Home / Uncategorized / निफ्टी 76 अंक चढ़कर 23,346 पर, सेंसेक्स सुस्त: टाटा शेयर टूटे

निफ्टी 76 अंक चढ़कर 23,346 पर, सेंसेक्स सुस्त: टाटा शेयर टूटे

मुंबई: भारतीय शेयर बाजार के लिए सप्ताह का आखिरी कारोबारी सत्र मिला-जुला रहा। कच्चे तेल की वैश्विक कीमतों में नरमी और एशियाई बाजारों से मिले सकारात्मक संकेतों के दम पर नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 75.80 अंक यानी 0.33 प्रतिशत की बढ़त के साथ 23,346.40 के स्तर पर बंद हुआ। यह निफ्टी के लिए लगातार तीसरे दिन की तेजी रही। दूसरी तरफ, बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का सेंसेक्स दिन के ऊपरी स्तरों से फिसलकर क्लोजिंग ऑक्शन सेशन (CAS) के दौरान लाल निशान में आ गया और 19.63 अंक यानी 0.03 प्रतिशत टूटकर 74,294.96 के स्तर पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान सेंसेक्स 413.85 अंक उछलकर 74,728.44 के उच्च स्तर तक पहुंचा था, लेकिन आईटी शेयरों में भारी बिकवाली और टाटा समूह के बोर्ड रूम विवाद के चलते बढ़त गंवा बैठा।

कच्चे तेल में गिरावट से राहत, लेकिन आईटी और टाटा समूह ने बिगाड़ा खेल

The Hindu की रिपोर्ट के अनुसार, ब्रेंट क्रूड ऑयल 1.35 प्रतिशत गिरकर 103.4 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। तेल की कीमतों में आई इस नरमी ने भारत के आयात बिल, चालू खाता घाटा और थोक महंगाई के मोर्चे पर निवेशकों को बड़ी राहत दी। इसके चलते घरेलू बाजार में सुबह चौतरफा खरीदारी देखने को मिली। हालांकि, यह तेजी ज्यादा देर नहीं टिक सकी क्योंकि देश के सबसे बड़े औद्योगिक घराने टाटा समूह में उपजे कॉरपोरेट विवाद ने बाजार की धारणा पर दबाव बना दिया।

टाटा संस के बोर्ड में उस समय गंभीर संकट खड़ा हो गया जब निदेशकों ने एन. चंद्रशेखरन को अगले पांच वर्षों के लिए दोबारा चेयरमैन नियुक्त करने का प्रस्ताव पारित किया। इस फैसले के तुरंत बाद टाटा ट्रस्ट्स ने इस प्रस्ताव को अमान्य और शून्य घोषित कर दिया। इस तीखे टकराव ने साइरस मिस्त्री विवाद के बाद के सबसे बड़े संकट की याद ताजा कर दी। इसका सीधा असर टाटा समूह के शेयरों पर पड़ा, जहां टीसीएस (TCS) में 4.33 प्रतिशत की भारी गिरावट आई। इसके अलावा टाटा केमिकल्स 11.71 प्रतिशत टूटा और टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स में 3.40 प्रतिशत की गिरावट आई।

मार्केट क्लोजिंग समरी: प्रमुख सूचकांकों और संकेतकों का हाल

सप्ताह के अंतिम कारोबारी दिन प्रमुख वित्तीय सूचकांकों, कमोडिटी और बाजार की अस्थिरता के संकेतकों का आधिकारिक तुलनात्मक ब्योरा नीचे दी गई तालिका में प्रस्तुत है:

वित्तीय सूचकांक / संकेतक समापन स्तर (Closing Level) पिछला बंद (Previous Close) शुद्ध बदलाव (अंक / %) बाजार पर मुख्य प्रभाव
बीएसई सेंसेक्स (BSE Sensex) 74,294.96 74,314.59 -19.63 अंक (-0.03%) दिन के 413 अंकों के उछाल के बाद क्लोजिंग में सपाट बंद
एनएसई निफ्टी 50 (NSE Nifty) 23,346.40 23,270.60 +75.80 अंक (+0.33%) लगातार तीसरे कारोबारी सत्र में सकारात्मक बढ़त दर्ज
निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स मजबूत उछाल सकारात्मक दायरा +1.70% की जोरदार तेजी व्यापक बाजार में खुदरा और घरेलू फंड्स की आक्रामक लिवाली
निफ्टी मिडकैप इंडेक्स ऊपरी स्तर पर बंद सकारात्मक दायरा +1.20% की ठोस बढ़त मझोली कंपनियों के शेयरों में चौतरफा खरीदारी जारी
ब्रेंट क्रूड ऑयल (Brent Crude) $103.40 / बैरल $104.80 / बैरल -1.35% की राहत भरी गिरावट आयात लागत और मुद्रास्फीति के दबाव में कमी
इंडिया विक्स (India VIX) शानदार गिरावट उच्च स्तर -7.20% की बड़ी गिरावट बाजार में अस्थिरता और अनिश्चितता का स्तर काफी घटा
मार्केट ब्रेथ (NSE Advance/Decline) 2,531 शेयर चढ़े 1,452 शेयर गिरे सकारात्मक रुझान (1.7:1) लार्जकैप के मुकाबले मिडकैप-स्मॉलकैप में भारी रौनक
विदेशी निवेशक (FII Net Outflow) -₹3,208.76 करोड़ शुद्ध बिकवाली पूंजी निकासी जारी वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच विदेशी फंड्स की निकासी

टॉप गेनर्स और टॉप लूजर्स: किन शेयरों में रहा उतार-चढ़ाव?

HDFC Sky की बाजार समीक्षा के अनुसार, शुक्रवार के सत्र में अडानी समूह के शेयरों और बैंकिंग काउंटर्स ने बाजार को मजबूत सहारा दिया। अडानी पोर्ट्स 4.93 प्रतिशत की छलांग लगाकर ₹1,824 पर बंद हुआ और निफ्टी का टॉप गेनर बना। अडानी एंटरप्राइजेज में 3.31 प्रतिशत की बढ़त रही। भारती एयरटेल में 3.12 प्रतिशत की तेजी आई, जबकि एचडीएफसी बैंक 2.52 प्रतिशत और बजाज फाइनेंस 2.49 प्रतिशत चढ़े। इसके अलावा पावर ग्रिड (2.48%), अल्ट्राटेक सीमेंट (2.32%) और अपोलो हॉस्पिटल्स (2.01%) भी शीर्ष मुनाफा कमाने वालों में शामिल रहे。

दूसरी ओर, बिकवाली का केंद्र आईटी सेक्टर और टाटा ग्रुप रहा। टीसीएस के अलावा टाइटन में 2.11 प्रतिशत, एशियन पेंट्स में 2.00 प्रतिशत और मारुति सुजुकी में 1.98 प्रतिशत की गिरावट आई। टेक महिंद्रा 1.82 प्रतिशत और टाटा स्टील 1.73 प्रतिशत टूटकर बंद हुए। विश्लेषकों का मानना है कि कॉरपोरेट विवाद के साथ-साथ अमेरिकी ब्याज दरों के ऊंचे बने रहने की आशंका से आईटी कंपनियों के वैल्यूएशन पर दबाव बना।

प्राइमरी मार्केट में रिकॉर्ड हलचल: ₹22,569 करोड़ का NSE IPO बना आकर्षण

शेयर बाजार में सेकेंडरी मार्केट की सुस्ती का एक कारण प्राइमरी मार्केट में चल रहा आईपीओ का महाकुंभ भी रहा। देश के सबसे बड़े स्टॉक एक्सचेंज नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इंडिया (NSE) का ₹22,569 करोड़ का मेगा आईपीओ बोली के दूसरे दिन ही पूरी तरह सब्सक्राइब हो गया। संस्थागत और गैर-संस्थागत निवेशकों के भारी समर्थन के चलते नकदी प्राइमरी मार्केट में चली गई, जिससे सेकेंडरी मार्केट के लार्जकैप शेयरों में वॉल्यूम हल्का रहा। फंड्स द्वारा नए इश्यू में निवेश के लिए कुछ शेयरों में मुनाफावसूली ने भी सेंसेक्स को सीमित रखा।

ग्लोबल संकेत और व्यापक बाजार की जोरदार आउटपरफॉर्मेंस

अंतरराष्ट्रीय मोर्चे पर शुक्रवार को एशियाई बाजारों में हरियाली रही। जापान का निक्केई 225, दक्षिण कोरिया का कॉस्पी, हांगकांग का हैंग सेंग और चीन का शंघाई कंपोजिट बढ़त के साथ बंद हुए। क्रूड ऑयल के $104 से नीचे आने से एशियाई अर्थव्यवस्थाओं में महंगाई घटने की उम्मीद बनी। घरेलू बाजार में मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों ने शानदार प्रदर्शन किया। मिडकैप इंडेक्स 1.2 प्रतिशत और स्मॉलकैप इंडेक्स 1.7 प्रतिशत उछले, जिससे साफ संकेत मिला कि व्यापक बाजार में तेजी का रुख मजबूत बना हुआ है।

मार्केट एक्सपर्ट्स का नजरिया और आगामी कारोबारी रणनीति

रिसर्च फर्म एचएसटी वेल्थ के सीईओ हरिसैलवन राधाकृष्णन के अनुसार, बाजार का रुख मिला-जुला लेकिन सकारात्मक रहा। क्रूड ऑयल का $103 पर आना अर्थव्यवस्था और महंगाई के लिहाज से राहत भरा है। टाटा समूह के विवाद और आईपीओ में नकदी खिंचाव से सेंसेक्स बढ़त नहीं बचा पाया, लेकिन इंडिया विक्स में 7.2 प्रतिशत की गिरावट दर्शाती है कि आगामी दिनों में बाजार में जोखिम घटा है।

निष्कर्ष: नए सप्ताह के लिए निवेशकों को क्या करना चाहिए?

समीक्षाधीन सत्र स्पष्ट करता है कि लार्जकैप में सीमित हलचल के बावजूद व्यापक बाजार में बुल रन बरकरार है। एनएसई पर चढ़ने वाले शेयरों की संख्या गिरने वालों से लगभग दोगुनी रही। आगामी सप्ताह में निफ्टी के लिए 23,500 का स्तर पार करना मुख्य लक्ष्य होगा, जबकि 23,200 मजबूत सपोर्ट रहेगा। खुदरा निवेशकों को सलाह है कि वे किसी कॉरपोरेट विवाद के शोरगुल से घबराने के बजाय मजबूत बुनियादी आधार वाली कंपनियों में अनुशासित निवेश बनाए रखें।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *