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केंद्रीय कर्मचारी बोनस: ₹7,000 सीलिंग को ₹21,000 करने की मांग

नई दिल्ली: आगामी दुर्गा पूजा, दशहरा और दिवाली के त्योहारी सीजन से ठीक पहले केंद्र सरकार के 30 लाख से अधिक अराजपत्रित (Non-Gazetted) कर्मचारियों, रेलकर्मियों, डाककर्मियों और रक्षा उत्पादन कारखानों के कर्मचारियों के लिए एक बड़ी खबर सामने आई है। नेशनल काउंसिल (स्टाफ साइड) संयुक्त परामर्शदात्री तंत्र (NC-JCM) ने कैबिनेट सचिव को औपचारिक पत्र लिखकर मांग की है कि केंद्रीय कर्मचारियों को दिए जाने वाले प्रोडक्टिविटी लिंक्ड बोनस (PLB) और गैर-उत्पादकता आधारित तदर्थ बोनस (Ad-hoc Bonus) की गणना सीलिंग (Bonus Calculation Ceiling) को ₹7,000 से बढ़ाकर ₹21,000 किया जाए। Staff News की आधिकारिक रिपोर्ट और The Economic Times के विश्लेषण के अनुसार, यदि सरकार इस मांग को स्वीकार कर लेती है, तो कर्मचारियों का बोनस लगभग 3 गुना तक बढ़कर ₹17,951 से ₹53,853 तक पहुंच जाएगा。

₹7,000 की सीलिंग पर विवाद क्यों? समझें पूरा मामला

केंद्रीय कर्मचारियों में लंबे समय से इस बात को लेकर तीव्र असंतोष रहा है कि 7वें वेतन आयोग की सिफारिशों के तहत 1 जनवरी 2016 से केंद्र सरकार में न्यूनतम मूल वेतन ₹18,000 प्रति माह निर्धारित किया जा चुका है। इसके अलावा श्रम एवं रोजगार मंत्रालय (MoLE) द्वारा अधिसूचित सांविधिक न्यूनतम मजदूरी की दरें भी ₹21,000 के स्तर को पार कर चुकी हैं。

इसके बावजूद, जब कर्मचारियों को साल भर की कड़ी मेहनत के बदले त्योहारी बोनस देने की बारी आती है, तो सरकार बोनस की गणना के लिए अधिकतम मासिक वेतन केवल ₹7,000 (यानी मात्र ₹230.13 प्रतिदिन) मानती है। यह सीलिंग लगभग 10 वर्ष पूर्व तय की गई थी। कर्मचारी नेताओं का तर्क है कि जब कर्मचारियों को वेतन ₹18,000 से ₹47,600 के बीच मिल रहा है, तो बोनस की गणना एक दशक पुरानी काल्पनिक और न्यूनतम वेतन से आधी सीलिंग पर करना घोर अनुचित और विसंगतिपूर्ण है。

शिव गोपाल मिश्रा (NC-JCM) का कैबिनेट सचिव को पत्र: मुख्य बिंदु

Livemint की रिपोर्ट के अनुसार, स्टाफ साइड के राष्ट्रीय सचिव शिव गोपाल मिश्रा ने भारत के कैबिनेट सचिव को भेजे पत्र (No. NC-JCM-2026/CS/Bonus) में निम्नलिखित प्रमुख तथ्य रेखांकित किए हैं:

  • 49वीं एनसी-जेसीएम बैठक का हवाला: राष्ट्रीय परिषद की 49वीं बैठक में आधिकारिक पक्ष (सरकार) ने स्वीकार किया था कि बोनस गणना सीलिंग में संशोधन का मामला विचाराधीन है।
  • श्रम मंत्रालय का राजपत्र: श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के राजपत्र में वैधानिक वेतन सीमाओं को अद्यतन किया गया है, जिसके अनुसार देय बोनस ₹21,000 से कम नहीं होना चाहिए।
  • रेलवे और रक्षा कर्मियों का योगदान: भारतीय रेलवे ने पिछले वित्त वर्ष में रिकॉर्ड माल ढुलाई और राजस्व अर्जित किया है, जो ट्रैक मेंटेनर्स, लोको पायलट, स्टेशन मास्टर और वर्कशॉप कर्मियों की अथक मेहनत का परिणाम है। ऐसे में उन्हें वास्तविक मजदूरी के आधार पर बोनस मिलना चाहिए।
  • त्योहारों से पूर्व तत्काल आदेश: दशहरा पर्व निकट है और वित्त मंत्रालय शीघ्र ही बोनस आदेश जारी करने वाला है, इसलिए ₹7,000 की कृत्रिम सीलिंग को तुरंत हटाकर ₹21,000 की नई सीलिंग अधिसूचित की जाए।

वर्तमान ₹7,000 बनाम प्रस्तावित ₹21,000 सीलिंग: बोनस का गणितीय कैलकुलेटर

नीचे दी गई तालिका में रेलवे (78 दिन), डाक विभाग (60 दिन) और सामान्य केंद्रीय कर्मचारियों के तदर्थ बोनस (30 दिन) के तहत वर्तमान भुगतान और ₹18,000 (न्यूनतम बेसिक) तथा ₹21,000 सीलिंग पर मिलने वाले संभावित बोनस का विस्तृत तुलनात्मक विश्लेषण प्रस्तुत है:

कर्मचारी संवर्ग एवं विभाग स्वीकृत बोनस दिवस वर्तमान ₹7,000 सीलिंग पर भुगतान ₹18,000 (7th CPC न्यूनतम पे) पर बोनस प्रस्तावित ₹21,000 सीलिंग पर बोनस कर्मचारियों को संभावित शुद्ध लाभ
रेलवे कर्मचारी (PLB बोनस) 78 दिन ₹17,951 ₹46,159 ₹53,853 +₹35,902 का अतिरिक्त लाभ
डाक विभाग कर्मचारी (Postal PLB) 60 दिन ₹13,808 ₹35,507 ₹41,425 +₹27,617 का अतिरिक्त लाभ
रक्षा उत्पादन / आयुध निर्माण कर्मी 40 दिन ₹9,205 ₹23,671 ₹27,617 +₹18,412 का अतिरिक्त लाभ
केंद्रीय सचिवालय / ग्रुप ‘C’ तदर्थ बोनस 30 दिन ₹6,908 ₹17,763 ₹20,723 +₹13,815 का अतिरिक्त लाभ

इस गणना से स्पष्ट है कि यदि केंद्र सरकार केवल न्यूनतम मूल वेतन ₹18,000 को भी आधार बना लेती है, तो प्रत्येक रेलकर्मी को सीधे ₹28,208 का अतिरिक्त फायदा होगा और ₹21,000 की सीलिंग पर यह लाभ लगभग ₹36,000 प्रति कर्मचारी तक पहुंच जाएगा。

बोनस गणना सीलिंग का ऐतिहासिक सफर

बोनस भुगतान अधिनियम के तहत केंद्रीय कर्मचारियों की गणना सीलिंग में ऐतिहासिक रूप से कई बार संशोधन किए गए हैं:

वेतन आयोग / संशोधन वर्ष लागू मासिक गणना सीलिंग रेलवे 78 दिन का बोनस भुगतान तत्कालीन न्यूनतम मूल वेतन
5वां वेतन आयोग (1998 से) ₹2,500 प्रति माह ₹6,410 ₹2,550 प्रति माह
6वां वेतन आयोग (2008 से) ₹3,500 प्रति माह ₹8,975 ₹7,000 प्रति माह
वर्ष 2014-15 (संशोधन) ₹7,000 प्रति माह ₹17,951 ₹7,000 प्रति माह
7वां वेतन आयोग (वर्तमान स्थिति) ₹7,000 (अपरिवर्तित) ₹17,951 ₹18,000 प्रति माह
8वां वेतन आयोग (प्रस्तावित मांग) ₹21,000 प्रति माह ₹53,853 ₹34,560 – ₹51,480 (प्रस्तावित)

यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) पर महालेखा नियंत्रक (CGA) का ताजा आदेश

इसी बीच, 4 सितंबर 2026 को महालेखा नियंत्रक (Controller General of Accounts – CGA) ने केंद्रीय मंत्रालयों के प्रधान लेखा कार्यालयों और वेतन एवं लेखा कार्यालयों (PAO) को आधिकारिक निर्देश जारी किया है। CGA के आधिकारिक आदेश के तहत सभी नोडल अधिकारियों को यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) के लंबित माइग्रेशन आवेदनों का त्वरित सत्यापन करने और कर्मचारियों के प्रान (PRAN) डेटा को समयबद्ध रूप से अपडेट करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि योजना के आधिकारिक क्रियान्वयन में कोई प्रशासनिक व्यवधान न आए。

8वें वेतन आयोग के चेन्नई दौरे में भी उठेगा बोनस का मुद्दा

8वें केंद्रीय वेतन आयोग (8cpc.gov.in) का दल 7 और 8 सितंबर 2026 को चेन्नई (तमिलनाडु) में दक्षिण रेलवे मजदूर यूनियन (SRMU) और इंटीग्रल कोच फैक्ट्री (ICF) के प्रतिनिधिमंडलों से मिलने जा रहा है। कर्मचारी नेताओं ने स्पष्ट किया है कि बोनस सीलिंग का मामला केवल वार्षिक त्योहार तक सीमित नहीं है, बल्कि इसे 8वें वेतन आयोग के नए वेतन मैट्रिक्स में स्थायी रूप से न्यूनतम मूल वेतन के साथ लिंक किया जाना चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी विसंगतियां स्वतः समाप्त हो जाएं。

निष्कर्ष

दशहरा और दिवाली से ठीक पहले एनसी-जेसीएम द्वारा उठाया गया यह कदम देश के 30 लाख से अधिक गैर-राजपत्रित कर्मचारियों के आर्थिक कल्याण से सीधा जुड़ा है। यदि केंद्रीय मंत्रिमंडल त्योहारों के अवसर पर गणना सीलिंग को ₹21,000 करने की मंजूरी देता है, तो इससे कर्मचारियों की त्योहारी खुशियों में भारी इजाफा होगा और त्योहारी बाजार में भारी तरलता का संचार होगा。

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