मुंबई: अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आई नरमी और वैश्विक बाजारों से मिले मिश्रित संकेतों के बीच बुधवार, 23 सितंबर 2026 को भारतीय शेयर बाजार बढ़त के साथ खुले। मंगलवार की गिरावट से उबरते हुए घरेलू बेंचमार्क सूचकांक बीएसई सेंसेक्स और एनएसई निफ्टी 50 ने शुरुआती सत्र में जोरदार वापसी की। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला प्रमुख संवेदी सूचकांक सेंसेक्स शुरुआती सौदों में 283.66 अंक यानी 0.38 प्रतिशत की बढ़त के साथ 74,812.74 के स्तर पर पहुंच गया। वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का 50 शेयरों वाला मानक सूचकांक निफ्टी 85.55 अंक यानी 0.37 प्रतिशत चढ़कर 23,414.55 के स्तर पर कारोबार करता देखा गया। बाजार में आई इस तेजी से निवेशकों को राहत मिली है, हालांकि विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की लगातार निकासी ने तेज उछाल पर अंकुश लगाया है।
कच्चे तेल में गिरावट: $98 के नीचे फिसला ब्रेंट क्रूड
The Hindu की रिपोर्ट के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ब्रेंट क्रूड की कीमतों में 0.97 प्रतिशत की गिरावट आई और यह फिसलकर 98.29 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। कारोबारी सत्र में एक समय ब्रेंट क्रूड 98 डॉलर के नीचे चला गया था, जिसके बाद यह 98 से 99 डॉलर के दायरे में स्थिर दिखा। हाल ही में पश्चिम एशिया तनाव से क्रूड 108 डॉलर पार कर गया था, लेकिन अमेरिका-ईरान वार्ता के संकेतों के बाद ऊर्जा बाजार में जोखिम दबाव घटा है।
HDFC Sky की रिपोर्ट के मुताबिक, आपूर्ति संबंधी तनाव घटने से कच्चे तेल में यह नरमी आई है। भारत अपनी जरूरत का 85 प्रतिशत से अधिक कच्चा तेल आयात करता है। ऐसे में क्रूड का 100 डॉलर से नीचे आना देश के वृहद आर्थिक संतुलन, चालू खाता घाटे (CAD) और मुद्रास्फीति नियंत्रण के लिए अत्यंत सकारात्मक है। इससे आयात लागत घटने से घरेलू अर्थव्यवस्था को बड़ा संबल मिलेगा।
मार्केट ओपनिंग का मुख्य डेटा: प्रमुख सूचकांक और कमोडिटी स्थिति
बुधवार सुबह शुरुआती कारोबारी सत्र के दौरान प्रमुख वित्तीय संकेतकों, शेयर सूचकांकों और मुद्रा बाजार के आधिकारिक आंकड़े नीचे दी गई तालिका में प्रस्तुत हैं:
| वित्तीय संकेतक / सूचकांक | वर्तमान स्तर (23 सितंबर 2026) | पिछला बंद (22 सितंबर 2026) | शुद्ध बदलाव (अंक / %) | बाजार पर मुख्य प्रभाव |
|---|---|---|---|---|
| बीएसई सेंसेक्स (BSE Sensex) | 74,812.74 | 74,529.08 | +283.66 अंक (+0.38%) | 74,800 के पार मजबूत रिकवरी |
| एनएसई निफ्टी 50 (NSE Nifty) | 23,414.55 | 23,329.00 | +85.55 अंक (+0.37%) | 23,400 के स्तर को पार किया |
| ब्रेंट क्रूड ऑयल (Brent Crude) | $98.29 / बैरल | $99.25 / बैरल | -0.97% (नरमी) | आयात बिल और महंगाई में राहत |
| भारतीय रुपया (USD / INR) | ₹95.72 प्रति डॉलर | ₹95.96 प्रति डॉलर | +24 पैसे की मजबूती | कच्चे तेल में गिरावट से देसी मुद्रा संभली |
| विदेशी निवेशक (FII Outflow) | -₹3,809.99 करोड़ | शुद्ध बिकवाल | बिकवाली जारी | बाजार के तेज उछाल पर लगा अंकुश |
| बजाज फाइनेंस (Bajaj Finance) | ₹1,029.50 | ₹1,008.80 | +₹20.70 (+2.05%) | सेंसेक्स का शीर्ष लाभ कमाने वाला शेयर |
| ग्लेनमार्क फार्मा (Glenmark) | ₹2,468.30 | ₹2,461.40 | +₹6.90 (+0.28%) | अमेरिकी एफडीए से गोवा प्लांट को ईआईआर मिला |
सेक्टरवार प्रदर्शन: किन शेयरों में लौटी जोरदार खरीदारी?
बुधवार को सबसे अधिक मजबूती गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों, मेटल, सीमेंट और इंफ्रास्ट्रक्चर शेयरों में दिखी। सेंसेक्स में बजाज फाइनेंस 2.05 प्रतिशत चढ़कर ₹1,029.50 पर पहुंच गया, जबकि बजाज फिनसर्व में 1.76 प्रतिशत की तेजी रही। कच्चे तेल में नरमी से इनपुट लागत घटने की उम्मीद में अल्ट्राटेक सीमेंट और एशियन पेंट्स में 1 से 1.20 प्रतिशत तक की तेजी देखने को मिली।
मेटल सेक्टर में जेएसडब्ल्यू स्टील 1.40 प्रतिशत और टाटा स्टील 1.23 प्रतिशत चढ़े। इसके अलावा लार्सन एंड टुब्रो में 1 प्रतिशत की बढ़त रही। फार्मा क्षेत्र में ग्लेनमार्क फार्मास्यूटिकल्स में मजबूती रही क्योंकि कंपनी को गोवा संयंत्र के लिए अमेरिकी खाद्य एवं औषधि प्रशासन (US FDA) से स्थापना निरीक्षण रिपोर्ट (EIR) प्राप्त हुई, जिसे वीएआई (VAI) श्रेणी में वर्गीकृत किया गया है।
आईटी और बैंकिंग शेयरों में दबाव, इन शेयरों में रही सुस्ती
बाजार में तेजी के बावजूद आईटी और निजी बैंकिंग क्षेत्र के चुनिंदा शेयरों में मुनाफावसूली दिखी। रुपये में सुधार के कारण टीसीएस (TCS) में 0.53 प्रतिशत और इंफोसिस में 0.52 प्रतिशत की नरमी रही। इसके अतिरिक्त विप्रो के शेयर भी 0.64 प्रतिशत लाल निशान में रहे।
बैंकिंग दिग्गजों में एचडीएफसी बैंक और महिंद्रा एंड महिंद्रा में मामूली गिरावट रही। एनर्जी सेक्टर में कोल इंडिया 0.77 प्रतिशत फिसल गया। विश्लेषकों का कहना है कि मंगलवार की गिरावट के बाद निवेशकों ने रक्षात्मक शेयरों से मुनाफा काटकर कमोडिटी संवेदी शेयरों में पूंजी लगाई है।
वैश्विक बाजारों का रुख और विदेशी निवेशकों की बिकवाली
एशियाई बाजारों में मिला-जुला रुझान रहा। दक्षिण कोरिया का कॉस्पी हरे निशान में रहा, जबकि चीन का शंघाई कंपोजिट और हांगकांग का हैंग सेंग गिरावट के साथ कारोबार करते पाए गए। अमेरिकी वॉल स्ट्रीट पर मंगलवार को मिला-जुला रुख रहा, जहां नैस्डैक चढ़ा लेकिन डॉव जोंस 185 अंक गिरकर बंद हुआ।
घरेलू बाजार के लिए विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की लगातार बिकवाली बड़ी चुनौती बनी हुई है। मंगलवार को विदेशी निवेशकों ने ₹3,809.99 करोड़ के शेयरों की शुद्ध बिकवाली की थी। वैश्विक अनिश्चितताओं के कारण विदेशी फंड्स उभरते बाजारों से मुनाफा सुरक्षित कर रहे हैं, जिससे बाजार में उछाल सीमित दायरे में बंधा है।
विशेषज्ञों की राय और खुदरा निवेशकों के लिए रणनीति
एनरिच मनी (Enrich Money) के सीईओ पोनमुडी आर. के अनुसार, कच्चे तेल में नरमी वृहद आर्थिक मोर्चे पर बड़ी राहत है, क्योंकि देश ऊर्जा आयात पर अत्यधिक निर्भर है। हालांकि, विदेशी निवेशकों की सतत बिकवाली घरेलू इक्विटी के लिए प्रमुख चुनौती बनी हुई है, क्योंकि पश्चिम एशिया अनिश्चितता वैश्विक जोखिम भूख पर दबाव बनाए हुए है।
एचएसटी वेल्थ के सीईओ हरिसैलवन राधाकृष्णन ने बताया कि ब्रेंट क्रूड का 98 डॉलर के नीचे जाना राहत की बात है, लेकिन यह अभी भी भू-राजनीतिक जोखिमों के प्रति संवेदनशील है। उन्होंने निवेशकों को सलाह दी है कि इस उछाल में जल्दबाजी करने के बजाय मजबूत फंडामेंटल वाले लार्ज-कैप शेयरों में क्रमबद्ध तरीके से निवेश करें।
निष्कर्ष और आगामी कारोबारी रुख
23 सितंबर 2026 का कारोबारी सत्र भारतीय शेयर बाजार के लिए राहत लेकर आया है। मंगलवार को सेंसेक्स जहां 329.91 अंक गिरकर 74,529.08 पर और निफ्टी 85.30 अंक फिसलकर 23,329 पर बंद हुआ था, वहीं बुधवार को निफ्टी का 23,400 के पार निकलना सकारात्मक संकेत है। तकनीकी विश्लेषकों का मानना है कि निफ्टी के लिए 23,300 का स्तर मजबूत सपोर्ट का काम करेगा। आगामी कारोबारी घंटों में बाजार की चाल कच्चे तेल की स्थिरता, रुपये की चाल और यूरोपीय बाजारों के रुख पर निर्भर करेगी। निवेशकों को सतर्कता के साथ निवेश जारी रखने की सलाह दी जाती है।













