मुंबई: कच्चे तेल की कीमतों में नरमी और वैश्विक बाजारों की तेजी के सकारात्मक असर से मंगलवार, 22 सितंबर 2026 को भारतीय शेयर बाजार बढ़त के साथ खुले। घरेलू बेंचमार्क सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी 50 ने शुरुआती कारोबार में मजबूती दर्ज की। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 42.51 अंक की बढ़त लेकर 74,901.50 पर खुला और कुछ ही देर में 115.62 अंक बढ़कर 74,974.61 पर पहुंच गया। वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 40.50 अंक यानी 0.17 प्रतिशत चढ़कर 23,455.60 के स्तर पर कारोबार करता दिखा। सोमवार को सेंसेक्स में 564 अंकों और निफ्टी में 68 अंकों के उछाल के बाद मंगलवार को भी तेजी का सिलसिला जारी रहा।
कच्चे तेल की कीमतों में नरमी और वैश्विक बाजारों की तेजी
The Hindu की रिपोर्ट के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड की कीमतों में आई गिरावट ने बाजार धारणा को सहारा दिया है। पिछले दिनों $108 प्रति बैरल के उच्च स्तर तक उछलने के बाद ब्रेंट क्रूड अब फिसलकर $101.10 प्रति बैरल के आसपास कारोबार कर रहा है। यद्यपि इसमें 0.80 प्रतिशत की मामूली बढ़त दर्ज हुई है, लेकिन पिछले सप्ताह की तुलना में तेल कीमतों का नीचे आना भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए बड़ी राहत है।
ऊर्जा विश्लेषकों का मानना है कि भारत अपनी जरूरत का 85 प्रतिशत से अधिक कच्चा तेल आयात करता है। ऐसे में कच्चे तेल में स्थिरता से देश का आयात बिल नियंत्रित रहता है और चालू खाता घाटे पर दबाव घटता है। साथ ही आयातित मुद्रास्फीति का जोखिम घटने से भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा मौद्रिक नीति को सुगम बनाए रखने की संभावनाओं को बल मिलता है। इसके अलावा यूएन बैठक में अमेरिका और ईरान के बीच कूटनीतिक बातचीत की उम्मीदों ने भी ऊर्जा संकट की आशंकाओं को हल्का किया है।
मार्केट स्नैपशॉट: प्रमुख सूचकांकों, कमोडिटी और मुद्रा का प्रदर्शन
मंगलवार 22 सितंबर 2026 के शुरुआती सत्र के दौरान प्रमुख वित्तीय संकेतकों, शेयर सूचकांकों और मुद्रा बाजार में दर्ज किए गए स्तरों का विवरण नीचे दी गई तालिका में प्रस्तुत है:
| वित्तीय संकेतक / सूचकांक | वर्तमान स्तर (22 सितंबर 2026) | पिछला बंद (21 सितंबर 2026) | शुद्ध बदलाव (अंक / %) | बाजार पर मुख्य प्रभाव |
|---|---|---|---|---|
| बीएसई सेंसेक्स (BSE Sensex) | 74,974.61 | 74,858.99 | +115.62 अंक (+0.15%) | 75,000 के अहम स्तर के करीब पहुंचा |
| एनएसई निफ्टी 50 (NSE Nifty) | 23,455.60 | 23,414.30 | +40.50 अंक (+0.17%) | 23,450 के ऊपर निरंतर मजबूती |
| निफ्टी मिडकैप 100 (Nifty MidCap) | मजबूत कारोबार | सकारात्मक रुझान | +0.28% की बढ़त | व्यापक बाजार में खरीदारी की वापसी |
| निफ्टी स्मॉलकैप 100 (Nifty SmallCap) | तेजी के साथ | सकारात्मक रुझान | +0.39% की बढ़त | खुदरा निवेशकों की सक्रिय भागीदारी |
| ब्रेंट क्रूड ऑयल (Brent Crude) | $101.10 / बैरल | $100.30 / बैरल | +0.80% (शीर्ष स्तर से गिरावट) | आयात बिल और मुद्रास्फीति को राहत |
| भारतीय रुपया (USD / INR) | ₹95.65 प्रति डॉलर | ₹95.78 प्रति डॉलर | +13 पैसे की मजबूती | डॉलर के मुकाबले घरेलू मुद्रा में सुधार |
| विदेशी संस्थागत निवेशक (FIIs) | -₹576.20 करोड़ | शुद्ध बिकवाल | बिकवाली की गति धीमी | घरेलू फंड्स द्वारा बिकवाली की भरपाई |
सेक्टोरल रुझान: बैंकिंग, रियल्टी और एविएशन में जोरदार लिवाली
Business Standard की रिपोर्ट के अनुसार, मंगलवार को सेक्टोरल मोर्चे पर तेजी देखने को मिली। निफ्टी रियल्टी इंडेक्स में सबसे अधिक तेजी दर्ज की गई। इसके साथ ही बैंकिंग सेक्टर में दिग्गज एचडीएफसी बैंक (HDFC Bank) के शेयरों में आई मजबूती ने सेंसेक्स और निफ्टी दोनों को सहारा दिया।
कच्चे तेल में नरमी का सकारात्मक असर एविएशन सेक्टर पर दिखा। विमान ईंधन की लागत घटने की उम्मीद से इंटरग्लोब एविएशन (IndiGo) के शेयर 2 प्रतिशत चढ़े। इसके अतिरिक्त अदानी पोर्ट्स, मारुति सुजुकी और एशियन पेंट्स में लिवाली दिखी। वहीं कोल इंडिया (Coal India) का शेयर एनएसई पर 3 प्रतिशत चढ़कर ₹426.85 पर पहुंच गया। ब्रोकरेज फर्म मॉर्गन स्टेनली (Morgan Stanley) द्वारा ‘ओवरवेट’ रेटिंग शुरू करने से इस शेयर में भारी तेजी आई।
आईटी शेयरों पर दबाव: रुपया सुधरने से मुनाफावसूली
मंगलवार के सत्र में अधिकांश सेक्टोरल सूचकांक हरे निशान में रहे, लेकिन निफ्टी आईटी एकमात्र ऐसा सेक्टर रहा जो लाल निशान में फंसा दिखाई दिया। डॉलर के मुकाबले रुपये के 13 पैसे सुधरकर ₹95.65 पर पहुंचने और हालिया तेजी के बाद मुनाफावसूली से प्रमुख आईटी शेयरों पर बिकवाली का दबाव देखने को मिला।
सेंसेक्स के गिरावट वाले शेयरों में एचसीएल टेक, इंफोसिस, टेक महिंद्रा और टीसीएस शामिल रहे। जानकारों का कहना है कि डॉलर में नरमी आने पर आईटी कंपनियों के मार्जिन पर असर की आशंका से निवेशक आईटी से पूंजी निकालकर घरेलू मांग वाले बैंकिंग और ऑटो शेयरों में लगा रहे हैं।
वैश्विक रुझान और घरेलू बाजार में तरलता का प्रवाह
भारतीय शेयर बाजारों को वैश्विक बाजारों से पूरा समर्थन मिला। अमेरिकी बाजारों में डाउ जोंस और एसएंडपी 500 सूचकांक बढ़त पर बंद हुए। अमेरिकी 10-वर्षीय बॉन्ड यील्ड में नरमी ने इक्विटी बाजारों में धारणा को मजबूत किया। एशियाई बाजारों में दक्षिण कोरिया का कॉस्पी, चीन का शंघाई कंपोजिट और हांगकांग का हैंग सेंग सूचकांक हरे निशान में कारोबार कर रहे थे।
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के मुख्य रणनीतिकार वी. के. विजयकुमार के अनुसार, कच्चे तेल में नरमी और बॉन्ड यील्ड में गिरावट से वैश्विक बाजारों में अनुकूल माहौल बना है। भारत में नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE IPO) के बाद अब ध्यान दोबारा सेकेंडरी मार्केट पर केंद्रित होगा। आईपीओ के अतिरिक्त फंड्स बैंक खातों में लौटने से बाजार में लिक्विडिटी बढ़ेगी, जो आगामी सत्रों में सूचकांकों को सहारा देगी।
खुदरा निवेशकों के लिए रणनीति और तकनीकी स्तर
एनरिच मनी के सीईओ पोनमुडी आर. का मानना है कि वैश्विक तनावों के बीच कूटनीतिक संवाद बाजार के लिए आश्वस्तकारी है। एफआईआई ने सोमवार को ₹576.20 करोड़ की बिकवाली की थी, लेकिन घरेलू संस्थागत निवेशकों की निरंतर खरीदारी ने बाजार में स्थिरता बनाए रखी है। वर्तमान में विदेशी बिकवाली की गति काफी हद तक थमी है।
तकनीकी चार्ट्स पर निफ्टी के लिए 23,350 से 23,400 का स्तर मजबूत सपोर्ट है, जबकि ऊपर 23,550 का स्तर रेजिस्टेंस है। वहीं सेंसेक्स के लिए 75,000 का स्तर पार करना अहम होगा। एक्सपर्ट्स की सलाह है कि खुदरा निवेशकों को अंधाधुंध खरीदारी के बजाय मजबूत फंडामेंटल वाले लार्ज-कैप और बैंकिंग शेयरों में चरणबद्ध तरीके से निवेश जारी रखना चाहिए।
निष्कर्ष और बाजार का आगामी दृष्टिकोण
22 सितंबर 2026 का सत्र भारतीय शेयर बाजार के लिए स्थिरता और सकारात्मक मजबूती का संकेत है। क्रूड ऑयल का $108 से उतरकर $101 पर आना, रुपये में सुधार और वैश्विक तेजी यह दर्शाती है कि घरेलू अर्थव्यवस्था बाहरी झटकों को सहन करने में सक्षम है। आगामी दिनों में बाजार की चाल अमेरिकी फेड के रुख, तेल की दिशा और घरेलू तरलता पर निर्भर करेगी। निवेशकों को अनुशासित दृष्टिकोण और स्टॉप-लॉस के साथ काम करने की सलाह दी जाती है।













