नई दिल्ली: त्योहारी सीजन से ठीक पहले देश भर के राज्य कर्मचारियों, शिक्षकों और पेंशनभोगियों के लिए महंगाई भत्ते (DA) और बकाया एरियर पर राज्य सरकारों ने कई बड़े नीतिगत निर्णय घोषित किए हैं। आंध्र प्रदेश सरकार ने राज्य कर्मियों, स्थानीय निकाय कर्मचारियों और विश्वविद्यालय संकाय के लिए दो लंबित डीए संशोधनों को मंजूरी देते हुए कुल 4.55% की संयुक्त बढ़ोतरी की आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी है, जिसे सितंबर के वेतन के साथ अक्टूबर 2026 में वितरित किया जाएगा। इसके साथ ही महाराष्ट्र ने ₹800 करोड़ के लंबित डीए एरियर को मंजूरी दी है, जबकि उत्तर प्रदेश, बिहार, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, असम और ओडिशा में भी डीए और डीआर (Dearness Relief) की दरों में अहम संशोधन किए गए हैं। वहीं केंद्र सरकार के 1 करोड़ से अधिक कर्मचारियों और पेंशनरों की नजरें 1 जुलाई 2026 से प्रभावी होने वाले केंद्रीय डीए में संभावित 3 से 4 प्रतिशत वृद्धि पर टिकी हैं。
आंध्र प्रदेश में 4.55% DA बढ़ोतरी: दो किस्तों का फैसला और एरियर का शेड्यूल
Livemint की विशेष रिपोर्ट के अनुसार, आंध्र प्रदेश सरकार द्वारा स्वीकृत दोहरी डीए बढ़ोतरी राज्य के कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत है। पहली किस्त 2.73% की दर से 1 जुलाई 2024 से पूर्वव्यापी प्रभाव से लागू हुई है, जिससे डीए 37.31% से बढ़कर 40.04% हो गया। दूसरी किस्त 1.82% की दर से 1 जनवरी 2025 से प्रभावी की गई, जिससे कुल डीए दर मूल वेतन के 41.86% पर पहुंच गई है。
यह संशोधित दर सितंबर 2026 के वेतन में जुड़ेगी और इसका नकद भुगतान अक्टूबर में मिलने वाली सैलरी के साथ होगा। पूर्वव्यापी अवधि के संचित एरियर का भुगतान वर्ष 2027 और 2028 में किस्तों में किया जाएगा। इस फैसले से नियमित सिविल कर्मियों, जिला परिषद, पंचायत, नगर निगम और अनुदानित शिक्षण संस्थानों के लाखों कर्मचारियों को सीधा वित्तीय संबल मिलेगा。
महाराष्ट्र में ₹800 करोड़ का DA एरियर, यूपी और बिहार में भी बड़े लाभ
Livemint के राज्यवार विश्लेषण के अनुसार, महाराष्ट्र सरकार ने 5वें, 6वें और 7वें केंद्रीय वेतन आयोग के तहत कार्यरत राज्य कर्मियों के लिए नवंबर 2025 से जनवरी 2026 तक के कुल ₹800 करोड़ के लंबित डीए एरियर भुगतान को मंजूरी दे दी है। साथ ही सेवानिवृत्त एआईएस (AIS) अधिकारियों हेतु महंगाई राहत में 2 प्रतिशत की वृद्धि भी लागू की गई है。
उत्तर प्रदेश सरकार ने अपने 16 लाख से अधिक कर्मचारियों, शिक्षकों और पेंशनरों के महंगाई भत्ते में 2 प्रतिशत की वृद्धि कर इसे मूल वेतन के 60 प्रतिशत तक पहुंचाया है। बिहार सरकार ने 6th CPC कर्मियों का डीए 5 प्रतिशत बढ़ाकर 257% से 262% किया है, जबकि 5th CPC कर्मियों को 9 प्रतिशत उछाल के साथ 474% से 483% डीए दिया गया है। 7वें वेतन आयोग के तहत बिहार कर्मियों का डीए भी 58% से बढ़कर 60% हो चुका है。
विभिन्न राज्यों में घोषित महंगाई भत्ता (DA) दरों और एरियर का तुलनात्मक ब्योरा
नीचे दी गई आधिकारिक तालिका में प्रमुख राज्यों द्वारा घोषित डीए दरों, प्रभावी तिथियों और लागू वेतन आयोगों का विवरण प्रस्तुत है:
| राज्य / प्रशासनिक निकाय | घोषित DA वृद्धि (%) | प्रभावी तिथि | वर्तमान कुल DA दर | लाभार्थी वर्ग एवं वित्तीय प्रभाव |
|---|---|---|---|---|
| आंध्र प्रदेश | 4.55% (2.73% + 1.82%) | जुलाई 2024 व जनवरी 2025 | 41.86% | अक्टूबर 2026 से भुगतान, एरियर 2027-28 में |
| उत्तर प्रदेश | 2.00% | 1 जनवरी 2026 | 60.00% | 16 लाख राज्य कर्मियों, शिक्षकों व पेंशनरों को लाभ |
| बिहार | 2% (7th), 5% (6th), 9% (5th) | 1 जनवरी 2026 | 60% (7th), 262% (6th), 483% (5th) | सभी वेतन आयोगों के कर्मियों व पेंशनरों को कवर |
| महाराष्ट्र | ₹800 करोड़ एरियर + 2% DR | नवंबर 2025 से प्रभावी | 60.00% | तीन महीने का रुका एरियर खातों में जारी |
| तमिलनाडु | 2.00% | 1 जनवरी 2026 | 60.00% | राज्य पर ₹1,230 करोड़ का वार्षिक वित्तीय भार |
| पश्चिम बंगाल | 20.00% (अक्टूबर से) | 1 अक्टूबर 2026 | 38% (5th CPC: 223%) | राज्य कर्मियों के भत्तों में बड़ा संशोधन |
| असम एवं ओडिशा | 2.00% | 1 जनवरी 2026 | 60.00% | क्रमशः 8 लाख और 8.5 लाख कर्मियों को फायदा |
| अरुणाचल एवं सिक्किम | 2.00% | 1 जनवरी 2026 | 60.00% | पूर्वोत्तर राज्यों में केंद्र के समान डीए लागू |
तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल: वित्तीय भार और भत्तों की स्थिति
तमिलनाडु सरकार ने शिक्षकों, राज्य कर्मचारियों और पेंशनरों के लिए डीए में 2 प्रतिशत की वृद्धि कर इसे 60 प्रतिशत किया है। इस निर्णय से राज्य के खजाने पर प्रतिवर्ष ₹1,230 करोड़ का अतिरिक्त भार पड़ेगा। यह कदम कर्मचारियों की क्रय शक्ति बनाए रखने हेतु अहम है。
पश्चिम बंगाल सरकार ने आगामी 1 अक्टूबर 2026 से राज्य कर्मचारियों के डीए में 20 प्रतिशत की वृद्धि की घोषणा की है, जिससे यह घटक बढ़कर 38 प्रतिशत हो जाएगा। 5वें वेतन आयोग के तहत कार्यरत कर्मचारियों का डीए 171% से बढ़कर सीधे 223% हो जाएगा। पारिवारिक पेंशनरों को भी नई संशोधित पेंशन तक 223% की दर से महंगाई राहत मिलेगी。
केंद्रीय कर्मचारियों को दिवाली से पूर्व 3-4% DA बढ़ोतरी की आस
राज्यों के निर्णयों के बीच केंद्र सरकार के 50 लाख कर्मचारियों और 65 लाख पेंशनरों की निगाहें केंद्रीय मंत्रिमंडल की आगामी बैठक पर हैं। केंद्र में वर्तमान में 7वें वेतन आयोग के तहत डीए की दर 60 प्रतिशत है। श्रम ब्यूरो के एआईसीपीआई-आईडब्ल्यू (AICPI-IW) आंकड़ों के आधार पर 1 जुलाई 2026 से देय डीए में 3 से 4 प्रतिशत की वृद्धि तय मानी जा रही है。
यदि कैबिनेट 3 या 4 प्रतिशत की वृद्धि को मंजूरी देती है, तो केंद्रीय डीए बढ़कर 63% या 64% पर पहुंच जाएगा। इसका लाभ मकान किराया भत्ता (HRA) और यात्रा भत्ते में भी दिखेगा। सामान्यतः केंद्र सरकार सितंबर के अंत या अक्टूबर में दिवाली बोनस व डीए वृद्धि की घोषणा करती है, जिसमें तीन महीने का एरियर एकमुश्त दिया जाता है。
8वें वेतन आयोग के समक्ष DA मर्जर और फॉर्मूले में संशोधन की मांग
लाइव हिंदुस्तान की रिपोर्ट के अनुसार, 8वें केंद्रीय वेतन आयोग के समक्ष कर्मचारी यूनियनों ने मांग रखी है कि जब भी डीए 25% या 50% की सीमा पार करे, तो उसे स्वतः मूल वेतन में विलय कर दिया जाए。
कर्मचारी महासंघों ने साल में दो बार के बजाय त्रैमासिक समीक्षा की भी वकालत की है। न्यायमूर्ति रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता वाला आयोग 16 से 18 सितंबर 2026 को चंडीगढ़ बैठकों में इस पर विचार करेगा。
निष्कर्ष: त्योहारी मांग को गति और कर्मचारियों को बड़ी राहत
राज्यों द्वारा की गई डीए घोषणाएं और एरियर मंजूरी त्योहारी सीजन में मध्यमवर्गीय परिवारों को महंगाई से राहत देंगी। अब सभी की नजरें केंद्र सरकार के आगामी निर्णय पर हैं, जो देश के 1 करोड़ से अधिक परिवारों का त्योहारी बजट तय करेगा。













