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सेंसेक्स 472 अंक उछला, निफ्टी 22,550 पार: 8 हफ्ते की गिरावट थमी

मुंबई: पिछले आठ सप्ताहों से जारी ऐतिहासिक मंदी के चक्र पर आखिरकार सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 को ब्रेक लग गया। भारतीय शेयर बाजार में सप्ताह के पहले कारोबारी दिन जोरदार लिवाली देखने को मिली। घरेलू बेंचमार्क इंडेक्स बीएसई सेंसेक्स और एनएसई निफ्टी 50 मजबूत बढ़त के साथ हरे निशान में बंद हुए। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 472.77 अंक यानी 0.66 प्रतिशत की उछाल के साथ 72,382.47 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का 50 शेयरों वाला निफ्टी 133.80 अंक यानी 0.60 प्रतिशत चढ़कर 22,555.75 के स्तर पर बंद होने में कामयाब रहा। एफएमसीजी, बैंकिंग और ऊर्जा क्षेत्र के दिग्गज शेयरों में आई चौतरफा खरीदारी ने दलाल स्ट्रीट की इस शानदार रिकवरी का नेतृत्व किया।

8 हफ्तों की लगातार गिरावट के बाद राहत की सांस

ANI News की क्लोजिंग रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय शेयर बाजार पिछले आठ हफ्तों से लगातार गिरावट का सामना कर रहे थे, जो बीते 25 वर्षों में सबसे लंबा साप्ताहिक गिरावट का सिलसिला था। सोमवार को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में आई नरमी और एशियाई बाजारों से मिले सकारात्मक संकेतों ने भारतीय बाजार को संजीवनी प्रदान की। गैप-अप शुरुआत के बाद दोनों बेंचमार्क सूचकांकों ने दिन भर अपनी बढ़त को मजबूती से बनाए रखा और अंततः ऊपरी स्तरों पर बंद हुए।

कमोडिटी बाजार में ब्रेंट क्रूड फिसलकर 102.59 डॉलर प्रति बैरल के आसपास आ गया, जिससे देश की आयात लागत और खुदरा मुद्रास्फीति को लेकर फैली चिंताएं कुछ हद तक शांत हुईं। इसके अलावा, अमेरिका में कमजोर रोजगार आंकड़ों के आने से फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में आक्रामक बढ़ोतरी की आशंकाएं घट गई हैं, जिसने उभरते बाजारों में वैश्विक निवेशकों के जोखिम उठाने की क्षमता को दोबारा सक्रिय किया है।

मार्केट क्लोजिंग डेटा: प्रमुख सूचकांक और कमोडिटी

सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 के कारोबारी सत्र में घरेलू इक्विटी सूचकांकों और वैश्विक संकेतकों का आधिकारिक क्लोजिंग डेटा नीचे दी गई तालिका में प्रस्तुत है:

वित्तीय संकेतक / सूचकांक क्लोजिंग स्तर (5 अक्टूबर 2026) पिछला बंद स्तर शुद्ध बदलाव (अंक / %) बाजार पर मुख्य प्रभाव
बीएसई सेंसेक्स (BSE Sensex) 72,382.47 71,909.70 +472.77 अंक (+0.66%) 72,300 के ऊपर मजबूत क्लोजिंग
एनएसई निफ्टी 50 (NSE Nifty) 22,555.75 22,421.95 +133.80 अंक (+0.60%) 22,500 का मनोवैज्ञानिक स्तर हासिल
निफ्टी एफएमसीजी (Nifty FMCG) सेक्टर टॉप गेनर सकारात्मक रुख +1.67% की शानदार बढ़त आईटीसी और उपभोग में जोरदार लिवाली
ब्रेंट क्रूड ऑयल (Brent Crude) $102.59 / बैरल $108.70 / बैरल नरमी का रुख आयात बिल और महंगाई से राहत
डब्ल्यूटीआई क्रूड (WTI Crude) $90.58 / बैरल $96.30 / बैरल गिरावट दर्ज ऊर्जा लागत घटने से विनिर्माण को सहारा
भारतीय रुपया (USD / INR) ₹96.10 प्रति डॉलर ₹96.25 प्रति डॉलर स्थिरता का प्रयास क्रूड नरमी से रुपये को अस्थायी सहारा
इंडिया विक्स (India VIX) 12.05 अंक 12.42 अंक गिरावट दर्ज बाजार में घबराहट में कमी

सेक्टरवार प्रदर्शन: एफएमसीजी, एनर्जी और बैंकिंग में बहार

HDFC Sky की बाजार समीक्षा के अनुसार, सोमवार के सत्र में एफएमसीजी सेक्टर 1.67 प्रतिशत उछलकर दिन का टॉप गेनर साबित हुआ। दिग्गज कंपनी आईटीसी लिमिटेड में आक्रामक खरीदारी देखने को मिली। इसके साथ ही टेलीकॉम, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और फाइनेंशियल सर्विसेज सेक्टर भी जोरदार बढ़त के साथ बंद हुए।

बैंकिंग और भारी उद्योग शेयरों ने भी सूचकांक को मजबूती दी। सेंसेक्स के प्रमुख शेयरों में बजाज फाइनेंस, आईसीआईसीआई बैंक, अदाणी पोर्ट्स, रिलायंस इंडस्ट्रीज, भारती एयरटेल, टीसीएस, एलएंडटी, टाइटन, एनटीपीसी, मारुति सुजुकी, एक्सिस बैंक और पावर ग्रिड शीर्ष लाभ कमाने वालों में रहे। वहीं ओएनजीसी और एसबीआई में भी ठोस लिवाली दर्ज की गई। निफ्टी मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों ने भी करीब आधा-आधा प्रतिशत की बढ़त दर्ज कर बाजार चौड़ाई को मजबूती दी।

फार्मा और आईटी शेयरों में मुनाफावसूली का दबाव

बाजार में चौतरफा हरियाली के बीच कुछ चुनिंदा क्षेत्रों में सुस्ती और मुनाफावसूली दिखी। पिछले कारोबारी सत्रों में लगातार बेहतर प्रदर्शन करने वाले फार्मा और हेल्थकेयर सेक्टर सोमवार को मुनाफावसूली के शिकार बने। निफ्टी हेल्थकेयर इंडेक्स दिन का सबसे बड़ा लूजर रहा। सन फार्मा, सिप्ला, डॉ रेड्डीज, अपोलो हॉस्पिटल्स और मैक्स हेल्थकेयर के शेयरों में बिकवाली दबाव रहा।

इसके अतिरिक्त, सूचना प्रौद्योगिकी (IT) कंपनियों के कुछ शेयरों में भी बिकवाली दर्ज की गई। एचसीएल टेक, टेक महिन्द्रा और इंफोसिस के शेयर दबाव में बंद हुए। अन्य दिग्गज शेयरों में एशियन पेंट्स, एचडीएफसी बैंक, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स (BEL), कोटक महिंद्रा बैंक और टाटा स्टील में भी मामूली गिरावट आई। हालांकि, लार्जकैप वित्तीय और ऊर्जा शेयरों के मजबूत प्रदर्शन ने बाजार की दिशा को पूरी तरह सकारात्मक बनाए रखा।

विशेषज्ञों का नजरिया: ट्रेंड रिवर्सल या महज रिलीफ रैली?

रेलिगेयर ब्रोकिंग के रिसर्च एसवीपी अजीत मिश्रा ने कहा कि सोमवार का यह उछाल हालिया सुधारात्मक दौर से एक जरूरी राहत लेकर आया है। बाजार ने 22,400–22,600 के अहम समर्थन क्षेत्र का सफलतापूर्वक परीक्षण किया है। हालांकि, अमेरिकी 10-वर्षीय बॉन्ड यील्ड अभी भी उच्च स्तर पर है और रुपया 96 प्रति डॉलर के आसपास बना हुआ है। ऐसे में 22,650–22,800 का दायरा निफ्टी के लिए तात्कालिक बाधा रहेगा, जिसके पार जाने पर ही 23,000–23,200 का रास्ता खुलेगा।

वेंचुरा के रिसर्च हेड विनीत बोलिंजकर के अनुसार, आठ सप्ताह की लंबी गिरावट के बाद आया यह उछाल उत्साहवर्धक है, लेकिन जब तक एफआईआई की बिकवाली नहीं रुकती, तब तक अस्थिरता बनी रहेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि आरबीआई की मौद्रिक नीति बैठक का रुख, कच्चे तेल के भाव और रुपये की चाल निर्णायक कारक होंगे। वहीं विश्लेषक विपिन दिक्सेना ने कहा कि मौजूदा उछाल को ट्रेंड रिवर्सल मानने के बजाय राहत भरी रैली के रूप में देखना चाहिए और क्वालिटी शेयरों पर ध्यान देना चाहिए।

निष्कर्ष और आगामी कारोबारी दिनों की रणनीति

समग्र रूप से देखें तो 5 अक्टूबर 2026 का कारोबारी सत्र दलाल स्ट्रीट के लिए बेहद राहत भरा साबित हुआ है। सूचकांकों ने 22,500 के मनोवैज्ञानिक स्तर को पुनः हासिल कर निवेशकों के मनोबल को मजबूती दी। आने वाले सत्रों में बाजार के सामने 22,700 का तकनीकी प्रतिरोध होगा, जिस पर टिके रहने पर ही लंबी अवधि की तेजी की पुष्टि हो सकेगी। नीचे की ओर 22,400–22,350 का क्षेत्र निफ्टी के लिए एक मजबूत रक्षा पंक्ति का काम करेगा। चालू कारोबारी सप्ताह में निवेशकों की निगाहें आरबीआई गवर्नर के नीतिगत वक्तव्य, दूसरी तिमाही के नतीजों और भू-राजनीतिक गतिविधियों पर रहेंगी। खुदरा निवेशकों के लिए अनुशासित जोखिम प्रबंधन और चुनिंदा लार्ज-कैप शेयरों में व्यवस्थित निवेश ही सबसे सुरक्षित रणनीति होगी।

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