नागोया (जापान): जापान के आइची-नागोया में आयोजित 20वें एशियाई खेल 2026 के चौथे दिन बुधवार, 23 सितंबर को भारतीय दल के लिए इतिहास रचने वाला दिन रहा। टोक्यो ओलंपिक की रजत पदक विजेता साइखोम मीराबाई चानू ने 12 वर्षों के लंबे इंतजार और चोटों के संघर्ष को पीछे छोड़ते हुए एशियाई खेलों में ऐतिहासिक रजत पदक (Silver Medal) अपने नाम कर लिया। महिलाओं के 49 किग्रा भारवर्ग में मीराबाई ने कुल 198 किग्रा (स्नैच में 87 किग्रा और क्लीन एंड जर्क में 111 किग्रा) वजन उठाकर देश का गौरव बढ़ाया। एशियाई खेलों के 28 साल के इतिहास में भारोत्तोलन में भारत का यह पहला पदक है। इससे पहले साल 1998 के बैंकॉक एशियाड में कर्णम मल्लेश्वरी ने रजत पदक जीता था。
12 साल का कड़ा इंतजार और चोटों के बाद ऐतिहासिक वापसी
The Hindu की रिपोर्ट के अनुसार, मीराबाई चानू के खेल करियर में एशियाई खेलों का पदक ही एकमात्र ऐसी कमी थी जो अब तक अधूरी थी। पिछले एशियाई खेलों (हांगझोऊ 2023) में मीराबाई क्लीन एंड जर्क के प्रयास में चोटिल हो गई थीं और चौथे स्थान पर रहकर पदक से चूक गई थीं। इसके बाद उन्होंने महीनों तक कठिन रिहैबिलिटेशन में पसीना बहाया। बुधवार को नागोया के खेल परिसर में मीराबाई ने स्नैच स्पर्धा में अपने तीनों प्रयास (83 किग्रा, 85 किग्रा और 87 किग्रा) सफलतापूर्वक पूरे किए। इसके बाद क्लीन एंड जर्क में 111 किग्रा का भार उठाकर पोडियम पर अपनी जगह पक्की कर ली。
इस भारवर्ग में उत्तर कोरिया की री सोंग गम ने 215 किग्रा वजन उठाकर नया विश्व रिकॉर्ड बनाते हुए स्वर्ण पदक जीता। वहीं मीराबाई चानू ने अपने अनुभव और तकनीकी सटीकता से दूसरा स्थान हासिल किया। पदक जीतने के बाद मीराबाई भावुक नजर आईं और उन्होंने इस जीत को देशवासियों तथा कोच विजय शर्मा के मार्गदर्शन को समर्पित किया। मणिपुर के मुख्यमंत्री ने भी सोशल मीडिया पर मीराबाई की इस उपलब्धि की सराहना करते हुए कहा कि उनके जज्बे ने पूरे देश का मस्तक गर्व से ऊंचा किया है。
एशियाई खेल 2026: चौथे दिन भारत के प्रमुख पदकों का विवरण
बुधवार, 23 सितंबर 2026 को भारतीय एथलीटों द्वारा विभिन्न खेलों में जीते गए पदकों और उपलब्धियों का विवरण नीचे दी गई तालिका में प्रस्तुत है:
| खेल / स्पर्धा | एथलीट / टीम का नाम | जीता गया पदक | प्रदर्शन / स्कोर विवरण | ऐतिहासिक महत्व |
|---|---|---|---|---|
| भारोत्तोलन (49 किग्रा) | साइखोम मीराबाई चानू | रजत पदक (Silver) | कुल 198 किग्रा (87kg + 111kg) | 28 साल बाद भारत को मिला वेटलिफ्टिंग पदक |
| सॉफ्ट टेनिस (पुरुष सिंगल्स) | जय मीणा (Jay Meena) | कांस्य पदक (Bronze) | सेमीफाइनल में कड़ा मुकाबला (2-4) | सॉफ्ट टेनिस इतिहास में भारत का पहला पदक |
| बैडमिंटन (पुरुष टीम) | लक्ष्य सेन, सात्विक-चिराग, आयुष | कांस्य पदक (Bronze) | सेमीफाइनल में चीन से 1-3 से पराजय | लगातार दूसरे एशियाड में पदक हासिल किया |
| निशानेबाजी (महिला स्कीट) | रायजा ढिल्लों, माहेश्वरी, परीनाज | कांस्य पदक (Bronze) | 331 अंकों का संयुक्त स्कोर | महिला स्कीट टीम स्पर्धा में शानदार प्रदर्शन |
| निशानेबाजी (पुरुष स्कीट) | अनंतजीत सिंह नरूका व टीम | कांस्य पदक (Bronze) | क्वालिफिकेशन में शीर्ष तीन में जगह | शूटिंग रेंज में भारत का छठा कुल पदक |
| महिला क्रिकेट | हरमनप्रीत कौर व टीम | स्वर्ण पदक (Gold) | श्रीलंका को 147 रनों से हराया | एशियाड क्रिकेट खिताब सफलतापूर्वक बरकरार |
| वुशू (महिला 60 किग्रा) | रोशिबिना देवी नाओरेम | फाइनल में प्रवेश (सिल्वर पक्का) | इंडोनेशियाई खिलाड़ी को 2-0 से मात | लगातार तीसरे एशियाड में व्यक्तिगत पदक तय |
सॉफ्ट टेनिस में जय मीणा ने रचा इतिहास: भारत का पहला कांस्य
NDTV Sports की रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय सॉफ्ट टेनिस खिलाड़ी जय मीणा ने वह कारनामा कर दिखाया जो पहले कोई भारतीय नहीं कर सका था। अपने तीसरे एशियाई खेलों में भाग ले रहे 26 वर्षीय जय मीणा ने पुरुष एकल के सेमीफाइनल में पहुंचकर भारत के लिए पहला ऐतिहासिक कांस्य पदक जीता। सेमीफाइनल में उनका मुकाबला जापान के ताकुया कुरोसाका से हुआ। शुरुआती तीन गेम गंवाने के बाद मीणा ने वापसी करते हुए अगले दो गेम जीते, लेकिन 45 मिनट के संघर्ष के बाद वह 2-4 से हार गए। इस कांस्य पदक ने भारत में सॉफ्ट टेनिस के लिए नए रास्ते खोले हैं。
पुरुष बैडमिंटन टीम ने जीता कांस्य: सात्विक-चिराग की जुझारू जीत
बैडमिंटन कोर्ट से भी भारत के लिए अच्छी खबर आई, जहां पुरुष टीम ने कांस्य पदक हासिल किया। सेमीफाइनल में भारतीय टीम को मजबूत चीन के खिलाफ 1-3 से हार झेलनी पड़ी। भारत के लिए एकमात्र मैच दुनिया की नंबर वन जोड़ी सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी ने जीता। सात्विक-चिराग ने चीन के लियांग वेई केंग और वांग चांग को सीधे सेटों में 21-17, 21-18 से मात दी। हालांकि एकल मैचों में लक्ष्य सेन और आयुष शेट्टी अपने प्रतिद्वंद्वियों से हार गए, जिससे भारत को कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा。
निशानेबाजी में दोहरा कांस्य: स्कीट टीमों का सटीक निशाना
आइची शूटिंग रेंज में भारतीय स्कीट निशानेबाजों ने देश की झोली में दो कांस्य पदक डाले। महिला स्कीट टीम स्पर्धा में रायजा ढिल्लों, माहेश्वरी चौहान और परीनाज धालीवाल की तिकड़ी ने 331 का संयुक्त स्कोर बनाकर तीसरा स्थान हासिल किया। इस स्पर्धा का स्वर्ण चीन और रजत कजाकिस्तान ने जीता। रायजा और परीनाज ने व्यक्तिगत फाइनल के लिए भी जगह बनाई। वहीं पुरुष स्कीट टीम में अनंतजीत सिंह नरूका की अगुआई वाली भारतीय टीम ने भी कांस्य पदक जीता, जो निशानेबाजी में भारत का छठा पदक रहा。
वुशू में रोशिबिना का जलवा: स्वर्ण पदक पर टिकी निगाहें
मार्शल आर्ट्स हॉल में भारत की वुशू खिलाड़ी रोशिबिना देवी नाओरेम ने महिला 60 किग्रा सांडा स्पर्धा के सेमीफाइनल में इंडोनेशिया की थानिया कुसुमानिंगत्यास को 2-0 से हराकर फाइनल में प्रवेश किया। इसके साथ ही रोशिबिना ने कम से বাধ कम रजत पदक पक्का कर लिया है और अब उनकी नजरें स्वर्ण पदक पर हैं। यह रोशिबिना का एशियाड में लगातार तीसरा पदक होगा, इससे पहले उन्होंने 2018 में कांस्य और 2023 में रजत पदक जीता था। इसके अलावा टेबल टेनिस मिक्स्ड डबल्स में मानुष शाह और दीया चितले की जोड़ी ने भी क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई है。
निष्कर्ष: ऐतिहासिक पदकों से भारतीय खेलों में नई ऊर्जा
23 सितंबर 2026 का दिन भारतीय खेलों के लिए मील का पत्थर साबित हुआ है। जहां मीराबाई चानू ने 28 साल बाद भारोत्तोलन में गौरवशाली रजत पदक दिलाया, वहीं सॉफ्ट टेनिस में जय मीणा का कांस्य पदक भारत के बढ़ते खेल कद को दर्शाता है। बैडमिंटन और निशानेबाजी के पदकों ने पदक तालिका में भारत की स्थिति मजबूत की है। मंगलवार को महिला क्रिकेट टीम द्वारा जीते गए स्वर्ण के बाद इन पदकों ने देश भर के खेल प्रेमियों में नया उत्साह भरा है। आगामी दिनों में ट्रैक एंड फील्ड और मुक्केबाजी में भी एथलीटों से शानदार प्रदर्शन की उम्मीद है。













