आईची-नागोया / नई दिल्ली: एशियन गेम्स 2026 के आठवें दिन (रविवार, 27 सितंबर 2026) भारतीय खेल प्रशंसकों के लिए बड़ी खुशखबरी आई। भारत के स्टार स्क्वैश खिलाड़ी अभय सिंह ने ऐतिहासिक प्रदर्शन跨 करते हुए पुरुष एकल स्पर्धा में देश को रजत पदक (Silver Medal) दिलाया। इसके साथ ही इन खेलों में भारत के कुल पदकों की संख्या बढ़कर 31 हो गई है। अभय सिंह दिग्गज सौरव घोषाल के बाद एशियाई खेलों के इतिहास में पुरुष एकल स्क्वैश के फाइनल में पहुंचने वाले केवल दूसरे भारतीय खिलाड़ी बने हैं। फाइनल मुकाबले में उन्हें मलेशिया के एनजी ईन यो के हाथों हार मिली। दूसरी ओर, मुक्केबाजी में अंकुश पंघाल ने सेमीफाइनल में पहुंचकर भारत के लिए एक और पदक पक्का कर दिया है।
अभय सिंह का ऐतिहासिक सफर: फाइनल में मलेशियाई खिलाड़ी से कड़ी टक्कर
NDTV Sports की रिपोर्ट के मुताबिक, पुरुष एकल स्क्वैश के फाइनल मुकाबले में अभय सिंह ने शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाया। मलेशियाई प्रतिद्वंद्वी एनजी ईन यो के खिलाफ पहला गेम बेहद कड़ा रहा, जहां लंबी रैलियां देखने को मिलीं। लेकिन अनुभवी मलेशियाई खिलाड़ी ने अहम पलों में शानदार खेल दिखाते हुए पहला गेम 11-9 से अपने नाम कर लिया। दूसरे गेम में मलेशियाई स्टार ने 11-5 से बढ़त बना ली।
दो गेम से पिछड़ने के बावजूद अभय ने तीसरे गेम में वापसी का जज्बा दिखाया और 4-2 की बढ़त बनाई। हालांकि एनजी ईन यो ने संयम बरतते हुए स्कोर 5-5 से बराबर किया और लगातार अंक बनाकर गेम 11-5 से जीत लिया। मुकाबले के बाद भावुक अभय सिंह ने कहा कि वे यहां सिर्फ रजत नहीं बल्कि स्वर्ण पदक जीतने के इरादे से उतरे थे। उन्होंने स्वीकार किया कि प्रतिद्वंद्वी का अंतरराष्ट्रीय अनुभव भारी पड़ा, लेकिन उनका पूरा ध्यान अब आगामी टीम स्पर्धा में भारत को स्वर्ण दिलाने पर रहेगा।
एशियन गेम्स 2026 डे 8: भारतीय एथलीटों के परिणाम तालिका
रविवार को एशियन गेम्स के आठवें दिन प्रमुख खेल स्पर्धाओं में भारतीय खिलाड़ियों के आधिकारिक परिणाम और स्थिति का ब्योरा नीचे दी गई तालिका में प्रस्तुत है:
| खेल स्पर्धा | भारतीय एथलीट / टीम | इवेंट श्रेणी | आज का परिणाम | अंतिम स्थिति / पदक |
|---|---|---|---|---|
| स्क्वैश | अभय सिंह | मेंस सिंगल्स फाइनल | मलेशिया के एनजी ईन यो से 0-3 से पराजित | रजत पदक (31वां पदक) |
| स्क्वैश | अनाहत सिंह | विमेंस सिंगल्स फाइनल | एस. शिवसंगरी (मलेशिया) से मुकाबला | ऐतिहासिक पदक की जंग |
| मुक्केबाजी | अंकुश पंघाल | पुरुष 80 किग्रा क्वार्टर फाइनल | ताजिकिस्तान के सलीमोव को 5-0 से हराया | सेमीफाइनल प्रवेश, पदक पक्का |
| तीरंदाजी | रिकर्व मेंस व विमेंस टीम | टीम क्वार्टर फाइनल | चीन (5-1) व चीनी ताइपे (6-0) को हराया | दोनों टीमें सेमीफाइनल में पहुंचीं |
| एथलेटिक्स | विथ्या रामराज व अनु राघवन | महिला 400 मीटर बाधा दौड़ | क्रमशः 55.73s व 55.84s का समय | दोनों धाविकाओं ने फाइनल में जगह बनाई |
| एथलेटिक्स | मुरली श्रीशंकर व डेविड सोलोमन | पुरुष लंबी कूद क्वालिफिकेशन | क्रमशः 7.84m व 7.62m की छलांग | दोनों एथलीट फाइनल में पहुंचे |
| बैडमिंटन | पीवी सिंधु | महिला एकल क्वार्टर फाइनल | चेन यू फेई से 21-11, 18-21, 10-21 से हार | क्वार्टर फाइनल में सफर समाप्त |
मुक्केबाजी में अंकुश पंघाल का पंच: भारत का एक और पदक पक्का
The Indian Express की रिपोर्ट के अनुसार, मुक्केबाजी रिंग से भारत के लिए बहुत बड़ी खुशखबरी आई है। राष्ट्रमंडल खेलों के चैंपियन अंकुश पंघाल ने पुरुषों के 80 किलोग्राम भार वर्ग के क्वार्टर फाइनल में ताजिकिस्तान के नेक्रूज सलीमोव को एकतरफा अंदाज में पराजित किया। भारतीय मुक्केबाज ने रिंग में गति और सटीक काउंटर पंचिंग का बेहतरीन नमूना पेश किया। मुकाबले में सभी पांचों जजों ने सर्वसम्मति से 5-0 से अंकुश के पक्ष में फैसला सुनाया।
इस जीत के साथ अंकुश ने 80 किग्रा भार वर्ग के सेमीफाइनल में जगह बना ली है। एशियन गेम्स के नियमों के तहत सेमीफाइनल में पहुंचने वाले सभी मुक्केबाजों को कम से कम कांस्य पदक मिलना तय होता है। ऐसे में अंकुश ने भारत के लिए एक और पदक सुनिश्चित कर दिया है। अंकुश की नजरें अब अपने सेमीफाइनल मुकाबले को जीतकर सीधे स्वर्ण पदक की जंग में उतरने पर टिकी हैं।
तीरंदाजी और एथलेटिक्स में भी लहराया तिरंगा
रविवार का दिन भारतीय तीरंदाजों और एथलीटों के लिए भी शानदार साबित हुआ। तीरंदाजी में भारतीय पुरुष और महिला रिकर्व टीमों ने सेमीफाइनल में प्रवेश कर लिया। पुरुष रिकर्व टीम ने क्वार्टर फाइनल में चीन को 5-1 से धूल चटाई, जबकि महिला टीम ने चीनी ताइपे को 6-0 के क्लीन स्वीप से हराया। इससे पहले क्वालिफिकेशन राउंड में महिला तीरंदाजों ने विश्व रिकॉर्ड की बराबरी की थी।
एथलेटिक्स में महिलाओं की 400 मीटर बाधा दौड़ में विथ्या रामराज (55.73 सेकंड) और अनु राघवन (55.84 सेकंड) ने शानदार प्रदर्शन कर फाइनल का टिकट कटाया। पुरुषों की लंबी कूद में राष्ट्रमंडल पदक विजेता मुरली श्रीशंकर ने 7.84 मीटर और युवा डेविड सोलोमन ने 7.62 मीटर की छलांग लगाकर फाइनल राउंड में जगह बनाई। डेकाथलॉन में तेजस्विन शंकर ने भी पोल वॉल्ट में 4.30 मीटर की छलांग लगाकर मजबूत चुनौती पेश की।
बैडमिंटन में निराशा: पीवी सिंधु और उन्नति हुड्डा बाहर
बैडमिंटन कोर्ट से भारतीय प्रशंसकों को मायूसी हाथ लगी। दो बार की ओलंपिक पदक विजेता पीवी सिंधु का एशियन गेम्स में व्यक्तिगत पदक जीतने का सपना अधूरा रह गया। महिला एकल के क्वार्टर फाइनल में सिंधु को चीन की ओलंपिक चैंपियन चेन यू फेई के हाथों 21-11, 18-21, 10-21 से हार का सामना करना पड़ा। सिंधु ने पहला गेम आसानी से जीत लिया था, लेकिन चीनी खिलाड़ी ने अगले दो गेमों में जबर्दस्त वापसी करते हुए मुकाबला जीत लिया।
भारतीय दल के लिए शेड्यूलिंग विवाद भी हार का बड़ा कारण बना, जहां खिलाड़ियों को एक ही दिन में दो मैच खेलने पड़े। अत्यधिक शारीरिक थकान के चलते 17 वर्षीय उन्नति हुड्डा भी जापान की अकाने यामागुची से 16-21, 21-14, 17-21 से हारकर बाहर हो गईं। इसके अतिरिक्त महिला युगल में त्रिसा जॉली-गायत्री गोपीचंद और मिश्रित युगल में ध्रुव कपिला-तनीषा क्रास्टो की जोड़ी भी क्वार्टर फाइनल में पराजित होकर बाहर हो गई।
निष्कर्ष: भारत की नजरें 35 पदकों के पार जाने पर
कुल मिलाकर एशियन गेम्स 2026 का आठवां दिन भारतीय खेल जगत के लिए नई उम्मीदों और ऐतिहासिक पलों से भरा रहा। बैडमिंटन में कड़े झटकों के बावजूद स्क्वैश में अभय सिंह का ऐतिहासिक रजत और अंकुश पंघाल का पक्का पदक भारत की खेल प्रतिभा को दर्शाता है। तीरंदाजी और एथलेटिक्स में फाइनल की राह भारतीय दल के आत्मविश्वास को नई ऊंचाई दे रही है। भारत अब 31 पदकों के आंकड़े को तेजी से पार करते हुए पदक तालिका में नए कीर्तिमान स्थापित करने की ओर अग्रसर है।













