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8वां वेतन आयोग: मुंबई दौरे का ऐलान, 10 अक्टूबर तक मांगे सुझाव

नई दिल्ली / मुंबई: केंद्रीय कर्मचारियों, रक्षा बलों और पेंशनभोगियों के वेतन, भत्तों तथा सेवा शर्तों के पुनरीक्षण के लिए गठित 8वें केंद्रीय वेतन आयोग (8th Central Pay Commission) ने अपनी देशव्यापी परामर्श प्रक्रिया को आगे बढ़ाते हुए वित्तीय राजधानी मुंबई के आधिकारिक दौरे की विधिवत घोषणा कर दी है। वित्त मंत्रालय के 8वें वेतन आयोग सचिवालय द्वारा जारी आधिकारिक नोटिस (संख्या: 35/14/2026-VST/8CPC) के अनुसार, आयोग की उच्चस्तरीय समिति 22 और 23 अक्टूबर 2026 को मुंबई में दो दिवसीय समीक्षा और परामर्श बैठकें आयोजित करेगी। आयोग ने महाराष्ट्र और पश्चिमी क्षेत्र के सभी मान्यता प्राप्त केंद्रीय कर्मचारी संघों, ट्रेड यूनियनों, पेंशनर्स एसोसिएशनों तथा प्रशासनिक संस्थाओं से 10 अक्टूबर 2026 तक ऑनलाइन अप्वाइंटमेंट और मांग पत्र प्रस्तुत करने का औपचारिक आह्वान किया है。

मुंबई दौरे का आधिकारिक कार्यक्रम और ऑनलाइन आवेदन की समयसीमा

Staff News द्वारा प्रकाशित आधिकारिक नोटिस और Livemint की रिपोर्ट के अनुसार, 8वें केंद्रीय वेतन आयोग के निदेशक आनंद कुमार झा द्वारा जारी सर्कुलर में स्पष्ट किया गया है कि जो भी हितधारक आयोग के समक्ष पक्ष रखना चाहते हैं, उन्हें आधिकारिक पोर्टल 8cpc.gov.in अथवा एनआईसी पोर्टल के माध्यम से 10 अक्टूबर 2026 तक पंजीकरण कराना होगा। पंजीकरण के समय कर्मचारियों को मेमोरेंडम जमा करने के बाद मिली ‘यूनिक मेमो आईडी’ (Unique Memo ID) दर्ज करनी होगी。

आयोग की मुंबई यात्रा से पहले 7 और 8 अक्टूबर 2026 को बेंगलुरु में परामर्श बैठकें आयोजित की जाएंगी, जिसकी समयसीमा 18 सितंबर को समाप्त हो चुकी है। मुंबई दौरा इसलिए भी अहम है क्योंकि यहां मध्य रेलवे (Central Railway) और पश्चिम रेलवे (Western Railway) के जोनल मुख्यालय, नौसेना की पश्चिमी कमान, आयकर, सीमा शुल्क, डाक परिमंडल और भारतीय रिजर्व बैंक के विशाल कर्मचारी संगठन मौजूद हैं。

8वें वेतन आयोग का देशव्यापी परामर्श रोडमैप

पूर्व सुप्रीम कोर्ट न्यायाधीश रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में गठित 8वें वेतन आयोग में पूर्व आईएएस अधिकारी पंकज जैन सदस्य-सचिव तथा प्रख्यात अर्थशास्त्री प्रो. पुलक घोष पूर्णकालिक सदस्य हैं। आयोग जमीनी वास्तविकताओं को समझने के लिए विभिन्न राज्यों का दौरा कर रहा है। नीचे दी गई तालिका में आयोग के हालिया और आगामी दौरों की रूपरेखा दर्शाई गई है:

क्रम दौरे का शहर निर्धारित तारीख आवेदन की अंतिम तिथि प्रमुख हितधारक एवं फोकस क्षेत्र
1 जयपुर (राजस्थान) 31 अगस्त – 01 सितंबर 2026 20 अगस्त 2026 उत्तर-पश्चिम रेलवे, रक्षा लेखा, क्षेत्रीय कर्मचारी संगठन
2 चेन्नई (तमिलनाडु) 07 – 08 सितंबर 2026 28 अगस्त 2026 दक्षिणी रेलवे, आयुध निर्माणी, डॉकयार्ड एवं तटीय सुरक्षा बल
3 पुडुचेरी (UT) 09 सितंबर 2026 30 अगस्त 2026 यूटी प्रशासन, स्वास्थ्य सेवा कर्मी, स्थानीय पेंशनर फोरम
4 चंडीगढ़ (पंजाब/हरियाणा) 16 – 18 सितंबर 2026 05 सितंबर 2026 पीजीआईएमईआर नर्सिंग स्टाफ, रक्षा असैन्य कर्मी, क्षेत्रीय परिषद
5 बेंगलुरु (कर्नाटक) 07 – 08 अक्टूबर 2026 18 सितंबर 2026 इसरो (ISRO), डीआरडीओ (DRDO), वैज्ञानिक व तकनीकी संवर्ग
6 मुंबई (महाराष्ट्र) 22 – 23 अक्टूबर 2026 10 अक्टूबर 2026 मध्य व पश्चिम रेलवे, नौसेना, सीमा शुल्क, मुंबई पोर्ट ट्रस्ट

कर्मचारी संगठनों की मुख्य मांगें: फिटमेंट फैक्टर और न्यूनतम वेतन

The Economic Times के विश्लेषण के अनुसार, मुंबई बैठक में कर्मचारी यूनियनों का मुख्य जोर 7वें वेतन आयोग की विसंगतियों को दूर करने और फिटमेंट फैक्टर को तर्कसंगत बनाने पर रहेगा। 7वें वेतन आयोग में 2.57 का न्यूनतम फिटमेंट फैक्टर दिया गया था, जिससे लेवल-1 का मूल वेतन ₹7,000 से बढ़कर ₹18,000 हुआ था। बीते एक दशक में बढ़ती महंगाई, आवास लागत और शिक्षा खर्च को देखते हुए नेशनल काउंसिल जेसीएम (NC-JCM) ने 2.86 से 3.25 के फिटमेंट फैक्टर की मांग रखी है, जबकि रक्षा महासंघ बीपीएमएस (BPMS) ने डॉ. एक्रॉयड फॉर्मूले के आधार पर 4.0 फिटमेंट फैक्टर और ₹72,000 न्यूनतम वेतन की वकालत की है。

यदि आयोग 2.86 का संतुलित फिटमेंट फैक्टर स्वीकार करता है, तो न्यूनतम मूल वेतन ₹18,000 से बढ़कर ₹51,480 हो जाएगा। कर्मचारी प्रतिनिधियों का कहना है कि आवश्यक वस्तुओं के दामों में भारी बढ़ोतरी के चलते मौजूदा वेतन ढांचा कर्मचारियों की आर्थिक जरूरतों को पूरा करने में नाकाफी साबित हो रहा है。

7वें बनाम 8वें वेतन आयोग का पे-मैट्रिक्स तुलनात्मक विश्लेषण

8वें वेतन आयोग के तहत विभिन्न पे-लेवल्स के मूल वेतन में कितनी वृद्धि संभावित है, इसका तुलनात्मक विवरण नीचे दी गई तालिका में प्रस्तुत है:

पे लेवल संवर्ग / पद 7वां CPC बेसिक पे 8वां CPC बेसिक (2.86x) 8वां CPC बेसिक (3.25x)
Level 1 एमटीएस, ट्रैक मेंटेनर ₹18,000 ₹51,480 ₹58,500
Level 2 लोअर डिवीजन क्लर्क (LDC) ₹19,900 ₹56,914 ₹64,675
Level 4 अपर डिवीजन क्लर्क, टैक्स असिस्टेंट ₹25,500 ₹72,930 ₹82,875
Level 6 सहायक अनुभाग अधिकारी (ASO) ₹35,400 ₹1,01,244 ₹1,15,050
Level 8 अनुभाग अधिकारी (SO) ₹47,600 ₹1,36,136 ₹1,54,700
Level 10 ग्रुप ‘ए’ सिविल सेवा अधिकारी ₹56,100 ₹1,60,446 ₹1,82,325

पेंशनभोगियों की मांगें: कम्यूटेशन बहाली अवधि घटाकर 12 वर्ष करने की मांग

मुंबई दौरे में लगभग 12 लाख पेंशनरों का प्रतिनिधित्व करने वाले संगठनों ने अपनी प्रमुख मांगें तैयार की हैं। पेंशनर यूनियनों का सबसे बड़ा मुद्दा पेंशन कम्यूटेशन (Pension Commutation) की बहाली अवधि को 15 वर्ष से घटाकर 12 वर्ष करना है। पेंशनरों का तर्क है कि सरकार द्वारा दी जाने वाली अग्रिम राशि पर मूलधन और ब्याज की वसूली 11 से 12 वर्षों में पूरी हो जाती है, इसके बावजूद 15 साल तक पेंशन कटौती जारी रखना अनुचित है。

इसके साथ ही न्यूनतम पेंशन को ₹9,000 से बढ़ाकर ₹25,000 करने, 65, 70 और 75 वर्ष की उम्र पर अतिरिक्त पेंशन का स्लैब जोड़ने तथा कोरोना काल के 18 महीने के बकाया डीए/डीआर एरियर के भुगतान की मांग भी उठाई जाएगी। स्वास्थ्य सुरक्षा के तहत सीजीएचएस (CGHS) सुविधाओं के सरलीकरण और कैशलेस उपचार व्यवस्था को देशभर में मजबूत करने की वकालत की गई है。

रेलवे व डाक कर्मियों का बोनस: ₹18,000 सीलिंग का दबाव

दशहरा और दिवाली के त्योहारी मौसम के मद्देनजर रेलवे और डाक कर्मियों ने प्रोडक्टिविटी लिंक्ड बोनस (PLB) गणना सीमा को संशोधित करने की मांग तेज कर दी है। वर्ष 2016 से पीएलबी की गणना ₹7,000 की पुरानी सीलिंग पर की जा रही है, जिससे 78 दिनों का बोनस ₹17,951 पर अटका है। कर्मचारी यूनियनों की मांग है कि जब न्यूनतम वेतन ₹18,000 है तो बोनस गणना भी ₹18,000 के आधार पर होनी चाहिए。

रिपोर्ट की समयसीमा और कार्यान्वयन की रूपरेखा

8वें वेतन आयोग को 18 महीने के भीतर अपनी सिफारिशें केंद्र सरकार को सौंपनी हैं। मुंबई दौरे के बाद आयोग पूर्वी राज्यों का रुख करेगा। मंत्रिमंडल की मंजूरी के बाद यह 1 जनवरी 2026 से प्रभावी माना जाएगा, जिससे कर्मचारियों को बकाया एरियर भी मिलेगा。

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