नई दिल्ली: केंद्र सरकार के 50 लाख से अधिक कर्मचारियों और 68 लाख पेंशनभोगियों के लिए वित्त मंत्रालय ने एक बड़ा और राहतकारी निर्णय लिया है। 28 सितंबर से 30 सितंबर 2026 तक प्रस्तावित तीन दिवसीय राष्ट्रव्यापी बैंक हड़ताल और वित्तीय लेनदेन में संभावित व्यवधान को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार ने सितंबर 2026 का वेतन, मजदूरी और पेंशन निर्धारित समय से पांच दिन पहले यानी शुक्रवार, 25 सितंबर 2026 को जारी करने का आधिकारिक आदेश जारी कर दिया है। वित्त मंत्रालय के व्यय विभाग स्थित लेखा महानियंत्रक (Controller General of Accounts – CGA) कार्यालय द्वारा 23 सितंबर 2026 की देर शाम यह औपचारिक कार्यालय ज्ञापन (Office Memorandum) जारी किया गया।
वित्त मंत्रालय और सीजीए का आधिकारिक आदेश: किन्हें मिलेगा लाभ?
Staff News द्वारा जारी वित्त मंत्रालय आदेश और Livemint की विशेष रिपोर्ट के अनुसार, संयुक्त लेखा महानियंत्रक संचिता शुक्ला द्वारा हस्ताक्षरित आदेश (फा. सं. 03002(2)/1/2020/TA-II/(e-3001)/416) में स्पष्ट किया गया है कि यह अग्रिम भुगतान सभी केंद्रीय नागरिक मंत्रालयों, रक्षा कर्मियों, डाक, दूरसंचार और भारतीय रेलवे के सभी जोनल कर्मचारियों पर एक साथ लागू होगा।
इसके अतिरिक्त केंद्रीय औद्योगिक प्रतिष्ठानों, आयुध निर्माणियों और वर्कशॉप में कार्यरत औद्योगिक कामगारों को भी सितंबर माह की मजदूरी 25 सितंबर को अग्रिम रूप से वितरित की जाएगी। देश के 68 लाख से अधिक केंद्रीय पेंशनरों और पारिवारिक पेंशनभोगियों की मासिक पेंशन भी अधिकृत बैंकों और पे एंड एकाउंट्स ऑफिसों (PAOs) द्वारा 25 सितंबर 2026 को सीधे बैंक खातों में जमा कर दी जाएगी ताकि हड़ताल के दौरान किसी भी बुजुर्ग पेंशनर को आवश्यक दवाओं अथवा घरेलू खर्च के लिए नकदी की कमी न झेलनी पड़े।
सितंबर 2026 वेतन व पेंशन वितरण कार्यक्रम की विस्तृत समय-सारिणी
सामान्य नियमों के अनुसार केंद्र सरकार के कर्मचारियों का वेतन महीने के अंतिम कार्यदिवस (30 सितंबर) को दिया जाता है। बैंक हड़ताल के कारण उत्पन्न स्थिति में संशोधित वितरण कार्यक्रम का तुलनात्मक विवरण नीचे दी गई तालिका में दर्शाया गया है:
| संवर्ग / लाभार्थी श्रेणी | सामान्य भुगतान तिथि | संशोधित अग्रिम भुगतान तिथि | भुगतान माध्यम / प्रणाली | लागू होने वाले विभाग एवं मंत्रालय |
|---|---|---|---|---|
| केंद्रीय सिविल कर्मचारी | 30 सितंबर 2026 | 25 सितंबर 2026 (शुक्रवार) | पीएफएमएस / बैंक सीधे खाते में | सभी केंद्रीय मंत्रालय एवं स्वायत्त संस्थान |
| रक्षा असैन्य व सैन्य कर्मी | 30 सितंबर 2026 | 25 सितंबर 2026 (शुक्रवार) | पीसीडीए / स्पर्श (SPARSH) पोर्टल | सेना, नौसेना, वायुसेना एवं रक्षा प्रतिष्ठान |
| रेलवे कर्मचारी (सभी जोन) | अंतिम कार्यदिवस | 25 सितंबर 2026 (शुक्रवार) | रेलवे पे-रोल सिस्टम (IPAS) | सभी 17 रेलवे जोन एवं उत्पादन इकाइयां |
| डाक व दूरसंचार कर्मचारी | 30 सितंबर 2026 | 25 सितंबर 2026 (शुक्रवार) | डाक पे-अकाउंट्स / एनईएफटी | डाक विभाग एवं दूरसंचार विभाग |
| औद्योगिक कामगार (Wages) | 01 अक्टूबर 2026 | 25 सितंबर 2026 (शुक्रवार) | विभागीय प्रत्यक्ष अंतरण | केंद्रीय वर्कशॉप, ऑर्डनेंस, प्रिंटिंग प्रेस |
| केंद्रीय पेंशनभोगी व परिवार | अंतिम कार्यदिवस | 25 सितंबर 2026 (शुक्रवार) | अधिकृत बैंक शाखाएं एवं सीपीपीसी | 68 लाख से अधिक सिविल, डिफेंस व रेल पेंशनर |
क्यों हो रही है 3 दिवसीय देशव्यापी बैंक हड़ताल?
वित्तीय सेवा विभाग (DFS) के अनुसार, बैंक यूनियनों के शीर्ष संगठन यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) ने 28, 29 और 30 सितंबर 2026 को देशव्यापी हड़ताल का आह्वान किया है। यूएफबीयू देश के लगभग 90 प्रतिशत बैंक कर्मियों का प्रतिनिधित्व करता है। यूनियनों की प्रमुख मांग 5-दिवसीय बैंकिंग सप्ताह लागू करने, पेंशन अपडेशन, पुरानी पेंशन (OPS) बहाली और नई भर्तियों की है।
चूंकि 26 सितंबर को चौथा शनिवार और 27 सितंबर को रविवार था, अतः 28 से 30 सितंबर की हड़ताल से लगातार 5 दिनों तक पूरे देश में बैंकिंग सेवाएं ठप रहने का गंभीर खतरा था। इसके साथ ही 30 सितंबर को चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही (Half-Yearly Closing) होने के कारण चेक क्लीयरेंस, कर चालान और बड़े वित्तीय लेनदेन बुरी तरह प्रभावित होने की आशंका थी।
नागरिकों की सुविधा के लिए रविवार, 27 सितंबर को खुले रहेंगे बैंक
लगातार पांच दिनों के बैंकिंग संकट से आम जनता, किसानों और व्यापारियों को बचाने के लिए वित्त मंत्रालय और भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने विशेष आदेश जारी कर घोषणा की है कि देश के सभी सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक (PSBs) और क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक (RRBs) आगामी रविवार, 27 सितंबर 2026 को सामान्य कार्यदिवस की तरह पूरी तरह खुले रहेंगे।
रिजर्व बैंक ने सभी बैंक शाखाओं, प्रशासनिक कार्यालयों, एटीएम और करेंसी चेस्टों को 27 सितंबर को पूर्ण रूप से संचालित रखने की विशेष प्रशासनिक स्वीकृति दी है। नीचे दी गई तालिका में आगामी दिनों का पूरा बैंकिंग कैलेंडर स्पष्ट किया गया है:
| तारीख एवं दिन | बैंकों की संचालन स्थिति | सरकारी निर्देश एवं व्यवस्था | जनता और कर्मचारियों पर प्रभाव |
|---|---|---|---|
| 25 सितंबर (शुक्रवार) | सामान्य रूप से खुले | सरकारी वेतन व पेंशन का अग्रिम भुगतान | वेतन-पेंशन खाते में जमा, सामान्य निकासी संभव |
| 26 सितंबर (शनिवार) | बंद (चौथा शनिवार) | नियमित बैंकिंग अवकाश नियमावली | शाखाएं बंद रहेंगी, डिजिटल और एटीएम चालू |
| 27 सितंबर (रविवार) | असाधारण रूप से खुले रहेंगे | वित्त मंत्रालय व RBI का विशेष आदेश | शाखाओं में सामान्य नकद, जमा व चेक लेनदेन चालू |
| 28 सितंबर (सोमवार) | हड़ताल के कारण प्रभावित | UFBU राष्ट्रव्यापी हड़ताल का पहला दिन | सार्वजनिक बैंकों में कामकाज बाधित रहने के आसार |
| 29 सितंबर (मंगलवार) | हड़ताल के कारण प्रभावित | UFBU राष्ट्रव्यापी हड़ताल का दूसरा दिन | चेक क्लीयरिंग और शाखा स्तर पर कार्य ठप रहने की संभावना |
| 30 सितंबर (बुधवार) | हड़ताल + छमाही बंदी | UFBU राष्ट्रव्यापी हड़ताल + हाफ ईयरली क्लोजिंग | तिमाही क्लोजिंग लेनदेन और शाखा सेवाएं प्रभावित |
अग्रिम वेतन के समायोजन और कटौती के अनिवार्य नियम
लेखा महानियंत्रक के ज्ञापन के बिंदु संख्या 4 में स्पष्ट किया गया है कि 25 सितंबर को जारी राशि ‘अग्रिम भुगतान’ (Advance Payment) मानी जाएगी। पूरे महीने के वेतन की अंतिम गणना बाद晚 में की जाएगी।
यदि किसी कर्मचारी के सितंबर माह के वेतन में किसी प्रकार का अंतर, अनुपस्थिति अथवा अन्य कोई विभागीय रिकवरी निकलती है, तो उसका समायोजन अनिवार्य रूप से अक्टूबर 2026 के वेतन बिल से किया जाएगा। सभी आहरण एवं संवितरण अधिकारियों (DDOs) और वेतन एवं लेखा कार्यालयों (PAOs) को बिल तैयार कर बैंकों को 25 सितंबर की सुबह तक भेजने के सख्त निर्देश दिए गए हैं।
त्योहारी सीजन से पहले कर्मचारियों के हाथ में नकदी, बाजारों में उत्साह
अक्टूबर के पहले पखवाड़े में शुरू हो रहे दशहरा और दीवाली के बड़े त्योहारी सीजन से ठीक पहले समय से वेतन और पेंशन मिल जाने से कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के परिवारों ने राहत की सांस ली है। बैंक हड़ताल के बीच वित्तीय संकट में फंसने से बचकर 1 करोड़ से अधिक परिवार समय पर अपनी आवश्यक खरीद और त्योहारी तैयारियां पूरी कर सकेंगे। कर्मचारी संगठनों ने सरकार के इस त्वरित और संवेदनशील निर्णय का स्वागत किया है।













