नई दिल्ली: भारतीय रेलवे के 12 लाख से अधिक कर्मचारियों और अधिकारियों के लिए पेंशन सुधारों के मोर्चे पर ऐतिहासिक कदम उठाया गया है। रेल मंत्रालय (Railway Board) ने संविधान के अनुच्छेद 309 के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (NPS) के अधीन यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) के क्रियान्वयन हेतु आधिकारिक गजट अधिसूचना संख्या G.S.R. 827(E) और RBE संख्या 75/2026 जारी कर दी है। इन नए नियमों को ‘रेलवे सेवाएं (राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली के अधीन एकीकृत पेंशन योजना का कार्यान्वयन) नियम, 2026’ नाम दिया गया है। यह व्यवस्था 1 जनवरी 2004 को या उसके बाद नियमित रेलवे सेवा में नियुक्त उन सभी कर्मचारियों पर लागू होगी जो एनपीएस के तहत यूपीएस का विकल्प चुनते हैं।
आरबीई 75/2026 के मुख्य प्रावधान और 50% पक्की पेंशन का गणित
All India Railwaymen’s Federation (AIRF) की रिपोर्ट के अनुसार, रेलवे बोर्ड द्वारा अधिसूचित नए यूपीएस नियमों में पूर्ण सुनिश्चित पेंशन (Full Assured Pension) के लिए 25 वर्ष की अहकारी सेवा (Qualifying Service) का मानक तय किया गया है। 25 वर्ष या उससे अधिक की नियमित सेवा पूरी करने वाले रेलकर्मी को सेवानिवृत्ति से ठीक पहले के 12 महीनों के औसत मूल वेतन (Average Basic Pay) का 50 प्रतिशत आजीवन सुनिश्चित पेंशन के रूप में प्रदान किया जाएगा।
यदि किसी कर्मचारी की अहकारी सेवा 10 वर्ष से 25 वर्ष के बीच होती है, तो उसे उसकी कुल सेवा अवधि के अनुपात में आनुपातिक सुनिश्चित पेंशन (Pro-rata Assured Pension) मिलेगी। वहीं, कम से कम 10 वर्ष की न्यूनतम सेवा पूरी करने वाले सभी कर्मचारियों के लिए ₹10,000 प्रति माह की न्यूनतम सुनिश्चित पेंशन की वैधानिक गारंटी दी गई है।
रेलवे यूपीएस नियम 2026 के प्रमुख नीतिगत घटकों का विस्तृत तुलनात्मक चार्ट
रेलवे बोर्ड द्वारा जारी आदेश संख्या RBE No. 75/2026 के तहत तय किए गए विभिन्न लाभों, कटौतियों और पात्रता शर्तों को समझने के लिए नीचे दी गई तालिका देखें:
| पेंशन योजना घटक (Scheme Component) | नियम एवं निर्धारित मानक (RBE 75/2026) | पात्रता एवं सेवा शर्तें | कर्मचारी व परिवार को देय वित्तीय लाभ |
|---|---|---|---|
| कर्मचारी का मासिक अंशदान | मूल वेतन + महंगाई भत्ते (DA) का 10% | वेतन बिल से नियमित कटौती | व्यक्तिगत यूपीएस कॉर्पस (PRAN) में जमा |
| सरकार का अनिवार्य अंशदान | मूल वेतन + DA का 18.5% | केंद्र सरकार / रेल मंत्रालय द्वारा वहन | पूल कॉर्पस और गारंटी फंड में जमा |
| पूर्ण सुनिश्चित पेंशन | अंतिम 12 माह के औसत मूल वेतन का 50% | न्यूनतम 25 वर्ष की नियमित अहकारी सेवा | आजीवन सुनिश्चित मासिक आय की गारंटी |
| आनुपातिक पेंशन (Pro-rata) | सेवा अवधि के अनुपात में गणना | 10 वर्ष से अधिक लेकिन 25 वर्ष से कम सेवा | सेवा के वर्षों के अनुसार आनुपातिक भुगतान |
| न्यूनतम सुनिश्चित पेंशन | ₹10,000 प्रति माह (न्यूनतम आधार) | कम से कम 10 वर्ष की वैध सेवा | निम्न वेतनमान कर्मियों को न्यूनतम सुरक्षा |
| पारिवारिक पेंशन (Family Pension) | कर्मचारी की पेंशन राशि का 60% | सेवानिवृत्त कर्मी की मृत्यु के पश्चात पति/पत्नी को | आजीवन नियमित पारिवारिक वित्तीय संबल |
| महंगाई राहत (Dearness Relief – DR) | AICPI-IW आधारित शत-प्रतिशत डीआर | पेंशन, पारिवारिक पेंशन व न्यूनतम पेंशन सभी पर | महंगाई के असर से पूर्ण सुरक्षा |
| एकमुश्त भुगतान (Lump-Sum) | हर 6 माह की सेवा पर 1/10वां मासिक वेतन | सेवानिवृत्ति पर ग्रेच्युटी के अतिरिक्त देय | पेंशन राशि पर कोई कटौती नहीं होगी |
स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (VRS) के लिए 20 वर्ष की सेवा का कड़ा नियम
StaffNews के आधिकारिक परिपत्र विश्लेषण के अनुसार, नए नियमों में स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (VRS) को लेकर अत्यंत स्पष्ट दिशा-निर्देश तय किए गए हैं। कोई भी रेल कर्मचारी 20 वर्ष की नियमित सेवा पूरी करने के बाद सामान्यतः 3 महीने का अग्रिम नोटिस देकर वीआरएस की मांग कर सकता है।
वीआरएस के संदर्भ में पेंशन गणना के तीन सुनहरे नियम लागू होंगे: प्रथम, वीआरएस की न्यूनतम अर्हता 20 वर्ष की सेवा होगी। द्वितीय, यदि कर्मचारी 20 से 25 वर्ष के बीच सेवा काल में वीआरएस लेता है, तो उसे आनुपातिक सुनिश्चित पेंशन (Pro-rata Payout) मिलेगी। तृतीय, यदि कर्मचारी ने 25 वर्ष या उससे अधिक की सेवा पूरी कर ली है,越, तो उसे 50 प्रतिशत की पूरी सुनिश्चित पेंशन का लाभ मिलेगा।
सेवाकाल के विभिन्न वर्षों में पेंशन भुगतान का व्यावहारिक परिदृश्य
यदि किसी रेलकर्मी का सेवानिवृत्ति के समय अंतिम 12 महीनों का औसत मूल वेतन ₹60,000 है, तो सेवा अवधि के आधार पर उसकी पेंशन का अनुमानित परिदृश्य नीचे दी गई तालिका में स्पष्ट है:
| कुल अहकारी सेवा (Qualifying Service) | पेंशन पात्रता की श्रेणी | पेंशन गणना का आधार सूत्र | मासिक पेंशन (मूल वेतन ₹60,000 पर) |
|---|---|---|---|
| 10 वर्ष की सेवा | न्यूनतम अहकारी सेवा | आनुपातिक अथवा ₹10,000 (जो भी अधिक हो) | ₹12,000 प्रति माह + महंगाई राहत (DR) |
| 15 वर्ष की सेवा | मध्यम सेवा अवधि | (15 / 25) × 50% = 30% मूल वेतन | ₹18,000 प्रति माह + महंगाई राहत (DR) |
| 20 वर्ष की सेवा (VRS पात्र) | वीआरएस हेतु न्यूनतम अर्हता | (20 / 25) × 50% = 40% मूल वेतन | ₹24,000 प्रति माह + महंगाई राहत (DR) |
| 25 वर्ष या उससे अधिक | पूर्ण सुनिश्चित पेंशन सीमा | मूल वेतन का 50% (अधिकतम सीमा) | ₹30,000 प्रति माह + महंगाई राहत (DR) |
एनपीएस में दोबारा लौटने का एकमुश्त विकल्प और इस्तीफे के नियम
Ministry of Railways द्वारा जारी नियमों के अनुसार, यूपीएस चुनने वाले रेल कर्मचारियों को भविष्य में एक बार फिर राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (NPS) में लौटने की एकमुश्त ‘स्विच सुविधा’ (One-Time Switch Option) दी जाएगी। इसके लिए निर्धारित समय सीमा और शर्तों का पालन करना अनिवार्य होगा।
इसके साथ ही यदि कोई कर्मचारी अपने पद से इस्तीफा (Resignation) देता है, तो सामान्यतः उसकी सुनिश्चित यूपीएस पेंशन का अधिकार समाप्त हो जाएगा। ऐसी स्थिति में उसके व्यक्तिगत खाते (PRAN) में जमा अंशदान और अर्जित प्रतिफल को पीएफआरडीए (PFRDA) नियमों के तहत निपटाया जाएगा। सेवाकाल के दौरान आकस्मिक मृत्यु या दिव्यांगता की स्थिति में परिवार को रेलवे पेंशन नियम 2026 या असाधारण पेंशन नियमों (EOP) के तहत विकल्प चुनने की छूट रहेगी।
रेलवे यूनियनों की प्रतिक्रिया और प्रशासनिक दिशा-निर्देश
ऑल इंडिया रेलवेमेन्स फेडरेशन (AIRF) और नेशनल फेडरेशन ऑफ इंडियन रेलवेमेन (NFIR) ने यूपीएस नियमों की अधिसूचना का स्वागत करते हुए कहा है कि सुनिश्चित पेंशन, न्यूनतम पेंशन और पारिवारिक पेंशन के प्रावधान महत्वपूर्ण उपलब्धि हैं। हालांकि यूनियनों ने 25 वर्ष की अनिवार्य सेवा शर्त को घटाकर 20 वर्ष करने की मांग दोहराई है ताकि रनिंग स्टाफ व कठिन पदों के कर्मियों को अधिकतम लाभ मिल सके।
रेलवे बोर्ड ने सभी जोनल महाप्रबंधकों (General Managers) और मंडल रेल प्रबंधकों (DRMs) को निर्देश दिया है कि वे कार्मिक विभाग के माध्यम से सभी योग्य कर्मचारियों को यूपीएस नियमों से भलीभांति अवगत कराएं ताकि वे निर्धारित समय सीमा के भीतर अपने पेंशन विकल्प का सुविचारित चयन कर सकें।













