Home / Uncategorized / सेंसेक्स 315 अंक उछलकर 73,896 पर बंद: निफ्टी 23,140 पार पहुंचा

सेंसेक्स 315 अंक उछलकर 73,896 पर बंद: निफ्टी 23,140 पार पहुंचा

मुंबई: लगातार कई कारोबारी सत्रों की भारी गिरावट और अनिश्चितता के बाद भारतीय शेयर बाजार में सप्ताहांत पर राहत भरी वापसी देखने को मिली। शुक्रवार, 25 सितंबर 2026 के कारोबारी सत्र के समापन पर घरेलू बेंचमार्क सूचकांक बीएसई सेंसेक्स और एनएसई निफ्टी 50 हरे निशान में बंद होने में सफल रहे। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 315.20 अंक यानी 0.43 प्रतिशत की बढ़त दर्ज करते हुए 73,895.74 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का 50 शेयरों वाला निफ्टी 77.40 अंक यानी 0.34 प्रतिशत चढ़कर 23,140.50 के स्तर पर बंद हुआ। निचले स्तरों पर घरेलू संस्थागत निवेशकों की ओर से की गई मूल्य-आधारित खरीदारी और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल में नरमी ने बाजार को आवश्यक सहारा प्रदान किया。

कच्चे तेल में नरमी और कूटनीतिक वार्ताओं से संभला बाजार

Business Standard की बाजार रिपोर्ट के अनुसार, शेयर बाजार में इस तकनीकी सुधार की मुख्य वजह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में आई नरमी रही। पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच अमेरिका और ईरान के वार्ताकारों द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य को सुचारू रखने और व्यापारिक प्रतिबंधों में चरणबद्ध ढील देने को लेकर सकारात्मक चर्चाओं की खबरों से ऊर्जा बाजार शांत हुआ। अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड अपने हालिया $108 प्रति बैरल के उच्च स्तर से फिसलकर $104 के दायरे में आ गया, जिससे भारत के लिए आयात बिल और मुद्रास्फीति का दबाव कम होने की उम्मीद बंधी。

वित्तीय विश्लेषकों का स्पष्ट मानना है कि भारत अपनी जरूरत का 85 प्रतिशत कच्चा तेल आयात करता है। ऐसे में क्रूड में नरमी से ऑटो, पेंट और सीमेंट कंपनियों के मार्जिन को सीधी सुरक्षा मिलती है। हालांकि, साप्ताहिक आधार पर सूचकांकों ने नुकसान दर्ज किया है, क्योंकि विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPIs) की लगातार बिकवाली और अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में मजबूती ने बाजार की व्यापक बढ़त को सीमित रखा。

बाजार समापन का मुख्य डेटा: प्रमुख सूचकांक और दिग्गज शेयर

शुक्रवार को बाजार बंद होने के समय प्रमुख सूचकांकों, कमोडिटी कीमतों और शीर्ष लाभ-हानि वाले शेयरों का आधिकारिक विवरण नीचे दी गई तालिका में संकलित है:

वित्तीय संकेतक / शेयर अंतिम बंद स्तर (25 सितंबर 2026) पिछला बंद (24 सितंबर 2026) शुद्ध बदलाव (अंक / %) बाजार पर प्रमुख प्रभाव
बीएसई सेंसेक्स (BSE Sensex) 73,895.74 73,580.54 +315.20 अंक (+0.43%) लगातार बिकवाली के बाद सकारात्मक समापन
एनएसई निफ्टी 50 (NSE Nifty) 23,140.50 23,063.10 +77.40 अंक (+0.34%) 23,100 के अहम तकनीकी स्तर के ऊपर वापसी
एक्सिस बैंक (Axis Bank) ₹1,185.40 ₹1,153.10 +2.80% (टॉप गेनर) बैंकिंग सेक्टर में सबसे मजबूत खरीदारी समर्थन
महिंद्रा एंड महिंद्रा (M&M) ₹2,842.00 ₹2,780.80 +2.20% (बढ़त) ऑटो सेक्टर में त्योहारी मांग का सकारात्मक असर
एशियन पेंट्स (Asian Paints) ₹3,120.50 ₹3,062.30 +1.90% (मजबूती) कच्चे तेल में गिरावट से लागत कम होने की उम्मीद
बजाज फाइनेंस (Bajaj Finance) ₹7,210.00 ₹7,124.50 +1.20% (तेजी) एनबीएफसी में खरीदारी से वित्तीय इंडेक्स को बल
ट्रेंट लिमिटेड (Trent Ltd) ₹6,840.00 ₹6,937.10 -1.40% (टॉप लूजर) रिटेल सेक्टर में मुनाफावसूली से गिरावट
इंफोसिस (Infosys) ₹1,845.20 ₹1,860.10 -0.80% (कमजोरी) अमेरिकी तकनीकी खर्च में सुस्ती की चिंताएं हावी

सेक्टरवार प्रदर्शन: बैंकिंग और ऑटो चमके, आईटी पर दबाव

ET Now News की रिपोर्ट के मुताबिक, शुक्रवार के कारोबारी सत्र में बैंकिंग और ऑटोमोबाइल क्षेत्रों ने बाजार को संभालने में सबसे अग्रणी भूमिका निभाई। निजी क्षेत्र के प्रमुख ऋणदाता एक्सिस बैंक के शेयरों में 2.8 प्रतिशत की जोरदार उछाल दर्ज की गई, जिससे बैंक निफ्टी को नई मजबूती मिली। ऑटो दिग्गज महिंद्रा एंड महिंद्रा में 2.2 प्रतिशत की बढ़त रही, जिसका मुख्य कारण मजबूत एसयूवी बुकिंग और ग्रामीण मांग में सुधार रहा। कच्चे तेल में नरमी के चलते एशियन पेंट्स के शेयरों में भी 1.9 प्रतिशत की तेजी आई。

दूसरी तरफ, आईटी क्षेत्र में कमजोरी जारी रही। दिग्गज कंपनी इंफोसिस के शेयर 0.8 प्रतिशत गिरकर बंद हुए, जबकि विप्रो और टीसीएस में भी सीमित दायरा रहा। अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में तेजी और विदेशी क्लाइंट्स के आईटी बजट में संभावित कटौती के डर से आईटी इंडेक्स दबाव में रहा। वहीं हाल में बेहतर प्रदर्शन करने वाली रिटेल दिग्गज ट्रेंट लिमिटेड में मुनाफावसूली हावी रही और शेयर 1.4 प्रतिशत फिसलकर निफ्टी का सबसे बड़ा लूजर बना। इसके अलावा कोटक महिंद्रा बैंक में भी 0.5 प्रतिशत की मामूली गिरावट रही。

विदेशी बिकवाली बनाम घरेलू संस्थागत निवेशकों का सहारा

NDTV Profit की रिपोर्ट के अनुसार, शेयर बाजार में दो बड़ी वित्तीय ताकतों के बीच संतुलन देखा जा रहा है। जहां विदेशी संस्थागत निवेशक (FIIs) डॉलर की मजबूती और अमेरिकी यील्ड के चलते निकासी कर रहे हैं, वहीं घरेलू संस्थागत निवेशक (DIIs) म्यूचुअल फंड एसआईपी के दम पर आक्रामक खरीदारी कर रहे हैं。

बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि खुदरा निवेशकों की बढ़ती भागीदारी ने घरेलू बाजार को वैश्विक झटकों के सामने एक ठोस सुरक्षा कवच दिया है। यदि घरेलू फंड्स का यह मजबूत समर्थन न मिलता, तो विदेशी बिकवाली के दबाव में सूचकांकों में और बड़ी गिरावट आ सकती थी। शुक्रवार को भी घरेलू फंड्स की शुद्ध खरीदारी ने सेंसेक्स को निचले स्तरों से 300 से अधिक अंक ऊपर खींचने में मदद की。

साप्ताहिक समीक्षा: लंबी गिरावट के बाद संभलने की कोशिश

यदि पूरे कारोबारी सप्ताह का विश्लेषण करें, तो निफ्टी 50 ने लगातार कई हफ्तों की गिरावट की श्रृंखला के बाद अब स्थायित्व के संकेत दिए हैं। पश्चिम एशिया का भू-राजनीतिक तनाव और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के चलते बड़े संस्थागत निवेशक सतर्क हैं। शुक्रवार की यह 315 अंकों की रिकवरी ट्रेडर्स के लिए राहत लेकर आई है, लेकिन इसे स्थायी रिवर्सल मानने से पहले बाजार को आगामी कारोबारी सत्रों में उच्च स्तरों पर टिके रहना होगा。

विशेषज्ञों की राय और खुदरा निवेशकों के लिए रणनीति

तकनीकी विश्लेषकों का मानना है कि निफ्टी 50 के लिए 23,000 से 22,950 का स्तर अत्यंत मजबूत और निर्णायक सपोर्ट बना हुआ है। जब तक सूचकांक इसके ऊपर बना रहता है, तब तक निचले स्तरों से पुलबैक रैलियों की उम्मीद रहेगी। ऊपर की ओर 23,300 और 23,450 पर कड़ा प्रतिरोध है। जानकारों की सलाह है कि खुदरा निवेशक अत्यधिक लीवरेज वाले सौदों से बचें और फंडामेंटली मजबूत लार्ज-कैप शेयरों में किस्तों में व्यवस्थित निवेश जारी रखें。

निष्कर्ष और आगामी कारोबारी रुख

संक्षेप में, 25 सितंबर 2026 का सत्र भारतीय बाजार के लिए निराशा के बीच एक नई उम्मीद की किरण लेकर आया है। सेंसेक्स का 73,896 पर और निफ्टी का 23,140 के पार टिकना दर्शाता है कि घरेलू बाजार बुनियादी रूप से सुदृढ़ हैं और वैश्विक चुनौतियों को सहने की क्षमता रखते हैं। हालांकि, वैश्विक अनिश्चितताओं के कारण उतार-चढ़ाव बना रहेगा। सोमवार को बाजार की चाल गिफ्ट निफ्टी, सप्ताहांत के वैश्विक घटनाक्रमों और कच्चे तेल के रुख पर निर्भर करेगी। निवेशकों को अनुशासित दृष्टिकोण बनाए रखने की आवश्यकता है。

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *