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एशियाई खेल 2026: किट विवाद में तूर बाहर, पवन सहरावत बने ध्वजवाहक

नागोया / नई दिल्ली: जापान के आइची-नागोया में शनिवार, 19 सितंबर 2026 को 20वें एशियाई खेलों के भव्य उद्घाटन समारोह से महज कुछ घंटे पहले भारतीय खेल हलकों में एक बड़ा और अप्रत्याशित विवाद सामने आया है। भारत के स्टार शॉट-पुट थ्रोअर और दो बार के एशियाई खेलों के स्वर्ण पदक विजेता तजिंदरपाल सिंह तूर को भारतीय दल के संयुक्त ध्वजवाहक पद से हटा दिया गया है। उनकी जगह अब प्रो कबड्डी स्टार और पिछले एशियाई खेलों के स्वर्ण विजेता पवन सहरावत उद्घाटन समारोह में पेरिस ओलंपिक की दोहरी पदक विजेता निशानेबाज मनु भाकर के साथ तिरंगा थामेंगे। भारतीय दल के शेफ-डी-मिशन सहदेव यादव ने इस बड़े फैसले की आधिकारिक पुष्टि कर दी है。

उद्घाटन समारोह से पहले आधिकारिक किट का बड़ा संकट

NDTV Sports की रिपोर्ट के अनुसार, तूर के उद्घाटन समारोह से बाहर होने की मुख्य वजह कोई चोट नहीं, बल्कि आधिकारिक किट का समय पर न मिलना है। तूर को नागोया में उद्घाटन समारोह में पहनने के लिए भारतीय दल की आधिकारिक सेरेमोनियल किट उपलब्ध नहीं हो सकी। तूर ने समाचार एजेंसी पीटीआई को बताया कि उन्हें जानकारी दी गई थी कि उनकी किट भारत से शनिवार दोपहर 3 बजे नागोया एयरपोर्ट पहुंचेगी। ऐसे में एयरपोर्ट जाकर किट लेना, कस्टम क्लीयरेंस कराना और फिर समय पर समारोह स्थल तक पहुंचना व्यावहारिक रूप से असंभव था。

30 वर्षीय दिग्गज एथलीट तूर ने कहा कि उन्होंने आईओए अधिकारियों को स्पष्ट बता दिया कि इन परिस्थितियों में वे ओपनिंग सेरेमनी में शामिल नहीं हो सकते। तूर ने दावा किया कि उनकी किट अभी भी भारत में ही रखी हुई है और जापान पहुंचे पूरे भारतीय एथलेटिक्स दल में से किसी भी खिलाड़ी को अब तक आधिकारिक पोशाक नहीं मिली है। इस खुलासे के बाद खेल प्रेमियों और सोशल मीडिया पर खेल प्रशासकों की कार्यशैली को लेकर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं。

ध्वजवाहक बदलाव और किट विवाद के प्रमुख तथ्य

शनिवार सुबह उद्घाटन समारोह से ठीक पहले ध्वजवाहक बदलने और किट विवाद से जुड़े प्रमुख तथ्यों का विवरण नीचे दी गई तालिका में प्रस्तुत है:

पहलू / विवरण पूर्व निर्धारित व्यवस्था संशोधित व्यवस्था (19 सितंबर 2026) बदलाव का मुख्य कारण व प्रभाव
पुरुष ध्वजवाहक तजिंदरपाल सिंह तूर (शॉट-पुट) पवन सहरावत (कबड्डी स्टार) आधिकारिक सेरेमोनियल किट समय पर न मिलना
महिला ध्वजवाहक मनु भाकर (शूटिंग पदक विजेता) मनु भाकर (शूटिंग पदक विजेता) पूर्ववत, संयुक्त रूप से दल का नेतृत्व करेंगी
विवाद का कारण किट भारत में अटकी रही नागोया एयरपोर्ट पर दोपहर 3 बजे लैंडिंग समारोह स्थल तक पहुंचने का समय नहीं बचा
आईओए समन्वय सूचना शुक्रवार देर शाम दी गई कोच एक दिन पहले बिना किट जापान पहुंचे समय पर संवाद और योजना का अभाव दिखा
एथलेटिक्स दल त्सुकुबा यूनिवर्सिटी में ट्रेनिंग कैंप 21 सितंबर को नागोया पहुंचने का शेड्यूल दल के खिलाड़ियों के पास किट का अभाव
पवन सहरावत हांगझू एशियाई खेल स्वर्ण पदक विजेता भारतीय पुरुषों की अगुवाई करेंगे कबड्डी समुदाय में गौरव और उत्साह का माहौल

संवादहीनता और सूचना में देरी: तूर का बड़ा आरोप

The Times of India की रिपोर्ट के मुताबिक, तूर ने संवादहीनता पर सवाल उठाते हुए कहा कि आईओए ने उन्हें शुक्रवार को ही जानकारी दी कि उन्हें ध्वजवाहक चुना गया है। यदि उन्हें यह बात दो दिन पहले बता दी जाती, तो उनके निजी कोच, जो गुरुवार को ही भारत से जापान पहुंचे थे, अपने साथ उनकी किट लेकर आ सकते थे。

भारतीय एथलेटिक्स टीम 13 सितंबर से टोक्यो के पास त्सुकुबा यूनिवर्सिटी में अनुकूलन शिविर में अभ्यास कर रही है। एथलेटिक्स मुकाबले 23 सितंबर से शुरू होने हैं और टीम को 21 सितंबर को नागोया पहुंचना था। उद्घाटन समारोह के लिए तूर को विशेष रूप से नागोया बुलाया गया था, लेकिन लॉजिस्टिक चूक ने भारत के सबसे सफल गोला फेंक एथलीट को इस गौरवशाली पल से वंचित कर दिया। तूर ने 2018 जकार्ता और 2023 हांगझू एशियाई खेलों में भारत के लिए गोल्ड मेडल जीते थे。

पवन सहरावत के कंधों पर आई देश की शान

तूर के अनुपलब्ध होने के बाद अधिकारियों ने कबड्डी स्टार पवन सहरावत को ध्वजवाहक की कमान सौंपी। पवन सहरावत भारतीय कबड्डी टीम के प्रमुख रेडर और कप्तान हैं, जिन्होंने पिछले एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक दिलाने में अहम भूमिका निभाई थी। कबड्डी जैसे पारंपरिक खेल के खिलाड़ी को बहु-खेल महाकुंभ में ध्वजवाहक बनने का अवसर मिलना ऐतिहासिक क्षण है。

पवन सहरावत अब शूटर मनु भाकर के साथ 500 से अधिक भारतीय एथलीटों और अधिकारियों के दल की अगुवाई करेंगे। मनु भाकर ने पेरिस में दोहरे कांस्य पदक जीतकर इतिहास रचा था। सहरावत के चयन से कबड्डी प्रशंसकों में खुशी की लहर है, हालांकि खेल प्रेमियों का कहना है कि प्रशासनिक चूकों के कारण अनुभवी खिलाड़ियों का मनोबल नहीं टूटना चाहिए。

जापान में भारतीय दल की अन्य लॉजिस्टिक मुश्किलें

नागोया में भारतीय दल के सामने केवल किट की ही समस्या नहीं है, बल्कि आवास से जुड़े विवाद भी सामने आ रहे हैं। एमएमए फाइटर वरुण सान्याल ने शिकायत की थी कि खेल गांव में खिलाड़ियों के नाम गायब हैं और कमरों की भारी कमी के कारण एथलीटों को परेशानी उठानी पड़ रही है। खेल मंत्रालय को वैकल्पिक होटलों और जापान स्थित भारतीय प्रवासियों से मदद मांगनी पड़ी है। शेफ-डी-मिशन ने भी स्वीकार किया कि स्थानीय आयोजन समिति की ओर से कमरों की कमी रही है。

सोशल मीडिया पर भड़के फैंस और दिग्गजों की प्रतिक्रियाएं

उद्घाटन समारोह से चंद घंटे पहले दोहरे स्वर्ण पदक विजेता का किट के अभाव में ध्वजवाहक न बन पाना सोशल मीडिया पर चर्चा का बड़ा विषय बन गया है। एक्स और इंस्टाग्राम पर खेल प्रशंसकों ने जिम्मेदार अधिकारियों को निशाने पर लिया है। लोगों का कहना है कि जब सरकार खेलों पर करोड़ों रुपये खर्च कर रही है, तब खिलाड़ियों की सेरेमोनियल पोशाक समय पर न पहुंचना गंभीर लापरवाही है। पूर्व एथलीटों का भी मानना है कि इस तरह की गलतियों से अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश की छवि प्रभावित होती है。

निष्कर्ष: खेल भावना और पदकों की उम्मीद बरकरार

प्रशासनिक अड़चनों और किट विवाद के बावजूद भारत का 503 सदस्यीय दल 36 खेल स्पर्धाओं में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के लिए तैयार है। पिछले हांगझू एशियाई खेलों में भारत ने 107 पदक जीतकर कीर्तिमान बनाया था। इस बार दल का लक्ष्य 120 से अधिक पदक जीतने का है। आज शाम जब पवन सहरावत और मनु भाकर तिरंगा लहराते हुए स्टेडियम में प्रवेश करेंगे, तो पूरा देश उनके साथ खड़ा होगा। उम्मीद है कि प्रशासनिक कमियों को तुरंत दूर कर लिया जाएगा ताकि खिलाड़ी पूरी एकाग्रता के साथ देश का मान बढ़ा सकें。

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