चंडीगढ़ / नई दिल्ली: केंद्र सरकार के एक करोड़ से अधिक कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के वेतन-भत्तों की समीक्षा के लिए गठित 8वें केंद्रीय वेतन आयोग (8th Central Pay Commission) की महत्वपूर्ण परामर्श बैठक 16 से 18 सितंबर 2026 तक चंडीगढ़ में आयोजित हो रही है। जयपुर, चेन्नई और पुडुचेरी में चर्चा के बाद इस बैठक में कर्मचारियों के सबसे प्रत्यक्ष वित्तीय घटक—मकान किराया भत्ता (House Rent Allowance – HRA) पर मैराथन विमर्श चल रहा है। The Economic Times की रिपोर्ट और Livemint के अनुसार, केंद्रीय कर्मचारी संगठनों ने आयोग के समक्ष आधिकारिक ज्ञापन सौंपकर टियर-1 (X श्रेणी) शहरों में HRA की मौजूदा 30% दर को बढ़ाकर 40% करने की मांग की है। यदि यह सिफारिश 2.57 के फिटमेंट फैक्टर के साथ स्वीकार होती है, तो लेवल 10 के अधिकारियों का मासिक HRA बढ़कर ₹57,671 तक पहुंच सकता है, जबकि लेवल 1 के कर्मचारियों के भत्ते में भी भारी उछाल आएगा।
चंडीगढ़ परामर्श दौर: HRA पुनरीक्षण क्यों बना प्रमुख एजेंडा?
8वें वेतन आयोग के समक्ष प्रस्तुत मांग पत्रों में कर्मचारी महासंघों ने रेखांकित किया है कि बीते दशक में दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, हैदराबाद और पुणे जैसे शहरों में आवासीय मकानों के किराए में 60 से 85 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। इसके विपरीत 7वें वेतन आयोग में एचआरए की दरों को घटाकर 24%, 16% और 8% किया गया था, जिसे महंगाई भत्ता (DA) 50 प्रतिशत पहुंचने पर संशोधित करके क्रमशः 30%, 20% और 10% किया गया।
Staff News बुलेटिन के अनुसार, नेशनल काउंसिल – जॉइंट कंसल्टेटिव मशीनरी (NC-JCM स्टाफ साइड), ऑल इंडिया डिफेंस एम्प्लॉईज फेडरेशन (AIDEF), फेडरेशन ऑफ नेशनल पोस्टल ऑर्गेनाइजेशंस (FNPO) और रेलवे सुपरवाइजर्स एसोसिएशन (IRTSA) का तर्क है कि वर्तमान दरें वास्तविक बाजार किराए के सामने अपर्याप्त हैं, जिससे कर्मचारियों को अपनी बचत से अतिरिक्त किराया चुकाना पड़ रहा है。
कर्मचारी संगठनों द्वारा 8वें वेतन आयोग को सौंपे गए HRA प्रस्ताव
मान्यता प्राप्त केंद्रीय सेवा संगठनों ने 8वें वेतन आयोग को अपनी औपचारिक सिफारिशें प्रेषित की हैं, जिनका विवरण नीचे दी गई तालिका में दिया गया है:
| कर्मचारी संगठन / महासंघ | प्रस्तावित HRA संरचना | विशेष शर्तें एवं मांगें |
|---|---|---|
| NC-JCM (स्टाफ साइड) | X शहर: 40%, Y शहर: 35%, Z शहर: 30% | HRA को DA से जोड़ना और पेंशनरों को HRA विस्तार |
| AIDEF (रक्षा कर्मचारी) | X शहर: 40%, Y शहर: 35%, Z शहर: 30% | महानगरों के वास्तविक किराए के अनुरूप स्वतः समायोजन |
| FNPO (डाक कर्मचारी) | X शहर: 40%, Y शहर: 35%, Z शहर: 30% | ग्रामीण व अर्ध-शहरी डाककर्मियों हेतु न्यूनतम फ्लोर रेट |
| IRTSA (रेलवे सुपरवाइजर्स) | 4-स्तरीय स्लैब: 40%, 30%, 20% और 10% | DA 25% होने पर HRA दरों में 25% की स्वतः वृद्धि |
| AINPSEF (कर्मचारी मोर्चा) | X शहर: 36%, Y शहर: 24%, Z शहर: 12% | मुद्रास्फीति सूचकांक के आधार पर भत्ते की आवधिक समीक्षा |
लेवल 10 अधिकारियों का गणित: ₹57,000 मासिक HRA का आकलन
7वें वेतन आयोग के अंतर्गत पे मैट्रिक्स लेवल 10 (ग्रुप ‘ए’ सिविल सेवा, रक्षा अधिकारी, वैज्ञानिक) का प्रारंभिक मूल वेतन ₹56,100 प्रति माह है। वर्तमान में 30% HRA दर के तहत X श्रेणी के शहरों में इन अधिकारियों को ₹16,830, Y श्रेणी में ₹11,220 और Z श्रेणी में ₹5,610 मासिक आवास भत्ता मिलता है।
8वें वेतन आयोग द्वारा संभावित फिटमेंट फैक्टर लागू किए जाने और 40%, 35% व 30% की HRA दरों को स्वीकार किए जाने की स्थिति में लेवल 10 के अधिकारियों का आवास भत्ता काफी बढ़ जाएगा। नीचे दी गई तालिका में तीन अलग-अलग फिटमेंट फैक्टर परिदृश्यों के तहत संभावित HRA का वित्तीय आकलन प्रस्तुत है:
| फिटमेंट फैक्टर | संशोधित बेसिक पे (Level 10) | X श्रेणी शहर (40% HRA) | Y श्रेणी शहर (35% HRA) | Z श्रेणी शहर (30% HRA) |
|---|---|---|---|---|
| 2.10 (न्यूनतम अनुमान) | ₹1,17,810 | ₹47,124 प्रति माह | ₹41,234 प्रति माह | ₹35,343 प्रति माह |
| 2.28 (संतुलित मॉडल) | ₹1,27,908 | ₹51,163 प्रति माह | ₹44,768 प्रति माह | ₹38,372 प्रति माह |
| 2.57 (7वें CPC के समान) | ₹1,44,177 | ₹57,671 प्रति माह | ₹50,462 प्रति माह | ₹43,253 प्रति माह |
यदि 2.57 का फिटमेंट फैक्टर दोहराया जाता है और X श्रेणी में 40% HRA लागू होता है, तो अकेले आवास भत्ता ₹57,671 प्रति माह हो जाएगा। यह मौजूदा ₹16,830 की तुलना में ₹40,841 की शुद्ध वृद्धि दर्शाता है।
लेवल 1 कर्मचारियों (MTS / ग्रुप D) पर HRA वृद्धि का प्रभाव
निम्न वेतन वर्ग के कर्मचारियों के लिए भी यह संशोधन अत्यधिक राहतकारी होगा। 7वें वेतन आयोग में लेवल 1 का न्यूनतम मूल वेतन ₹18,000 है। X श्रेणी शहर में 30% की दर से इन्हें वर्तमान में ₹5,400 प्रति माह HRA मिलता है। यदि 8वें वेतन आयोग में 2.1 का न्यूनतम फिटमेंट फैक्टर मानकर मूल वेतन ₹37,800 तय किया जाए, तो HRA की स्थिति निम्नलिखित होगी:
1. 30% HRA दर बरकरार रहने पर: X शहर में HRA ₹11,340 प्रति माह होगा, जो वर्तमान से ₹5,940 अधिक है。
2. 35% HRA दर लागू होने पर: आवास भत्ता बढ़कर ₹13,230 प्रति माह हो जाएगा, जिससे ₹7,830 की अतिरिक्त बढ़ोतरी मिलेगी。
3. 40% HRA दर स्वीकृत होने पर: X श्रेणी के महानगरों में तैनात लेवल 1 कर्मचारी का मासिक HRA ₹15,120 प्रति माह हो जाएगा, जो मौजूदा ₹5,400 से लगभग तीन गुना अधिक है।
पेंशनरों को HRA विस्तार: कर्मचारी संगठनों की ऐतिहासिक मांग
चंडीगढ़ में चल रही बैठक में प्रमुख मुद्दा देश के 65 लाख से अधिक पेंशनभोगियों और पारिवारिक पेंशनरों को HRA का लाभ दिए जाने का है। NC-JCM और AIDEF ने दलील दी है कि सेवानिवृत्ति के बाद सरकारी आवास खाली करना पड़ता है, जिससे बुजुर्ग पेंशनर किराए के मकानों में रहने को विवश होते हैं।
वर्तमान पेंशन नियमों में केवल बेसिक पेंशन और महंगाई राहत (DR) का प्रावधान है। कर्मचारी संगठनों ने मांग की है कि सेवारत कर्मचारियों की तरह पेंशनरों को भी उनकी निर्धारित पेंशन के 30 से 40 प्रतिशत के अनुपात में ‘पेंशनर HRA’ प्रदान किया जाए ताकि वे सम्मानजनक जीवन व्यतीत कर सकें।
आगामी कदम और 8वें वेतन आयोग की रिपोर्ट की समयसीमा
चंडीगढ़ में उत्तरी राज्यों के यूनियनों के साथ तीन दिवसीय विमर्श संपन्न होने के पश्चात 8वां वेतन आयोग अन्य क्षेत्रीय दौरों की तैयारी करेगा। आयोग विभिन्न मंत्रालयों, राज्य सरकारों और केंद्रीय विभागों से वित्तीय इनपुट एकत्र कर रहा है।
कर्मचारी यूनियनों ने केंद्रीय वित्त मंत्रालय से आग्रह किया है कि आयोग की सिफारिशों को समयबद्ध तरीके से संकलित कर केंद्रीय मंत्रिमंडल के अनुमोदन हेतु भेजा जाए। 8वें वेतन आयोग की सिफारिशें 1 जनवरी 2026 से प्रभावी मानी जानी हैं। आने वाले महीनों में केंद्र सरकार के निर्णय तय करेंगे कि देश के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को आवासीय किराए की बढ़ती लागत से कितनी राहत मिल पाती है。













