नई दिल्ली: त्योहारी सीजन की शुरुआत के साथ ही आम व्यापारियों और खानपान प्रतिष्ठानों के लिए महंगाई का बड़ा झटका लगा है। देश की प्रमुख सरकारी तेल विपणन कंपनियों (OMCs)—इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOCL), भारत पेट्रोलियम (BPCL) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HPCL)—ने 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों की कीमतों में भारी बढ़ोतरी की घोषणा की है। अक्टूबर महीने की पहली तारीख से लागू ताजा मूल्य वृद्धि के तहत विभिन्न शहरों में व्यावसायिक गैस सिलेंडर के दाम में ₹62.50 से लेकर ₹71.50 प्रति सिलेंडर तक की वृद्धि हुई है। हालांकि, 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू रसोई गैस सिलेंडर की दरों में कोई फेरबदल नहीं किया गया है और आम परिवारों के लिए पूर्ववर्ती कीमतें यथावत बनी रहेंगी。
देश भर में कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर के नए दाम
NDTV की रिपोर्ट के मुताबिक, राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली में 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर में ₹62.50 की बढ़ोतरी हुई है, जिससे दिल्ली में अब नया भाव ₹2,747.50 से बढ़कर ₹2,810 हो गया है। मुंबई में व्यावसायिक सिलेंडर ₹63.50 महंगा होकर ₹2,764.50 प्रति सिलेंडर बिक रहा है। कोलकाता में गैस कंपनियों ने ₹70 प्रति सिलेंडर की वृद्धि की है, जिससे वहां नया भाव ₹2,954 हो गया है। वहीं चेन्नई में सिलेंडर ₹66.50 महंगा होकर ₹2,983 के स्तर पर पहुंच चुका है。
इस मूल्य संशोधन में सबसे ज्यादा मार बिहार की राजधानी पटना के व्यापारियों पर पड़ी है। पटना में 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल सिलेंडर पर सर्वाधिक ₹71.50 का इजाफा किया गया है, जिससे वहां सिलेंडर का भाव ₹3,100.50 के पार पहुंच गया है। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में सिलेंडर ₹62.50 बढ़कर ₹2,932.50 हो गया है। वहीं लेह जैसे दुर्गम पर्वतीय इलाकों में कमर्शियल सिलेंडर की दरें ₹3,450 प्रति सिलेंडर तक पहुंच गई हैं。
प्रमुख शहरों में 19 किग्रा और 14.2 किग्रा एलपीजी के ताजा रेट
अक्टूबर 2026 से प्रभावी देश के प्रमुख शहरों में कमर्शियल और घरेलू एलपीजी सिलेंडरों की आधिकारिक कीमतों और पिछले महीने की तुलना में हुए बदलाव का विवरण नीचे दी गई तालिका में प्रस्तुत है:
| शहर का नाम | कमर्शियल LPG (19 किग्रा) नया रेट | प्रति सिलेंडर शुद्ध बढ़ोतरी | घरेलू LPG (14.2 किग्रा) वर्तमान रेट | घरेलू सिलेंडर में बदलाव |
|---|---|---|---|---|
| नई दिल्ली | ₹2,810.00 | +₹62.50 | ₹942.00 | कोई बदलाव नहीं (स्थिर) |
| मुंबई | ₹2,764.50 | +₹63.50 | ₹941.50 | कोई बदलाव नहीं (स्थिर) |
| कोलकाता | ₹2,954.00 | +₹70.00 | ₹968.00 | कोई बदलाव नहीं (स्थिर) |
| चेन्नई | ₹2,983.00 | +₹66.50 | ₹957.50 | कोई बदलाव नहीं (स्थिर) |
| पटना (बिहार) | ₹3,100.50 | +₹71.50 (सर्वाधिक) | ₹1,031.50 | कोई बदलाव नहीं (स्थिर) |
| लखनऊ | ₹2,932.50 | +₹62.50 | ₹979.50 | कोई बदलाव नहीं (स्थिर) |
| बेंगलुरु | ₹2,898.00 | +₹67.00 | ₹944.50 | कोई बदलाव नहीं (स्थिर) |
| हैदराबाद | ₹3,065.00 | +₹69.00 | ₹994.00 | कोई बदलाव नहीं (स्थिर) |
| जयपुर | ₹2,839.00 | +₹63.00 | ₹945.50 | कोई बदलाव नहीं (स्थिर) |
| नोएडा / गुरुग्राम | ₹2,810.00 / ₹2,828.00 | +₹62.50 / +₹63.50 | ₹939.50 / ₹950.50 | कोई बदलाव नहीं (स्थिर) |
क्यों बढ़े कमर्शियल गैस के दाम? अंतरराष्ट्रीय वजहें
GoodReturns की रिपोर्ट के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस की कीमतों में आई तेजी इस बढ़ोतरी का मुख्य कारण है। पश्चिम एशिया में बढ़ते सैन्य तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास जहाजी आवाजाही में गतिरोध से वैश्विक ऊर्जा बाजारों में जोखिम बढ़ा है। ब्रेंट क्रूड ऑयल $108 प्रति बैरल के पास बना हुआ है, जबकि अमेरिकी डब्ल्यूटीआई क्रूड भी $96 प्रति बैरल के पार कारोबार कर रहा है。
भारत अपनी कुल एलपीजी खपत का 55 से 60 प्रतिशत हिस्सा सऊदी अरब, कतर और यूएई से आयात करता है। अंतरराष्ट्रीय एलपीजी अनुबंध सऊदी सीपी दरों पर तय होते हैं। डॉलर के मुकाबले रुपये के कमजोर स्तर और वैश्विक ऊर्जा संकट से तेल कंपनियों की आयात लागत में तेज उछाल आया है। घरेलू उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त भार न डालते हुए कंपनियों ने यह वृद्धि कमर्शियल श्रेणी पर लागू की है。
होटल, रेस्टोरेंट और लिट्टी-चोखा वेंडर्स पर सीधा असर
कमर्शियल गैस के दामों में यह उछाल ऐसे समय में आया है जब नवरात्रि, दुर्गा पूजा, दशहरा और दीपावली का त्योहारी सीजन शुरू हो रहा है। त्योहारी दिनों में मिठाइयों, रेस्टोरेंट के भोजन और स्ट्रीट फूड की मांग काफी बढ़ जाती है। गैस महंगी होने से ढाबों, कैटरिंग सेवाओं और पारंपरिक खानपान स्टॉलों की दैनिक संचालन लागत में बढ़ोतरी होगी。
विशेष रूप से बिहार और पूर्वांचल के प्रसिद्ध पारंपरिक व्यंजन लिट्टी-चोखा बेचने वाले छोटे दुकानदारों और रेहड़ी संचालकों पर इसका सीधा वित्तीय दबाव पड़ेगा। पटना में सिलेंडर का भाव ₹3,100 पार कर जाने से रोजाना दो से तीन व्यावसायिक सिलेंडरों की खपत करने वाले छोटे भोजनालयों का मासिक ईंधन खर्च ₹4,000 से ₹6,000 तक बढ़ जाएगा। रेस्टोरेंट संचालकों का कहना है कि खाद्य तेल और मसालों की महंगाई के बीच वे मेनू की कीमतें 5 से 10 प्रतिशत तक बढ़ाने के लिए विवश हो सकते हैं。
हवाई ईंधन (ATF) भी ₹16 महंगा, हवाई सफर पर असर
रसोई और भोजनालयों के अलावा विमानन क्षेत्र को भी ईंधन की मार झेलनी पड़ी है। तेल कंपनियों ने कमर्शियल एलपीजी के साथ ही विमान ईंधन (ATF) के दाम में ₹16 प्रति लीटर की बढ़ोतरी कर दी है। इसके बाद घरेलू उड़ानों के लिए जेट फ्यूल ₹121 से उछलकर ₹137 प्रति लीटर पर पहुंच गया है। एयरलाइंस की कुल परिचालन लागत में एटीएफ का हिस्सा लगभग 40 प्रतिशत होता है, जिससे त्योहारी सीजन में हवाई टिकटों के और महंगे होने की आशंका है。
घरेलू रसोई गैस उपभोक्ताओं को मिली राहत
व्यावसायिक क्षेत्र में मची इस उथल-पुथल के बीच देश के 30 करोड़ से अधिक घरेलू उपभोक्ताओं के लिए राहत की बात है कि 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ है। दिल्ली में घरेलू सिलेंडर ₹942, मुंबई में ₹941.50, कोलकाता में ₹968 और पटना में ₹1,031.50 पर स्थिर बना हुआ है। सरकार ने त्योहारी सीजन में आम जनता के घरेलू बजट को सुरक्षित रखते हुए घरेलू दरों को यथावत रखा है。
निष्कर्ष: आर्थिक दृष्टिकोण और आगे की राह
अक्टूबर 2026 की यह ईंधन समीक्षा दर्शाती है कि वैश्विक भू-राजनीतिक उथल-पुथल का प्रभाव अब घरेलू कारोबार पर दिखने लगा है। कमर्शियल गैस और हवाई ईंधन में एक साथ हुई इस वृद्धि से सेवा क्षेत्र और खाद्य मुद्रास्फीति पर दबाव बढ़ेगा। आने वाले हफ्तों में यदि अंतरराष्ट्रीय तेल कीमतें $100 प्रति बैरल से नीचे नहीं आती हैं, तो छोटे व्यापारियों के मार्जिन पर गहरा असर पड़ सकता है। ऐसे में कारोबारियों को ऊर्जा प्रबंधन और लागत नियंत्रण पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है。













