्स के विश्व रिकॉर्ड की बराबरी करने के लिए मैच शुरू होने से पहले केवल 7 रनों की दरकार थी। उन्होंने पारी के तीसरे ओवर में बांग्लादेशी तेज गेंदबाज मारूफा अख्तर की गेंदों पर लगातार दो दर्शनीय चौके जड़कर इस ऐतिहासिक मील के पत्थर को छू लिया। ओवर की शुरुआत में 6 रन पर खेल रहीं मंधाना ने शॉर्ट गेंद को फाइन लेग और स्क्वायर लेग के बीच से बाउंड्री के पार भेजकर महिला क्रिकेट इतिहास के इस सबसे बड़े शिखर पर अपना नाम दर्ज करा दिया。
विश्व रिकॉर्ड अपने नाम करने के बाद भी मंधाना का आक्रामक अंदाज थमा नहीं। उन्होंने अगली ही गेंद पर एक और शानदार चौका जड़ा और मात्र 19 गेंदों में 5 चौकों और 2 गगनचुंबी छक्कों की मदद से 37 रनों की तेजतर्रार पारी खेली। मंधाना और उनकी सलामी जोड़ीदार शेफाली वर्मा ने पावरप्ले के छह ओवरों में ही 72 रनों की विस्फोटक साझेदारी कर भारत को तूफानी शुरुआत दिलाई। स्मृति मंधाना के नाम अब 178 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों की 171 पारियों में 4,788 रन दर्ज हो गए हैं, जबकि सूजी बेट्स ने 186 मैचों की 178 पारियों में 4,758 रन बनाए थे。
महिला T20I इतिहास में सर्वाधिक रन बनाने वाली टॉप-5 बल्लेबाज
महिला अंतरराष्ट्रीय टी20 क्रिकेट के शीर्ष रन स्कोरर्स और उनकी प्रमुख उपलब्धियों का विस्तृत सांख्यिकीय विवरण नीचे दी गई तालिका में प्रस्तुत है:
| रैंक एवं खिलाड़ी | देश (टीम) | मैच (पारियां) | कुल रन | अर्धशतक / शतक | करियर की प्रमुख स्थिति |
|---|---|---|---|---|---|
| 1. स्मृति मंधाना | भारत (India) | 178 (171) | 4,788 | 36 / 2 | सक्रिय खिलाड़ी (विश्व की नंबर 1 बैटर) |
| 2. सूजी बेट्स | न्यूजीलैंड (New Zealand) | 186 (178) | 4,758 | 28 / 1 | अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले चुकी हैं |
| 3. हरमनप्रीत कौर | भारत (India) | 177 (158) | 4,327 | 14 / 1 | सक्रिय खिलाड़ी (भारतीय टीम की कप्तान) |
| 4. चमारी अथापथु | श्रीलंका (Sri Lanka) | 145 (143) | 4,282 | 11 / 3 | सक्रिय खिलाड़ी (श्रीलंकाई कप्तान) |
| 5. सोफी डिवाइन | न्यूजीलैंड (New Zealand) | 143 (139) | 3,817 | 21 / 1 | सक्रिय खिलाड़ी (न्यूजीलैंड की दिग्गज) |
100 छक्के और 38 फिफ्टी-प्लस स्कोर: मंधाना के नाम दर्ज हुए अनोखे रिकॉर्ड
Rediff Sports की विशेष रिपोर्ट के अनुसार, स्मृति मंधाना ने न केवल सर्वाधिक रनों का रिकॉर्ड तोड़ा, बल्कि उन्होंने अपने टी20 करियर में 100 छक्कों का जादुई आंकड़ा भी पार कर लिया। वह भारत की ओर से महिला टी20 अंतरराष्ट्रीय में 100 या उससे अधिक छक्के जड़ने वाली पहली महिला क्रिकेटर बन गई हैं। उनकी निडर और आक्रामक बल्लेबाजी शैली ने आधुनिक भारतीय महिला क्रिकेट के स्वरूप को पूरी तरह बदल कर रख दिया है。
इसके अतिरिक्त, महिला टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे ज्यादा 50 से अधिक रन (50-plus scores) बनाने का विश्व कीर्तिमान भी अब स्मृति मंधाना के नाम है। उन्होंने अपने करियर में 2 शतक और 36 अर्धशतक जमाए हैं, जो कुल मिलाकर 38 बार पचास या उससे अधिक का स्कोर बनता है। इस प्रारूप में कोई भी अन्य महिला बल्लेबाज उनके इस निरंतर और असाधारण निरंतरता के स्तर की बराबरी नहीं कर सकी है। खेल के सबसे छोटे प्रारूप में औसतन 125 से अधिक के स्ट्राइक रेट से निरंतर रन बनाना उनकी तकनीकी मजबूती और मानसिक परिपक्वता का सबसे बड़ा प्रमाण है。
मिताली राज से आगे: तीनों फॉर्मेट में भी भारत की शान
वर्ष 2026 स्मृति मंधाना के व्यक्तिगत और पेशेवर करियर के लिए स्वर्णिम वर्ष साबित हो रहा है। इससे पहले उन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के तीनों प्रारूपों (टेस्ट, वनडे और टी20) को मिलाकर भारत की महान पूर्व कप्तान मिताली राज के सबसे अधिक रनों के रिकॉर्ड को भी पीछे छोड़ दिया था। इसके साथ ही वह महिला अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में दुनिया में सबसे ज्यादा शतक लगाने वाली बल्लेबाज भी बन चुकी हैं。
घरेलू क्रिकेट में महाराष्ट्र से निकलकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का परचम लहराने वाली स्मृति ने पिछले एक दशक में भारतीय महिला टीम को कई ऐतिहासिक जीतें दिलाई हैं। उनकी बल्लेबाजी की सबसे बड़ी खूबी उनका टाइमिंग, ऑफ-साइड पर खूबसूरत कवर ड्राइव और दबाव के पलों में संयम बनाए रखना है। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) और दिग्गज क्रिकेटरों ने सोशल मीडिया पर उनकी इस उपलब्धि की मुक्तकंठ से सराहना करते हुए इसे भारतीय खेल जगत का गर्व करार दिया है。
एशियन गेम्स 2026 में भारत का दबदबा: स्वर्ण पदक पर निगाहें
सेमीफाइनल मुकाबले में स्मृति मंधाना की इस ऐतिहासिक पारी और साथी सलामी बल्लेबाज शेफाली वर्मा के 49 गेंदों पर बनाए गए नाबाद 100 रनों के विस्फोटक शतक के दम पर भारत ने 20 ओवरों में 4 विकेट खोकर 195 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया। बांग्लादेश की टीम इस विशाल लक्ष्य के सामने पूरी तरह लड़खड़ा गई और भारतीय टीम ने एकतरफा अंदाज में मैच जीतकर फाइनल में प्रवेश कर लिया。
कप्तान हरमनप्रीत कौर के नेतृत्व में खेल रही भारतीय महिला क्रिकेट टीम अब हांगझोउ 2023 के अपने स्वर्ण पदक के खिताब का सफलतापूर्वक बचाव करने से महज एक कदम दूर है। पूरे टूर्नामेंट में भारतीय टीम का बल्लेबाजी और गेंदबाजी संयोजन बेहद संतुलित और अजेय नजर आया है। टीम के आत्मविश्वास को मंधाना के इस नए विश्व रिकॉर्ड ने दोगुना कर दिया है और फाइनल मुकाबले से पहले ड्रेसिंग रूम का माहौल काफी सकारात्मक है。
निष्कर्ष: महिला क्रिकेट में भारतीय प्रभुत्व का नया युग
स्मृति मंधाना का दुनिया की सबसे सफल टी20 बल्लेबाज बनना केवल एक व्यक्तिगत सांख्यिकीय उपलब्धि नहीं है, बल्कि यह विश्व पटल पर भारतीय महिला क्रिकेट के बढ़ते प्रभुत्व और पेशेवर क्रांति का प्रतीक है। जिस खेल में कभी ऑस्ट्रेलियाई और अंग्रेजी खिलाड़ियों का एकछत्र दबदबा माना जाता था, आज वहां भारतीय बेटियां नए विश्व कीर्तिमान स्थापित कर रही हैं। 30 वर्ष की उम्र में शीर्ष पर पहुंचने के बाद मंधाना के पास अभी कई वर्षों का खेल बाकी है। क्रिकेट फैंस और युवा खेल प्रेमियों के लिए उनका यह ऐतिहासिक सफर प्रेरणा का अटूट स्रोत बना रहेगा。













