Home / Uncategorized / 20वां रोजगार मेला: 51,000 युवाओं को नियुक्ति पत्र, FTA से नए अवसर

20वां रोजगार मेला: 51,000 युवाओं को नियुक्ति पत्र, FTA से नए अवसर

नई दिल्ली: केंद्र सरकार के राष्ट्रव्यापी भर्ती अभियान के तहत शनिवार, 19 सितंबर 2026 को देश भर के 45 विभिन्न केंद्रों पर 20वें ‘रोजगार मेला’ (Rozgar Mela) का भव्य आयोजन किया गया। इस ऐतिहासिक अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए नवनियुक्त युवाओं को संबोधित किया और 51,000 से अधिक युवाओं को केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों एवं विभागों में नियुक्ति पत्र वितरित किए। इस 20वें संस्करण के साथ ही रोजगार मेला पहल के तहत अब तक कुल 12.75 लाख से अधिक युवाओं को सरकारी सेवाओं में रोजगार प्रदान किया जा चुका है। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत की युवा शक्ति और कौशल ने पूरी दुनिया का भरोसा जीता है।

मुक्त व्यापार समझौते (FTA) और वैश्विक रोजगार अवसर

The Hindu की रिपोर्ट के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी ने रेखांकित किया कि सरकार युवाओं के लिए रोजगार के नए रास्ते खोलने हेतु बहुआयामी रणनीति पर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि भारत ने विभिन्न देशों के साथ लगभग 40 मुक्त व्यापार समझौते (FTAs) किए हैं। ये समझौते भारतीय उद्यमियों के लिए नई वैश्विक साझेदारियों के मार्ग प्रशस्त कर रहे हैं, अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंच बना रहे हैं और कुशल युवाओं के लिए विदेशी व घरेलू स्तर पर असीम करियर अवसर पैदा कर रहे हैं।

प्रधानमंत्री ने हाल ही में नई दिल्ली में संपन्न ब्रिक्स शिखर सम्मेलन का उल्लेख करते हुए कहा कि बहुपक्षीय सहयोग केवल सरकारों तक सीमित नहीं रहना चाहिए। ‘ब्रिक्स कनेक्ट’ और ‘ब्रिक्स एमएसएमई सहयोग पोर्टल’ जैसी पहलों का उद्देश्य छोटे उद्यमियों, किसानों, महिलाओं और युवाओं को अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क से सीधे जोड़ना है, जिससे विनिर्माण और सेवा क्षेत्र में रोजगार के व्यापक अवसर बन रहे हैं।

20वें रोजगार मेले के प्रमुख आंकड़े और नीतिगत निर्णय

20वें रोजगार मेले के अंतर्गत सरकारी भर्ती के विस्तार और योजनाओं के प्रमुख आंकड़े नीचे दी गई तालिका में प्रस्तुत हैं:

प्रमुख घटक / योजना आधिकारिक विवरण / आंकड़ा बजटीय प्रावधान एवं लक्ष्य युवाओं और अर्थव्यवस्था पर प्रभाव
20वां रोजगार मेला (19 सितंबर 2026) 51,000+ नए नियुक्ति पत्र देश भर में 45 केंद्रों पर आयोजन रेलवे, गृह, राजस्व और रक्षा में नई नियुक्तियां
रोजगार मेला कुल संचयी नियुक्तियां 12.75 लाख से अधिक 20 संस्करणों में निरंतर प्रगति सरकारी तंत्र में पारदर्शिता और समयबद्ध भर्ती
पीएम विकसित भारत रोजगार योजना ₹1 लाख करोड़ का वित्तीय परिव्यय 2 करोड़ युवाओं को जोड़ने का लक्ष्य पहली नौकरी पर ₹15,000 तक का सरकारी प्रोत्साहन
पीएम-सेतु योजना (PM-SETU) 1,000 सरकारी आईटीआई का कायाकल्प ₹60,000 करोड़ का निवेश उद्योगों की मांग अनुसार आधुनिक कौशल प्रशिक्षण
मुक्त व्यापार समझौते (FTAs) 40 देशों के साथ समझौते निर्यात और सेवा क्षेत्र में विस्तार वैश्विक बाजार में युवाओं के लिए नए अवसर
भारत का स्टार्टअप इकोसिस्टम दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा तंत्र लगभग 50% स्टार्टअप टियर 2-3 में छोटे शहरों और कस्बों में नए रोजगार
आर्थिक विकास एवं निवेश वृद्धि Q1 जीडीपी वृद्धि दर 7.8% निवेश में लगभग 12% की बढ़त सॉवरेन रेटिंग में वैश्विक सुधार

₹1 लाख करोड़ की रोजगार योजना और आईटीआई का कायाकल्प

News On AIR (आकाशवाणी) की रिपोर्ट के अनुसार, प्रधानमंत्री ने ‘प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना’ पर विशेष जोर दिया। लगभग 1 लाख करोड़ रुपये के परिव्यय वाली इस योजना का लक्ष्य पहली बार संगठित कार्यबल में आने वाले 2 करोड़ युवाओं को औपचारिक रोजगार से जोड़ना है। इस योजना के तहत पहली बार नौकरी पाने वाले युवाओं को सरकार की तरफ से ₹15,000 तक का प्रोत्साहन दिया जा रहा है, जबकि नए रोजगार देने वाले नियोक्ताओं को भी वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही है।

इसके साथ ही प्रधानमंत्री ने कौशल विकास ढांचे में होপ্রিয় हो रहे बदलावों की चर्चा की। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति, स्किल इंडिया मिशन और पीएम कौशल विकास योजना के जरिए युवाओं को आधुनिक कौशल सिखाए जा रहे हैं। विशेष रूप से ‘पीएम-सेतु’ योजना के तहत 60,000 करोड़ रुपये के निवेश से 1,000 सरकारी आईटीआई को आधुनिक उद्योगों के सहयोग से अपग्रेड किया जा रहा है ताकि रोबोटिक्स, एआई और ग्रीन एनर्जी के लिए कुशल युवा तैयार हो सकें।

देश भर के 45 केंद्रों पर मंत्रियों ने सौंपे नियुक्ति पत्र

19 सितंबर को आयोजित इस रोजगार मेले में देश भर के केंद्रों पर केंद्रीय मंत्रियों ने व्यक्तिगत रूप से नियुक्ति पत्र सौंपे। नागपुर में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने नवनियुक्त अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र दिए और उनसे जनता के प्रति संवेदनशीलता व दक्षता के साथ कार्य करने का आह्वान किया। कोलकाता में केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. सुकांत मजूमदार, मुंबई में रक्षा खडसे, पुणे में मुरलीधर मोहोल, हावड़ा में शांतनु ठाकुर और ठाणे में प्रतापराव जाधव ने युवाओं को नियुक्ति पत्र प्रदान किए।

नवचयनित अभ्यर्थी राजस्व विभाग, भारतीय रेलवे, गृह मंत्रालय (सीएपीएफ), स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, डाक विभाग और रक्षा मंत्रालय में सेवाएं देंगे। मंत्रियों ने युवाओं से प्रशासनिक जिम्मेदारियों को पूरी निष्ठा से निभाने और देश के विकास में सक्रिय योगदान देने का आग्रह किया।

‘नागरिक देवो भव:’ संवेदनशील लोकसेवा का मूलमंत्र

प्रधानमंत्री ने नवनियुक्त कर्मचारियों को ‘नागरिक देवो भव:’ के सिद्धांत को अपनाने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि शासकीय सेवा में आने वाले युवाओं को स्मरण रखना चाहिए कि वे 140 करोड़ देशवासियों की सेवा के लिए चुने गए हैं। प्रधानमंत्री ने आग्रह किया कि भर्ती प्रक्रिया के दौरान उन्होंने जिन प्रशासनिक कठिनाइयों का सामना किया होगा, उनका यह प्रयास होना चाहिए कि भविष्य में अन्य नागरिकों और युवाओं को उन समस्याओं से न जूझना पड़े।

प्रधानमंत्री ने कहा कि 2047 तक ‘विकसित भारत’ के निर्माण में युवा कर्मचारियों की भूमिका निर्णायक होगी। देश में स्टार्टअप परिवेश तेजी से बढ़ रहा है और लगभग आधे स्टार्टअप टियर-2 और टियर-3 शहरों में उभर रहे हैं। 7.8 प्रतिशत की आर्थिक वृद्धि दर और 12 प्रतिशत की निवेश वृद्धि दर्शाती है भारत तेजी से आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहा है।

निष्कर्ष: युवा शक्ति से सशक्त बनता भारत

20वां रोजगार मेला देश के युवाओं के प्रति सरकार की निरंतर प्रतिबद्धता का प्रतीक है। 51,000 से अधिक नई नियुक्तियों और कुल 12.75 लाख के आंकड़े के साथ यह अभियान पारदर्शी भर्ती का मॉडल बन चुका है। एफटीए के जरिए वैश्विक बाजारों का विस्तार और ₹1 लाख करोड़ की रोजगार योजनाएं भारतीय युवाओं के भविष्य को सुरक्षित कर रही हैं। प्रशासनिक व्यवस्था में युवाओं की यह नई ऊर्जा निश्चित रूप से विकसित भारत के निर्माण को गति प्रदान करेगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *