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मीराबाई चानू का ऐतिहासिक रजत: 28 साल बाद मिला एशियन गेम्स मेडल

नागोया (जापान): भारत की दिग्गज भारोत्तोलक (वेटलिफ्टर) और ओलंपिक पदक विजेता साइखोम मीराबाई चानू ने गुरुवार, 24 सितंबर 2026 को एशियन गेम्स 2026 में इतिहास रच दिया। जापान के आईची-नागोया में आयोजित 20वें एशियाई खेलों के भारोत्तोलन मुकाबले में मीराबाई चानू ने महिलाओं के 49 किलोग्राम भार वर्ग में कुल 198 किग्रा वजन उठाकर रजत पदक (Silver Medal) अपने नाम किया। इस शानदार और ऐतिहासिक जीत के साथ मीराबाई ने एशियाई खेलों के भारोत्तोलन में भारत के 28 साल लंबे पदक के सूखे को समाप्त कर दिया। इससे पहले वर्ष 1998 के बैंकॉक एशियन गेम्स में दिग्गज कर्णम मल्लेश्वरी ने भारत के लिए रजत पदक जीता था, जिसके बाद से कोई भी भारतीय महिला या पुरुष भारोत्तोलक एशियाड के पोडियम तक नहीं पहुंच सका था。

स्नैच और क्लीन एंड जर्क में मीराबाई का शानदार प्रदर्शन

The Hindu की विशेष रिपोर्ट के अनुसार, मीराबाई चानू ने मुकाबले की शुरुआत से ही आत्मविश्वास और दृढ़ संकल्प का परिचय दिया। स्नैच वर्ग में मीराबाई ने अपने पहले प्रयास में 84 किग्रा और दूसरे प्रयास में 87 किग्रा का सफल भार उठाया। इसके बाद क्लीन एंड जर्क स्पर्धा में, जो उनका पारंपरिक रूप से सबसे मजबूत पक्ष माना जाता है, उन्होंने 111 किग्रा वजन सफलतापूर्वक उठाकर कुल 198 किग्रा का स्कोर खड़ा किया。

प्रतियोगिता में उत्तर कोरिया की दिग्गज भारोत्तोलक री सोंग गम ने 215 किग्रा के कुल भार के साथ स्वर्ण पदक जीता, जबकि इंडोनेशिया की विंडी केंटिका ऐसाह ने 193 किग्रा भार उठाकर कांस्य पदक प्राप्त किया। मीराबाई का यह पदक इसलिए भी अत्यंत असाधारण है क्योंकि पिछले 25 वर्षों से एशियाई देशों की महिला भारोत्तोलकों का इस 48-49 किग्रा वर्ग में वैश्विक दबदबा रहा है और दुनिया के 30 में से 27 ओलंपिक पदक इसी महाद्वीप की एथलीटों ने जीते हैं。

एशियन गेम्स 2026: महिला 49 किग्रा भारोत्तोलन पदक तालिका एवं आंकड़े

नागोया में आयोजित महिला 49 किलोग्राम भारोत्तोलन फाइनल के आधिकारिक परिणाम, वजन उठाने का विवरण और पदक तालिका का पूरा ब्यौरा नीचे दी गई तालिका में संकलित है:

एथलीट का नाम देश (प्रतिनिधित्व) स्नैच (किग्रा) क्लीन एंड जर्क (किग्रा) कुल भार (किग्रा) पदक स्थिति
री सोंग गम (Ri Song Gum) उत्तर कोरिया (PRK) 95 किग्रा 120 किग्रा 215 किग्रा स्वर्ण पदक (Gold)
मीराबाई चानू (Mirabai Chanu) भारत (IND) 87 किग्रा 111 किग्रा 198 किग्रा रजत पदक (Silver)
विंडी केंटिका ऐसाह (Windy Aisah) इंडोनेशिया (INA) 86 किग्रा 107 किग्रा 193 किग्रा कांस्य पदक (Bronze)
रोसफ़िना मुस्तफ़ा मलेशिया (MAS) 82 किग्रा 103 किग्रा 185 किग्रा चौथा स्थान
चेन वेन-हुई चीनी ताइपे (TPE) 80 किग्रा 102 किग्रा 182 किग्रा पांचवां स्थान

‘लगता है जैसे जिंदगी पूरी हो गई’: पदक के बाद मीराबाई का भावुक बयान

मुकाबले के बाद पोडियम पर तिरंगे के साथ खड़ी मीराबाई चानू की आंखें खुशी से भर आईं। उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा, ‘मैं आज बेहद खुश और हल्का महसूस कर रही हूं। ऐसा लग रहा है मानो मेरे कंधों से कोई बहुत भारी बोझ हमेशा के लिए उतर गया हो। मुझे महसूस हो रहा है कि आज मेरी जिंदगी पूरी हो गई है (इट फील्स कि लाइफ कंप्लीट हो गया)।’ मीराबाई के करियर में कॉमनवेल्थ गेम्स के स्वर्ण पदक, विश्व चैंपियनशिप का खिताब और टोक्यो ओलंपिक का रजत पदक पहले से दर्ज था, लेकिन एशियन गेम्स का मेडल लगातार उनके हाथ से फिसल रहा था。

याद दिला दें कि 2014 के इंचियोन खेलों में वे मामूली अंतर से पदक से चूक गई थीं, जबकि 2018 के जकार्ता खेलों में कमर की चोट के कारण वे नहीं खेल सकी थीं। हांग्जो 2023 में कूल्हे की मांसपेशी में गंभीर खिंचाव के चलते 117 किग्रा उठाने के प्रयास में वे मंच पर ही गिर पड़ी थीं और उन्हें गोद में उठाकर बाहर ले जाना पड़ा था। पेरिस ओलंपिक के बाद ओलंपिक भार वर्ग बदलकर 53 किग्रा होने के बावजूद मीराबाई ने नागोया एशियन गेम्स के पोडियम के सपने को पूरा करने के लिए 49 किग्रा वजन बनाए रखा और इस ऐतिहासिक पदक को हासिल किया。

सॉफ्ट टेनिस, बैडमिंटन और स्कीट शूटिंग में भी भारत का परचम

DD India की खेल रिपोर्ट के अनुसार, एशियन गेम्स के पांचवें दिन भारतीय दल ने अन्य खेलों में भी ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल कीं। सॉफ्ट टेनिस के पुरुष सिंगल्स वर्ग में भारत के जय मीणा ने कांस्य पदक जीतकर इतिहास रच दिया। यह एशियन गेम्स के इतिहास में सॉफ्ट टेनिस स्पर्धा में भारत का अब तक का पहला पदक है। सेमीफाइनल मुकाबले में जय मीणा ने कड़ा संघर्ष किया और जापान के खिलाड़ी से मामूली अंतर से हारकर कांस्य पदक सुनिश्चित किया。

इसके अलावा निशानेबाजी में भारतीय स्कीट टीमों ने दोहरे कांस्य पदक पर निशाना साधा। महिला स्कीट टीम स्पर्धा में परिनाज़ धालीवाल, रायज़ा ढिल्लों और माहेश्वरी चौहान की तिकड़ी ने 331 के स्कोर के साथ कांस्य पदक जीता। वहीं पुरुषों की स्कीट टीम में अनंतजीत सिंह नरूका, मैराज अहमद खान और भवतेग सिंह गिल ने शूट-ऑफ में कजाकिस्तान को पछाड़कर कांस्य पदक हासिल किया। बैडमिंटन में सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी ने चीन के विश्व चैंपियनों को सीधे सेटों में 21-11, 22-20 से हराकर भारतीय पुरुष टीम को कांस्य पदक दिलाया。

महिला हॉकी टीम का दबदबा: थाईलैंड को 20-1 से रौंदा

भारतीय महिला हॉकी टीम ने अपने आक्रामक खेल का असाधारण मुजाहिरा पेश करते हुए थाईलैंड को एकतरफा मुकाबले में 20-1 के विशाल अंतर से करारी शिकस्त दी। टूर्नामेंट में यह भारतीय टीम की लगातार तीसरी जीत रही। इस मैच में भारतीय स्टार फॉरवर्ड दीपिका सहरावत ने अकेले 9 गोल दागकर एशियन गेम्स के किसी एक हॉकी मैच में सर्वाधिक गोल करने का नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। वहीं वुशु (मार्शल आर्ट्स) में नाओरेम रोशिबिना देवी ने महिलाओं के 60 किग्रा सांडा वर्ग के फाइनल में प्रवेश कर देश के लिए एक और पदक पक्का कर लिया है。

निष्कर्ष: भारतीय खेलों के लिए स्वर्णिम युग की नई इबारत

24 सितंबर 2026 का दिन भारतीय खेल इतिहास में एक अविस्मरणीय अध्याय के रूप में दर्ज हो गया है। मीराबाई चानू का 28 साल बाद जीता गया यह रजत पदक केवल एक मेडल नहीं, बल्कि चोटों, असफलताओं और आंसुओं पर अदम्य मानवीय इच्छाशक्ति की जीत का प्रतीक है। जिस एथलीट को हांग्जो में स्ट्रेचर पर ले जाना पड़ा था, उसी वीरांगना ने नागोया में तिरंगा लहराकर पूरे राष्ट्र का मस्तक गर्व से ऊंचा कर दिया है। मीराबाई की यह ऐतिहासिक कामयाबी देश के करोड़ों युवाओं और उदीयमान एथलीटों को हर विपरीत परिस्थिति से लड़कर विजयी होने की अमर प्रेरणा देती रहेगी。

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