नई दिल्ली: केंद्र सरकार के लाखों सेवारत कर्मचारियों के लिए स्वास्थ्य सेवाओं के मोर्चे पर एक अत्यंत महत्वपूर्ण नीतिगत फैसला सामने आया है। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय (Ministry of Health and Family Welfare – MoHFW) ने केंद्रीय सरकार स्वास्थ्य योजना (CGHS) के भौगोलिक पात्रता नियमों में ऐतिहासिक संशोधन करते हुए 5 किलोमीटर की अनिवार्य परिधि सीमा को पूरी तरह समाप्त कर दिया है। मंत्रालय के कर्मचारी स्वास्थ्य योजना (EHS) अनुभाग द्वारा जारी आधिकारिक कार्यालय ज्ञापन (Office Memorandum – F. No. Z.16025/227/2026/CGHS-III/EHS दिनांक 17 सितंबर 2026) के तहत अब गैर-सीजीएचएस क्षेत्रों और दूरदराज के कस्बों में पदस्थापित सेवारत कर्मियों को भी सीजीएचएस लाभार्थी बनने का ‘एकमुश्त विकल्प’ (One-Time Option) प्रदान किया गया है। The Economic Times की विस्तृत रिपोर्ट और StaffNews द्वारा जारी आधिकारिक ओएम के अनुसार, यह आदेश तत्काल प्रभाव से देश भर में लागू हो गया है, जिससे गैर-मेट्रो क्षेत्रों में तैनात कर्मचारियों को निजी सूचीबद्ध सुपर स्पेशियलिटी अस्पतालों में कैशलेस उपचार की सुविधा मिल सकेगी।
पुराने नियम की विसंगतियां और कर्मचारियों की परेशानियां
अब तक लागू 6 अप्रैल 2018 के नियमों के अनुसार सीजीएचएस की सुविधा केवल उन्हीं कर्मचारियों को मिलती थी, जिनका कार्यस्थल या आवास किसी वेलनेस सेंटर के 5 किमी के दायरे में था। जो कर्मचारी ऐसे छोटे शहरों में तैनात थे जहां वेलनेस सेंटर नहीं था, उन्हें केंद्रीय सेवा (चिकित्सा उपस्थिति) नियमावली 1944 यानी CS(MA) नियमों के अधीन रखा जाता था。
Upstox पर्सनल फाइनेंस विश्लेषण के अनुसार, CS(MA) नियमों में गंभीर बीमारी या आपात स्थिति में पहले अपनी जेब से पूरा बिल भरना पड़ता था। इसके बाद विभाग में चिकित्सा प्रतिपूर्ति (Medical Reimbursement) के लिए लंबे बिल और प्रमाणपत्र जमा करने होते थे। महीनों तक बिलों के अटके रहने, बजट की कमी और ऑडिट आपत्तियों से कर्मचारी मानसिक व आर्थिक दबाव झेलते थे। इसके विपरीत सीजीएचएस नेटवर्क में सूचीबद्ध सुपर स्पेशियलिटी अस्पतालों में सीधे कैशलेस भर्ती और गुणवत्तापूर्ण उपचार की पारदर्शी सुविधा मिलती है。
मंत्रालय का नया फैसला: भौगोलिक बाध्यता का पूर्ण खात्मा
दूरदराज के जिलों, छोटे रेलवे स्टेशनों और बॉर्डर इलाकों में तैनात कर्मियों की लंबे समय से मांग थी कि सभी केंद्रीय कर्मचारियों को एक समान स्वास्थ्य सुरक्षा दी जाए। स्वास्थ्य मंत्रालय ने माना कि केवल भौगोलिक पदस्थापना के आधार पर किसी कर्मचारी को आधुनिक कैशलेस स्वास्थ्य सेवाओं से वंचित रखना उचित नहीं है。
अतः सक्षम प्राधिकारी के अनुमोदन के बाद यह निर्णय लिया गया कि सेवारत कर्मियों के लिए सीजीएचएस पात्रता तय करने वाले सभी भौगोलिक प्रतिबंध निरस्त कर दिए जाएं। अब कोई भी केंद्रीय कर्मचारी, चाहे वह किसी भी दूरस्थ कस्बे या ग्रामीण क्षेत्र में तैनात हो, सीएस(एमए) व्यवस्था को छोड़कर सीजीएचएस योजना का चयन कर सकता है。
CGHS बनाम CS(MA) रूल्स 1944: दोनों व्यवस्थाओं का तुलनात्मक विश्लेषण
केंद्रीय कर्मचारियों की समझ के लिए नीचे दी गई तालिका में पुरानी सीएस(एमए) नियमावली और नई विस्तारित सीजीएचएस व्यवस्था के मुख्य अंतर स्पष्ट किए गए हैं:
| तुलना का मानक | CS(MA) नियम, 1944 | CGHS योजना 2026 |
|---|---|---|
| भौगोलिक दायरा | केवल गैर-सीजीएचएस क्षेत्रों में लागू | देश भर में सर्वव्यापी; 5 किमी सीमा समाप्त |
| उपचार का प्रकार | पहले अपनी जेब से भुगतान, फिर रीइंबर्समेंट | सूचीबद्ध अस्पतालों में पूर्णतः कैशलेस सुविधा |
| अस्पतालों का नेटवर्क | केवल सीमित सरकारी व मान्यता प्राप्त अस्पताल | देश भर के हजारों शीर्ष सुपर-स्पेशियलिटी अस्पताल |
| दवाओं की आपूर्ति | दवाएं खरीदकर बिल पास कराना पड़ता था | वेलनेस सेंटर और नामित फार्मेसी से सीधी आपूर्ति |
| मासिक अंशदान | वेतन से कोई कटौती नहीं होती थी | 7वें पे कमीशन अनुसार निश्चित मासिक कटौती |
| राष्ट्रीय पोर्टेबिलिटी | दूसरे शहर में इलाज पर जटिल कागजी कार्रवाई | डिजिटल कार्ड से पूरे भारत में तुरंत मान्य |
7वें वेतन आयोग के अनुसार CGHS मासिक अंशदान की दरें
सीजीएचएस योजना चुनने वाले कर्मचारियों के वेतन से 7वें वेतन आयोग की संस्तुतियों के अनुसार निर्धारित मासिक अंशदान की कटौती संबंधित डीडीओ (DDO) द्वारा की जाएगी। वर्तमान अंशदान संरचना इस प्रकार है:
| 7वां CPC पे मैट्रिक्स लेवल | शामिल पद एवं संवर्ग | मासिक CGHS अंशदान |
|---|---|---|
| लेवल 1 से लेवल 5 | एमटीएस, ग्रुप डी, एलडीसी, यूडीसी, कांस्टेबल | ₹250 प्रति माह |
| लेवल 6 | सहायक अनुभाग अधिकारी (ASO), इंस्पेक्टर, सब-इंस्पेक्टर | ₹450 प्रति माह |
| लेवल 7 से लेवल 11 | अनुभाग अधिकारी (SO), सहायक निदेशक, ग्रुप ‘ए’ अधिकारी | ₹650 प्रति माह |
| लेवल 12 एवं उससे ऊपर | उप सचिव, निदेशक, संयुक्त सचिव एवं उच्चाधिकारी | ₹1,000 प्रति माह |
‘एकमुश्त विकल्प’ की 6 प्रमुख शर्तें और दिशा-निर्देश
स्वास्थ्य मंत्रालय के कार्यालय ज्ञापन में सीजीएचएस का विकल्प चुनने वाले कर्मचारियों के लिए छह अनिवार्य शर्तें स्पष्ट की गई हैं:
1. अंतिम और बाध्यकारी विकल्प: गैर-सीजीएचएस क्षेत्रों के कर्मियों को यह विकल्प केवल एक बार मिलेगा। एक बार सीजीएचएस में शामिल होने के बाद दोबारा सीएस(एमए) नियमों में वापस जाने की अनुमति नहीं होगी。
2. पूरे परिवार पर एक समान लागू: कर्मचारी का यह विकल्प उसके सभी पात्र आश्रितों पर लागू होगा। परिवार के भीतर दोनों योजनाओं का बंटवारा मान्य नहीं होगा。
3. नियमित अंशदान कटौती: सीजीएचएस चुनने पर निर्धारित मासिक कटौती वेतन से निरंतर होगी, चाहे बाद में कर्मचारी का तबादला कहीं भी हो जाए。
4. दोहरी सुविधा पर पूर्ण रोक: सीजीएचएस लाभार्थी बनने के बाद सीएस(एमए) के तहत कोई क्लेम नहीं किया जा सकेगा। गलत जानकारी देकर दोहरा लाभ लेने पर आचरण नियमावली के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई होगी。
5. यात्रा भत्ता (TA/DA) देय नहीं: सीजीएचएस के तहत उपचार कराने या दवाएं प्राप्त करने हेतु वेलनेस सेंटर की यात्रा पर कोई टीए/डीए देय नहीं होगा。
6. सीजीएचएस शहरों के लिए अनिवार्य: जो कर्मी पहले से सीजीएचएस शहरों के जिला मुख्यालय में तैनात हैं, वे अनिवार्य रूप से सीजीएचएस में रहेंगे और उन्हें बाहर होने का विकल्प नहीं मिलेगा。
डिजिटल सीजीएचएस कार्ड और आभा आईडी से जुड़े फायदे
मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया है कि योजना में शामिल होने वाले नए कर्मचारियों को डिजिटल प्लास्टिक सीजीएचएस कार्ड जारी किए जाएंगे। इन कार्डों को आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (ABHA ID) से सीधे लिंक किया जाएगा। इसके माध्यम से कर्मचारी देश के किसी भी शहर में यात्रा या स्थानांतरण के दौरान अपने मेडिकल रिकॉर्ड और उपचार इतिहास को ऑनलाइन एक्सेस कर सकेंगे। साथ ही आपातकालीन स्थिति में बिना पूर्व अनुमति के भी किसी भी गैर-सूचीबद्ध अस्पताल में जीवन रक्षक उपचार प्राप्त करने पर सीजीएचएस पैकेज दरों के आधार पर प्रतिपूर्ति का प्रावधान भी सुरक्षित रहेगा。
आवेदन प्रक्रिया: कार्यालय प्रमुख को सौंपना होगा विकल्प फॉर्म
गैर-सीजीएचएस क्षेत्रों के सेवारत कर्मचारियों को अपने कार्यालय प्रमुख या डीडीओ को निर्धारित प्रारूप में ‘विकल्प फॉर्म और शपथ-पत्र’ जमा करना होगा। इसमें पद, पे-लेवल, मंत्रालय, आवासीय पता और आश्रितों का विवरण भरकर मासिक कटौती की सहमति देनी होगी। कार्यालय द्वारा सेवा पुस्तिका में प्रविष्टि के बाद प्लास्टिक सीजीएचएस कार्ड जारी किया जाएगा। डाक, रेलवे, आयकर, रक्षा प्रतिष्ठानों और केंद्रीय सुरक्षा बलों के सुदूर इलाकों में तैनात कर्मियों को इस निर्णय से बड़ी राहत मिलेगी。













