मुंबई: कमजोर वैश्विक संकेतों, पश्चिम एशिया में गहराते सैन्य तनाव और विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की लगातार बिकवाली के चलते गुरुवार, 1 अक्टूबर 2026 को भारतीय शेयर बाजार गिरावट के साथ खुले। घरेलू बेंचमार्क सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी 50 शुरुआती घंटी बजते ही लाल निशान में फिसल गए। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 224.87 अंक यानी 0.31 प्रतिशत लुढ़ककर 72,255.42 के स्तर पर आ गया। वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का 50 शेयरों वाला निफ्टी 93.85 अंक यानी 0.41 प्रतिशत की गिरावट के साथ 22,526.60 के स्तर पर पहुंच गया, जिससे यह अहम 22,550 के सपोर्ट स्तर से नीचे आ गया। ऑटोमोबाइल, हेल्थकेयर और सीमेंट कंपनियों में आई मुनाफावसूली ने बाजार की धारणा को कमजोर किया है。
कच्चे तेल में उबाल और पश्चिम एशिया का भू-राजनीतिक संकट
HDFC Sky की ओपनिंग रिपोर्ट के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की ऊंची कीमतें और मध्य पूर्व का तनाव दलाल स्ट्रीट पर भारी दबाव बना रहा है। ईरान और अमेरिका के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य और बंदरगाहों की नाकेबंदी को लेकर वार्ता में गतिरोध बना हुआ है। दोनों पक्षों में कूटनीतिक संवाद के बावजूद ठोस युद्धविराम न होने से ऊर्जा बाजार में अनिश्चितता का माहौल है。
भारत अपनी पेट्रोलियम खपत का 85 प्रतिशत से अधिक हिस्सा आयात करता है। ऐसे में कच्चे तेल की ऊंची कीमतें देश के आयात बिल, चालू खाता घाटा (CAD) और कॉरपोरेट मुनाफे पर सीधा प्रहार करती हैं। इससे महंगाई बढ़ने की आशंका गहराती है, जिससे भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा नीतिगत ब्याज दरों में कटौती की संभावना सीमित हो जाती है। इसके साथ ही अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में उछाल ने विदेशी फंड्स को भारतीय इक्विटी से निकासी के लिए प्रेरित किया है。
1 अक्टूबर 2026: बाजार के मुख्य आंकड़े और सेक्टरवार स्थिति
गुरुवार की सुबह बाजार खुलने पर प्रमुख सूचकांकों और लार्जकैप शेयरों में दर्ज उतार-चढ़ाव का आधिकारिक विवरण नीचे दी गई तालिका में प्रस्तुत है:
| वित्तीय संकेतक / प्रमुख शेयर | वर्तमान स्तर (1 अक्टूबर 2026) | पिछला बंद (30 सितंबर 2026) | शुद्ध बदलाव (अंक / %) | प्रमुख कारण / बाजार प्रभाव |
|---|---|---|---|---|
| बीएसई सेंसेक्स (BSE Sensex) | 72,255.42 | 72,480.29 | -224.87 अंक (-0.31%) | शुरुआती सत्र में 250 अंकों तक फिसला |
| एनएसई निफ्टी 50 (NSE Nifty) | 22,526.60 | 22,620.45 | -93.85 अंक (-0.41%) | 22,550 का अहम मनोवैज्ञानिक स्तर टूटा |
| बजाज ऑटो (Bajaj Auto) | ₹10,226.00 | ₹10,874.00 | -₹648.00 (-5.96%) | ऑटो सेक्टर में सबसे भारी बिकवाली |
| ग्रासिम इंडस्ट्रीज (Grasim) | ₹2,979.70 | ₹3,061.90 | -₹82.20 (-2.68%) | कमोडिटी और इनपुट लागत दबाव में गिरावट |
| महिंद्रा एंड महिंद्रा (M&M) | ₹2,878.50 | ₹2,950.00 | -₹71.50 (-2.42%) | वाहन बिक्री और मार्जिन पर दबाव |
| कोटक महिंद्रा बैंक (Kotak Bank) | ₹433.00 | ₹417.00 | +₹16.00 (+3.84%) | बैंकिंग पैक में मजबूत खरीदारी |
| इन्फोसिस (Infosys Ltd) | ₹1,009.55 | ₹994.10 | +₹15.45 (+1.55%) | आईटी सेक्टर में रक्षात्मक इनफ्लो |
| विदेशी निवेशक (FIIs Selling) | लगातार शुद्ध बिकवाल | निकासी जारी | नकारात्मक प्रवाह | डॉलर की मजबूती और वैश्विक अनिश्चितता |
ऑटो और हेल्थकेयर शेयरों में गिरावट, बजाज ऑटो 6% टूटा
Kotak Neo के मार्केट अपडेट के अनुसार, शुरुआती कारोबार में सबसे बड़ी मार ऑटोमोबाइल और हेल्थकेयर कंपनियों पर पड़ी। बजाज ऑटो के शेयरों में 5.96 प्रतिशत की तेज गिरावट आई और शेयर ₹648 फिसलकर ₹10,226 पर आ गया। महिंद्रा एंड महिंद्रा में 2.42 प्रतिशत, आयशर मोटर्स में 2.06 प्रतिशत और मारुति বিপরुति सुजुकी में 1.90 प्रतिशत की गिरावट रही। ऑटो कंपनियों पर इनपुट लागत बढ़ने और त्योहारी मांग को लेकर सतर्कता का असर दिखा。
हेल्थकेयर सेक्टर में अपोलो हॉस्पिटल्स 1.97 प्रतिशत गिरा, जबकि मैक्स हेल्थकेयर और डॉ. रेड्डीज भी लाल निशान में रहे। सीमेंट शेयरों में अल्ट्राटेक सीमेंट 1.83 प्रतिशत और ग्रासिम 2.68 प्रतिशत कमजोर हुए। कोल इंडिया में भी 1.78 प्रतिशत की सुस्ती देखी गई। जोखिम से बचने के माहौल में निवेशकों ने इन सेक्टर्स से मुनाफावसूली की。
आईटी और निजी बैंकों ने संभाला मोर्चा: कोटक बैंक और इन्फोसिस चमके
बाजार की कमजोरी के बीच आईटी और निजी बैंकों ने इंडेक्स को सहारा दिया। इन्फोसिस के शेयर में 1.55 प्रतिशत की तेजी आई और यह ₹1,009.55 पर पहुंचा। टीसीएस में 0.95 प्रतिशत और एचसीएल टेक में 0.93 प्रतिशत की बढ़त रही। डॉलर के मजबूत रुख से आईटी निर्यातकों के मार्जिन को लाभ मिलने की उम्मीद से खरीदारी लौटी。
बैंकिंग क्षेत्र में कोटक महिंद्रा बैंक 3.84 प्रतिशत की छलांग लगाकर निफ्टी 50 का टॉप गेनर बना। एचडीएफसी बैंक में 0.97 प्रतिशत और एक्सिस बैंक में 0.69 प्रतिशत की मजबूती रही। एचडीएफसी लाइफ 1.18 प्रतिशत, टाटा कंज्यूमर 1.31 प्रतिशत और टाइटन 0.43 प्रतिशत चढ़े। इन रक्षात्मक शेयरों की लिवाली ने सूचकांक की गिरावट को सीमित रखा。
3 दिन की लंबी छुट्टी का असर: गांधी जयंती पर शुक्रवार को बंद रहेंगे बाजार
गुरुवार के सत्र में सुस्ती की एक बड़ी वजह आगे आने वाला लंबा सप्ताहांत भी है। 2 अक्टूबर को महात्मा गांधी जयंती के उपलक्ष्य में भारतीय शेयर बाजार, मुद्रा बाजार और कमोडिटी एक्सचेंज बंद रहेंगे। शुक्रवार, शनिवार और रविवार को लगातार तीन दिन बाजार बंद रहने के चलते ट्रेडर्स अपनी पोजीशन हल्की कर रहे हैं。
विश्लेषकों का कहना है कि लंबे अवकाश के दौरान वैश्विक घटनाक्रमों और कच्चे तेल की कीमतों में बड़ा बदलाव आने पर सोमवार को बाजार गैप-डाउन खुलने का खतरा रहता है। इसी अनिश्चितता के कारण संस्थागत निवेशकों ने नए सौदे बनाने के बजाय मौजूदा सौदों में मुनाफा समेटना बेहतर समझा है。
प्राइमरी मार्केट में उत्साह: मनीव्यू 64% प्रीमियम पर लिस्ट
सेकेंडरी मार्केट की सुस्ती के विपरीत प्राइमरी मार्केट में रौनक जारी है। गुरुवार को फिनटेक कंपनी मनीव्यू के शेयर 64 प्रतिशत के बंपर प्रीमियम पर लिस्ट हुए, जिससे निवेशकों को शानदार मुनाफा हुआ। वहीं ए-वन स्टील्स के शेयर भी बीएसई पर 14 प्रतिशत प्रीमियम के साथ सूचीबद्ध हुए। इसके अलावा कैटालाइन लिमिटेड ने आईपीओ के लिए सेबी के पास ड्राफ्ट पेपर जमा किए हैं, जिससे प्राथमिक बाजार की मजबूती का संकेत मिलता है。
विशेषज्ञों की राय और खुदरा निवेशकों के लिए रणनीति
मार्केट एनालिस्ट्स के मुताबिक, निफ्टी 50 के लिए 22,500 से 22,450 का स्तर अहम सपोर्ट है। जब तक यह दायरा कायम है, बाजार में घबराहट की जरूरत नहीं है। हालांकि ऊपरी स्तरों पर 22,700 का कड़ा प्रतिरोध बना हुआ है। खुदरा निवेशकों को मौजूदा उतार-चढ़ाव में आक्रामक ट्रेडिंग से बचना चाहिए और क्वालिटी लार्जकैप शेयरों में एसआईपी के जरिए किस्तों में खरीदारी की रणनीति अपनानी चाहिए。
निष्कर्ष और आगामी कारोबारी रुख
संक्षेप में, 1 अक्टूबर 2026 का सत्र भारतीय बाजारों के लिए सतर्कता का दिन साबित हुआ है। विदेशी बिकवाली, कच्चे तेल के ऊंचे दाम और 3 दिन के लंबे वीकेंड ने दलाल स्ट्रीट पर सुस्ती ला दी है। हालांकि आईटी और बैंकिंग शेयरों ने बाजार को थामे रखा। आने वाले सप्ताह में बाजार की दिशा वैश्विक तेल कीमतों, डॉलर-रुपया दर और दूसरी तिमाही के नतीजों पर निर्भर करेगी。












