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न्यूनतम मजदूरी 2026: 1 अक्टूबर से बढ़ा VDA, देखें नई दैनिक दरें

नई दिल्ली: त्योहारी सीजन के शुभारंभ के साथ ही केंद्र सरकार ने केंद्रीय क्षेत्र (Central Sphere) के विभिन्न उपक्रमों, निर्माण परियोजनाओं और मंत्रालयों में कार्यरत लाखों संविदा, आउटसोर्स और दैनिक वेतनभोगी श्रमिकों के लिए बड़ी वित्तीय राहत की घोषणा की है। केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के मुख्य श्रम आयुक्त (CLC-Central) द्वारा 1 अक्टूबर 2026 से प्रभावी परिवर्तनीय महंगाई भत्ते (VDA) और न्यूनतम मजदूरी में संशोधन का आदेश जारी किया गया है। Ministry of Labour & Employment आधिकारिक पोर्टल पर उपलब्ध अधिसूचना के अनुसार, निर्माण, भवन रखरखाव, लोडिंग-अनलोडिंग, सुरक्षा गार्ड (वॉच एंड वार्ड), सफाई कर्मचारियों और कृषि श्रमिकों की दैनिक और मासिक मजदूरी में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है। StaffNews के आधिकारिक VDA व न्यूनतम वेतन आदेश के मुताबिक, मेट्रो शहरों (Area ‘A’) में उच्च कुशल श्रमिकों की न्यूनतम दैनिक मजदूरी ₹1,114 तक पहुंच गई है, जबकि कुशल कर्मचारियों को ₹1,020 से अधिक और अकुशल श्रमिकों को ₹840 से अधिक प्रतिदिन प्राप्त होंगे。

वीडीए (VDA) संशोधन का आधार और भौगोलिक वर्गीकरण

श्रम मंत्रालय वर्ष में दो बार—1 अप्रैल और 1 अक्टूबर को—CPI-IW सूचकांक के औसत आधार पर परिवर्तनीय महंगाई भत्ते (VDA) की समीक्षा करता है। 1 अक्टूबर 2026 से लागू यह संशोधन जनवरी से जून 2026 की अवधि के दौरान बढ़ी हुई खुदरा मुद्रास्फीति को समायोजित करने के लिए किया गया है。

न्यूनतम मजदूरी नियमों के तहत देश भर के कार्यस्थलों को तीन भौगोलिक श्रेणियों में विभाजित किया गया है। ‘Area A’ में दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, चेन्नई, बेंगलुरु, हैदराबाद, अहमदाबाद और पुणे जैसे वृहद महानगर शामिल हैं। ‘Area B’ में पटना, जयपुर, लखनऊ, भोपाल, रांची और चंडीगढ़ जैसे प्रमुख राज्य मुख्यालय व द्वितीय श्रेणी के शहर सम्मिलित हैं, जबकि ‘Area C’ में देश के समस्त अवशिष्ट अर्ध-शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्र आते हैं। काम की जटिलता के आधार पर श्रमिकों को अकुशल (Unskilled), अर्ध-कुशल (Semi-Skilled), कुशल (Skilled) और उच्च-कुशल (Highly Skilled) संवर्गों में वर्गीकृत किया गया है。

निर्माण और रखरखाव संवर्ग में संशोधित दैनिक मजदूरी दरें (तालिका)

केंद्रीय लोक निर्माण विभाग (CPWD), रेलवे निर्माण, राष्ट्रीय राजमार्ग और रक्षा प्रतिष्ठानों के रखरखाव में कार्यरत श्रमिकों के लिए 1 अक्टूबर 2026 से लागू नई दरों का विस्तृत ब्योरा नीचे दी गई तालिका में स्पष्ट किया गया है। Chief Labour Commissioner (Central) आधिकारिक सर्कुलर के अनुसार, मूल वेतन (Basic) और संशोधित वीडीए को मिलाकर देय कुल दैनिक न्यूनतम मजदूरी इस प्रकार निर्धारित की गई है:

श्रमिक श्रेणी (Category of Worker) मूल वेतन (Basic Pay) संशोधित VDA (प्रतिदिन) Area ‘A’ कुल मजदूरी Area ‘B’ कुल मजदूरी Area ‘C’ कुल मजदूरी
अकुशल श्रमिक (Unskilled) ₹523 ₹318 ₹841 (मासिक: ₹21,866) ₹705 (मासिक: ₹18,330) ₹566 (मासिक: ₹14,716)
अर्ध-कुशल / अकुशल पर्यवेक्षी ₹579 ₹352 ₹931 (मासिक: ₹24,206) ₹780 (मासिक: ₹20,280) ₹641 (मासिक: ₹16,666)
कुशल / लिपिकीय कर्मचारी ₹637 ₹387 ₹1,024 (मासिक: ₹26,624) ₹873 (मासिक: ₹22,698) ₹721 (मासिक: ₹18,746)
उच्च-कुशल (Highly Skilled) ₹693 ₹421 ₹1,114 (मासिक: ₹28,964) ₹952 (मासिक: ₹24,752) ₹802 (मासिक: ₹20,852)

सफाई कर्मियों और सुरक्षा प्रहरियों (Watch & Ward) के लिए विशेष दरें (तालिका)

केंद्रीय सरकारी कार्यालयों, स्वायत्त संस्थानों, एम्स (AIIMS), केंद्रीय विश्वविद्यालयों और डाक घरों में सफाई व्यवस्था और सुरक्षा में तैनात आउटसोर्स कर्मियों के लिए भी मंत्रालय ने पृथक आदेश जारी किए हैं। StaffNews सफाई और सुरक्षा कर्मियों के न्यूनतम वेतन नियम के अनुसार, इन अनिवार्य सेवाओं के लिए निर्धारित नई दैनिक एवं मासिक मजदूरी दरें निम्नलिखित हैं:

विशिष्ट कार्य संवर्ग (Specific Duty) लागू होने वाला कौशल स्तर Area ‘A’ दर (दैनिक/मासिक) Area ‘B’ दर (दैनिक/मासिक) Area ‘C’ दर (दैनिक/मासिक)
सफाई एवं स्वच्छता कर्मी (Sweeping/Cleaning) अकुशल (Unskilled) ₹841 / ₹21,866 ₹705 / ₹18,330 ₹566 / ₹14,716
सुरक्षा गार्ड (बिना हथियार – Without Arms) कुशल (Skilled) ₹1,024 / ₹26,624 ₹873 / ₹22,698 ₹721 / ₹18,746
सुरक्षा गार्ड (हथियार सहित – With Arms) उच्च-कुशल (Highly Skilled) ₹1,114 / ₹28,964 ₹952 / ₹24,752 ₹802 / ₹20,852

रेलवे, डाक, खान और कृषि क्षेत्र के श्रमिकों को सीधा लाभ

नए मजदूरी आदेश का सीधा प्रभाव भारतीय रेलवे के गुड्स शेडों, कंटेनर डिपो और प्रमुख बंदरगाहों (Docks & Ports) पर माल लदान और उतराई (Loading & Unloading) करने वाले हजारों हम्मालों व पल्लेदारों पर पड़ेगा। इन श्रमिकों के लिए भी वीडीए में समान अनुपात में वृद्धि की गई है, जिससे त्योहारों के अवसर पर उनकी पारिवारिक आय में उल्लेखनीय सुधार होगा。

इसी प्रकार कोयला, लौह अयस्क और चूना पत्थर की गैर-कोयला खदानों में भूमिगत (Underground) और खुली सतह (Above Ground) पर कार्य करने वाले खनन मजदूरों की दरों में भी संशोधन किया गया है। जोखिमपूर्ण परिस्थितियों को देखते हुए भूमिगत खदान श्रमिकों के लिए विशेष जोखिम भत्ते सहित अतिरिक्त दैनिक मजदूरी तय की गई है। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) के अनुसंधान फार्मों और केंद्रीय कृषि केंद्रों में काम करने वाले कृषि श्रमिकों के लिए भी न्यूनतम दैनिक दर Area ‘A’ में ₹650 से ऊपर पहुंच गई है。

26 कार्य दिवसों का फॉर्मूला, साप्ताहिक अवकाश और ओवरटाइम नियम

केंद्रीय श्रम मंत्रालय के स्थायी दिशा-निर्देशों के अनुसार, मासिक न्यूनतम मजदूरी की गणना 26 कार्य दिवसों के आधार पर की जाती है, जिसमें चार सवेतन साप्ताहिक अवकाश (Paid Weekly Off) अंतर्निहित होते हैं। यदि किसी कर्मचारी से महीने के सभी 30 अथवा 31 दिन कार्य कराया जाता है, तो उसे अतिरिक्त दिनों के लिए नियमानुसार दोगुना भुगतान किया जाना अनिवार्य है。

केंद्रीय उपक्रमों में सामान्य कार्य दिवस 8 घंटे निर्धारित है। निर्धारित समय से अधिक कार्य कराने पर नियोक्ता को दोगुना ओवरटाइम भत्ता देना अनिवार्य है। उल्लंघन पर ठेकेदार की निविदा निरस्त करने और कानूनी कार्रवाई का सख्त प्रावधान है。

ठेकेदारों और एजेंसियों के लिए सख्त वैधानिक अनुपालन निर्देश

केंद्रीय श्रम मंत्रालय ने सभी सरकारी विभागों, सार्वजनिक उपक्रमों (PSUs) और राष्ट्रीयकृत बैंकों को स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि वे अपने यहां कार्यरत सभी ठेकेदारों और आउटसोर्सिंग एजेंसियों द्वारा 1 अक्टूबर 2026 से संशोधित न्यूनतम दरों का अनिवार्य भुगतान सुनिश्चित कराएं। किसी भी परिस्थिति में निर्धारित न्यूनतम मजदूरी से कम भुगतान करना न्यूनतम मजदूरी अधिनियम, 1948 और वेतन संहिता (Code on Wages) का सीधा उल्लंघन माना जाएगा。

आदेश में यह भी अनिवार्य किया गया है कि सभी संविदा कर्मियों का वेतन केवल इलेक्ट्रॉनिक माध्यम (NEFT/RTGS) से उनके व्यक्तिगत बैंक खातों में ही अंतरित किया जाए। इसके साथ ही भविष्य निधि (EPF) और कर्मचारी राज्य बीमा (ESIC) के अंशदान की कटौती भी वास्तविक नए वेतन के आधार पर की जानी चाहिए। क्षेत्रीय श्रम आयुक्तों (RLCs) को औचक निरीक्षण करने और उल्लंघनकर्ता एजेंसियों के विरुद्ध वैधानिक कानूनी कार्रवाई करने के सख्त निर्देश दिए गए हैं। त्योहारी मौसम में बढ़ी हुई मजदूरी मिलने से असंगठित संवर्ग के लाखों श्रमिकों के परिवारों में आर्थिक खुशहाली आएगी。

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