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पेंशन नियमों में बड़ा सुधार: CPAO ने जारी की 6th स्कीम बुकलेट

नई दिल्ली: केंद्र सरकार के 68 लाख से अधिक सिविल पेंशनभोगियों और पारिवारिक पेंशनरों के लिए वित्त मंत्रालय से अत्यंत राहत भरी और ऐतिहासिक प्रशासनिक खबर सामने आई है। व्यय विभाग के अधीन कार्यरत केंद्रीय पेंशन लेखा कार्यालय (CPAO) ने अधिकृत बैंकों के माध्यम से पेंशन वितरण की समूची व्यवस्था को आधुनिक, पारदर्शी और डिजिटल बनाने के लिए ‘Scheme for Payment of Pensions to Central Government Civil Pensioners through Authorised Banks’ की छठी संस्करण (Sixth Edition) स्कीम बुकलेट आधिकारिक रूप से जारी कर दी है। GovtStaff के विशेष बुलेटिन और Staff News की रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2022 के पांचवें संस्करण के चार साल बाद आई यह नई बुकलेट इलेक्ट्रॉनिक पेंशन पेमेंट ऑर्डर (e-PPO), डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट (DLC) और बैंकों द्वारा पेंशन कटौती के नियमों में दूरगामी नीतिगत सुधार लागू करती है。

छठी एडिशन स्कीम बुकलेट की पृष्ठभूमि एवं महत्व

केंद्रीय पेंशन लेखा कार्यालय (CPAO) 1 जनवरी 1990 से केंद्र सरकार के सभी सिविल मंत्रालयों, विभागों, संघ राज्य क्षेत्रों और दिल्ली उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त कर्मचारियों के पेंशन वितरण का केंद्रीय नोडल निकाय है। बैंकिंग तकनीक, पीएफएमएस (PFMS) और ‘भविष्य’ (Bhavishya) पोर्टल के एकीकरण के बाद पुरानी व्यवस्था में सुधार आवश्यक हो गया था。

CPAO द्वारा जारी इस नई बुकलेट में एसबीआई और पीएनबी सहित सभी सार्वजनिक व निजी बैंकों के केंद्रीय पेंशन प्रसंस्करण केंद्रों (CPPC) के लिए बाध्यकारी निर्देश दिए गए हैं। इसका मुख्य उद्देश्य बुजुर्ग पेंशनभोगियों को बैंक शाखाओं के चक्कर लगाने से मुक्ति दिलाना और पेंशन भुगतान में देरी को समाप्त करना है。

CPAO छठी संस्करण बुकलेट के 5 सबसे बड़े नीतिगत बदलाव

नई स्कीम बुकलेट में पेंशनभोगियों के अधिकारों की रक्षा और सुगम जीवन (Ease of Living) के लिए 5 क्रांतिकारी प्रावधान शामिल किए गए हैं:

1. कागजी फाइलों से मुक्ति: पूर्णतः डिजिटल e-PPO और SSA व्यवस्था

अब किसी भी नए सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारी का पेंशन पेमेंट ऑर्डर (PPO) और विशेष मुहर प्राधिकार (SSA) डाक से नहीं भेजा जाएगा। वेतन एवं लेखा कार्यालय (PAO) से डिजिटल हस्ताक्षर युक्त e-PPO सीधे CPAO सर्वर से बैंक के CPPC को इलेक्ट्रॉनिक रूप से स्थानांतरित होगा। इससे प्रथम पेंशन क्रेडिट होने में लगने वाला समय घटकर मात्र 48 घंटे रह गया है。

2. पेंशनभोगी के निधन पर स्वतः फैमिली पेंशन का प्रारंभ

पहले प्राथमिक पेंशनभोगी की मृत्यु के बाद जीवनसाथी को पारिवारिक पेंशन शुरू कराने के लिए बैंक में नया पीपीओ बनवाने की लंबी प्रक्रिया से गुजरना पड़ता था। नई बुकलेट के अनुसार, संयुक्त बैंक खाते में केवल मृत्यु प्रमाण पत्र और सादा आवेदन पत्र जमा करने पर बैंक को तत्काल प्रभाव से अगले महीने से फैमिली पेंशन जारी करनी होगी। इसके लिए अलग से संशोधित e-PPO की प्रतीक्षा करना अनिवार्य नहीं होगा。

3. अतिरिक्त भुगतान की मनमानी बैंक रिकवरी पर सख्त रोक

अक्सर बैंकों द्वारा पेंशन गणना में तकनीकी त्रुटि के कारण हुए अतिरिक्त भुगतान की वसूली के नाम पर पेंशनभोगियों के खातों से एकमुश्त भारी पेंशन काट ली जाती थी। नई बुकलेट में स्पष्ट निर्देश दिया गया है कि बैंक बिना अग्रिम लिखित सूचना और पेंशनभोगी को पक्ष रखने का अवसर दिए बिना कोई रिकवरी नहीं कर सकते। वसूली केवल निर्धारित आसान मासिक किश्तों में ही की जा सकेगी。

4. फेस ऑथेंटिकेशन और डोरस्टेप जीवन प्रमाण पत्र को मान्यता

नवंबर माह में जमा होने वाले जीवन प्रमाण पत्र (Life Certificate) के लिए आधार आधारित फेस ऑथेंटिकेशन (Face Authentication) को मान्यता दी गई है। साथ ही, 80 वर्ष से अधिक आयु के अति-वरिष्ठ पेंशनरों के लिए डाकियों और बैंक मित्रों के माध्यम से घर पर ही ‘डोरस्टेप बैंकिंग’ सुविधा उपलब्ध कराना अनिवार्य किया गया है。

5. ‘दीर्घायु’ (DIRGHAYU) मोबाइल ऐप का पूर्ण एकीकरण

CPAO के मोबाइल ऐप ‘DIRGHAYU’ को बैंक प्रणालियों के साथ एकीकृत किया गया है। पेंशनभोगी अब अपने स्मार्टफोन पर मासिक पेंशन स्लिप, पिछले 24 महीनों के लेनदेन का ब्योरा, महंगाई राहत (DR) की दरें और आयकर कटौती (TDS) की स्थिति एक क्लिक में देख सकते हैं。

संयुक्त बैंक खाता एवं संचालन के नए नियम

नई बुकलेट में स्पष्ट किया गया है कि पेंशनभोगी अपने जीवनसाथी के साथ ‘Either or Survivor’ आधार पर संयुक्त खाता खोल सकते हैं। इसके लिए बैंकों को यह सुनिश्चित करना होगा कि पेंशनभोगी की मृत्यु की स्थिति में जीवित जीवनसाथी को खाता संचालन में किसी प्रकार की बाधा न आए। साथ ही, बैंकों को प्रत्येक माह पेंशन क्रेडिट होते ही एसएमएस और ईमेल अलर्ट के माध्यम से पेंशन का विस्तृत विवरण भेजना अनिवार्य किया गया है。

पुरानी व्यवस्था (5th Edition) बनाम नई व्यवस्था (6th Edition): तुलनात्मक तालिका

नीचे दी गई तालिका में CPAO की पुरानी व्यवस्था और हाल ही में अधिसूचित 6th एडिशन स्कीम बुकलेट के मुख्य अंतर दर्शाए गए हैं:

प्रक्रिया / सेवा का क्षेत्र पुरानी व्यवस्था (5th Edition – 2022) नई व्यवस्था (6th Edition – सितंबर 2026) पेंशनभोगियों को सीधा लाभ
PPO का प्रेषण (Transmission) फिजिकल डाक और फाइलों पर निर्भरता 100% पेपरलेस e-PPO एवं डिजिटल SSA फाइल खोने का खतरा खत्म, समय की बचत
प्रथम पेंशन का भुगतान रिटायरमेंट के 2 से 3 महीने बाद क्रेडिट रिटायरमेंट माह के अंतिम कार्य दिवस को गारंटीकृत सेवानिवृत्ति के तुरंत बाद नियमित आय सुनिश्चित
फैमिली पेंशन शुरू होना नया फॉर्म और लंबी कागजी कार्यवाही मृत्यु प्रमाण पत्र पर CPPC द्वारा तत्काल शुरुआत शोकग्रस्त परिवार को वित्तीय संकट से सुरक्षा
अतिरिक्त भुगतान की रिकवरी बैंकों द्वारा एकतरफा भारी कटौती बिना लिखित नोटिस और सुनवाई के कटौती पर रोक पेंशनरों के अधिकारों का कानूनी संरक्षण
जीवन प्रमाण पत्र जमा करना बैंक शाखा में व्यक्तिगत उपस्थिति अनिवार्य स्मार्टफोन फेस ऑथेंटिकेशन एवं डोरस्टेप सेवा बुजुर्ग पेंशनरों को घर बैठे जीवन प्रमाण सुविधा
पेंशन स्लिप एवं शिकायतें बैंक शाखा जाकर पासबुक प्रिंट कराना DIRGHAYU ऐप और सीपीएओ पोर्टल पर लाइव पारदर्शिता और त्वरित डिजिटल समाधान

8वें वेतन आयोग और यूपीएस के दौर में सुधार का प्रभाव

यह महत्वपूर्ण सुधार ऐसे समय में आया है जब 8वें केंद्रीय वेतन आयोग की टीम चेन्नई में परामर्श पूरा कर कल, 9 सितंबर को पुडुचेरी में बैठक करने जा रही है। साथ ही, केंद्र सरकार द्वारा अधिसूचित यूनिफाइड पेंशन स्कीम (Unified Pension Scheme – UPS) के तहत 50% सुनिश्चित पेंशन का लाभ देने के लिए एक सुदृढ़ डिजिटल बैंकिंग ढांचे की आवश्यकता थी। CPAO की यह नई बुकलेट आगामी वेतन आयोग की सिफारिशों और यूपीएस के प्रभावी क्रियान्वयन में आधारशिला का काम करेगी。

निष्कर्ष

केंद्रीय पेंशन लेखा कार्यालय द्वारा जारी छठी एडिशन स्कीम बुकलेट भारत सरकार के ‘ईज ऑफ लिविंग’ संकल्प को साकार करती है। पेंशनरों को तनावमुक्त और पारदर्शी बैंकिंग सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में यह ऐतिहासिक मील का पत्थर है। देश भर के 68 लाख से अधिक सिविल पेंशनभोगियों और उनके परिवारों को अब अपने पेंशन अधिकारों के लिए बैंकों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे。

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