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GST में ₹2.03 लाख करोड़ की वसूली: 14.7% उछाल से बना रिकॉर्ड

नई दिल्ली: त्योहारी सीजन की शुरुआत और मजबूत घरेलू उपभोग के दम पर भारत के वस्तु एवं सेवा कर (GST) संग्रह ने सितंबर 2026 में नया ऐतिहासिक कीर्तिमान स्थापित किया है। वित्त मंत्रालय द्वारा जारी ताजा आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, सितंबर 2026 में सकल जीएसटी संग्रह (Gross GST Collection) सालाना आधार पर 14.7 प्रतिशत की जोरदार छलांग लगाकर ₹2,03,521 करोड़ के स्तर पर पहुंच गया। यह भारतीय कर व्यवस्था के इतिहास में केवल दूसरा अवसर है जब मासिक जीएसटी संग्रह ने ₹2 लाख करोड़ का जादुई आंकड़ा पार किया है। इससे पहले चालू वित्त वर्ष के पहले महीने यानी अप्रैल 2026 में यह ऐतिहासिक रिकॉर्ड स्तर हासिल हुआ था।

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सितंबर 2025 में दर्ज किए गए ₹1,77,365 करोड़ के मुकाबले ₹2,03,521 करोड़ का संग्रह अर्थव्यवस्था की मजबूत बुनियाद और बेहतर कर प्रशासन का प्रमाण प्रस्तुत करता है। उल्लेखनीय है कि शुक्रवार, 2 अक्टूबर 2026 को महात्मा गांधी जयंती के राष्ट्रीय अवकाश के चलते शेयर बाजार पूरी तरह बंद रहे, लेकिन कर संग्रह के इन मजबूत आंकड़ों ने आर्थिक हलकों में नई ऊर्जा का संचार किया है।

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रिफंड के बाद नेट जीएसटी में 18.1% की भारी छलांग

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Hindustan Times की रिपोर्ट के मुताबिक, न केवल सकल कर संग्रह बल्कि रिफंड समायोजन के बाद का शुद्ध राजस्व (Net GST Revenue) भी असाधारण रूप से मजबूत रहा है। सितंबर 2026 में करदाताओं को कुल ₹27,001 करोड़ का रिफंड जारी किया गया, जो पिछले साल के ₹27,848 करोड़ से 3.04 प्रतिशत कम है। रिफंड घटाने के बाद सरकार का शुद्ध जीएसटी राजस्व 18.06 प्रतिशत उछलकर ₹1,76,520 करोड़ दर्ज किया गया, जबकि सितंबर 2025 में यह आंकड़ा ₹1,49,517 करोड़ था।

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कर विशेषज्ञों के अनुसार, नेट रेवेन्यू में 18 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि दर्शाती है कि टैक्स चोरी रोकने के सरकारी प्रयास रंग ला रहे हैं। ई-वे बिलिंग में सख्त निगरानी, फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) पर कड़े एक्शन और ऑडिट के डिजिटलीकरण से वास्तविक खजाने में बड़ा सुधार देखा गया है।

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सितंबर 2026 जीएसटी संग्रह का विस्तृत ब्रेकअप: आंकड़े तालिका में

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सकल कर संग्रह में केंद्रीय जीएसटी (CGST), राज्य जीएसटी (SGST), एकीकृत जीएसटी (IGST) और आयात शुल्क का आधिकारिक विवरण नीचे दी गई तालिका में स्पष्ट देखा जा सकता है:

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जीएसटी घटक / राजस्व मद सितंबर 2026 (₹ करोड़) सितंबर 2025 (₹ करोड़) सालाना वृद्धि (YoY %) राजस्व का मुख्य स्रोत
सकल जीएसटी संग्रह (Gross Total) ₹2,03,521 करोड़ ₹1,77,365 करोड़ +14.70% घरेलू सौदे एवं आयातित वस्तुएं
घरेलू लेनदेन राजस्व (Domestic Revenue) ₹1,37,996 करोड़ ₹1,25,334 करोड़ +10.10% घरेलू विनिर्माण एवं सेवा क्षेत्र
केंद्रीय जीएसटी (CGST – Domestic) ₹37,762 करोड़ ₹33,645 करोड़ +12.24% केंद्र सरकार का घरेलू कर हिस्सा
राज्य जीएसटी (SGST – Domestic) ₹45,363 करोड़ ₹41,836 करोड़ +8.43% राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों का हिस्सा
एकीकृत जीएसटी (IGST – Domestic) ₹54,871 करोड़ ₹49,853 करोड़ +10.07% राज्यों के बीच अंतरराज्यीय व्यापार
आयातित वस्तुओं पर आईजीएसटी (Import IGST) ₹65,525 करोड़ ₹52,031 करोड़ +25.93% विदेशों से आयातित माल एवं सेवाएं
जीएसटी रिफंड (Total Refunds) ₹27,001 करोड़ ₹27,848 करोड़ -3.04% निर्यातकों एवं करदाताओं को वापसी
शुद्ध जीएसटी राजस्व (Net Collection) ₹1,76,520 करोड़ ₹1,49,517 करोड़ +18.06% रिफंड समायोजन के बाद शुद्ध खजाना
शुद्ध सीमा शुल्क (Net Customs Revenue) ₹52,028 करोड़ ₹39,788 करोड़ +30.76% अंतरराष्ट्रीय व्यापार व टैरिफ संग्रह

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आयातित आईजीएसटी में 25.9% की भारी उछाल और आयात रुझान

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The Hindu के आर्थिक विश्लेषण में बताया गया कि कर संग्रह में आयात से जुड़े जीएसटी की हिस्सेदारी काफी तेजी से बढ़ी है। आयातित वस्तुओं पर वसूले गए आईजीएसटी में 25.93 प्रतिशत की भारी वृद्धि हुई और यह ₹52,031 करोड़ से बढ़कर ₹65,525 करोड़ पर पहुंच गया। इसके अलावा शुद्ध सीमा शुल्क (Customs Revenue) में भी 30.76 प्रतिशत का जबरदस्त इजाफा हुआ और यह ₹52,028 करोड़ रहा。

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विश्लेषण के अनुसार कुल राजस्व में घरेलू स्रोतों की हिस्सेदारी मामूली रूप से घटी है, क्योंकि आयात वृद्धि दर घरेलू विनिर्माण से अधिक रही। त्योहारी मांग, इलेक्ट्रॉनिक्स उपकरणों और औद्योगिक कच्चे माल के बढ़ते आयात ने इस राजस्व को महत्वपूर्ण सहारा दिया है。

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चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही (H1) में 11.6% की कुल वृद्धि

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Times of India की विस्तृत रिपोर्ट के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2026-27 की पहली छमाही (अप्रैल से सितंबर 2026) के दौरान भारत का कुल संचयी सकल जीएसटी संग्रह ₹12,46,278 करोड़ रहा है। यह पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि के मुकाबले 11.6 प्रतिशत की मजबूत वृद्धि को प्रदर्शित करता है。

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छमाही आधार पर ₹12.46 लाख करोड़ का यह विशाल आंकड़ा केंद्र और राज्य सरकारों के राजकोषीय लक्ष्यों के लिए मजबूत सुरक्षा घेरा तैयार करता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि आगामी त्योहारी महीनों में यही रुझान रहा, तो सरकार वार्षिक कर संग्रह लक्ष्यों को आसानी से हासिल कर लेगी。

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कर विशेषज्ञों का विश्लेषण: डेलॉइट का दृष्टिकोण

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डेलॉइट इंडिया के पार्टनर एम. एस. मणि ने कर आंकड़ों पर कहा कि प्रक्रियाओं के सरलीकरण, कर अनुपालन और जीएसटी ऑडिट अभियानों के परिणाम अब साफ दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने रेखांकित किया कि कर दरों में कुछ श्रेणियों में राहत के बावजूद सकल संग्रह में 14.7 प्रतिशत और शुद्ध राजस्व में 18.1 प्रतिशत की वृद्धि होना वास्तव में एक उल्लेखनीय उपलब्धि है。

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मणि के अनुसार, अंतरराज्यीय व्यापार और आपूर्ति श्रृंखला में सुधार दर्शाता है कि अर्थव्यवस्था मजबूत आंतरिक मांग पर टिकी है। विशेष रूप से एमएसएमई इकाइयों के औपचारिक दायरे में आने से कर आधार लगातार बढ़ रहा है。

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शेयर बाजार और व्यापक अर्थव्यवस्था पर क्या होगा असर?

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यद्यपि 2 अक्टूबर को गांधी जयंती पर शेयर बाजार बंद रहे, लेकिन 1 अक्टूबर को पिछले सत्र में सेंसेक्स 571 अंक टूटकर 73,812 और निफ्टी 178 अंक गिरकर 22,422 पर बंद हुआ था। बाजार विश्लेषकों का स्पष्ट मानना है कि सोमवार, 5 अक्टूबर को जब बाजार खुलेंगे, तो ये रिकॉर्ड कर आंकड़े निवेशकों की धारणा को मजबूत सहारा देंगे。

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विशेषकर एफएमसीजी, ऑटो और बैंकिंग शेयरों में आर्थिक गतिविधियों के मजबूत आंकड़ों से नई लिवाली दिख सकती है। निवेशकों की नजर अब आगामी कॉर्पोरेट तिमाही नतीजों और भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति बैठक पर रहेगी。

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निष्कर्ष: त्योहारी तिमाही के लिए मजबूत राजकोषीय संकेत

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संक्षेप में कहें तो सितंबर 2026 में ₹2.03 लाख करोड़ से अधिक का जीएसटी संग्रह भारत के मैक्रोइकॉनॉमिक परिदृश्य के लिए अत्यंत आश्वस्तकारी संकेत है। यह ऐतिहासिक उपलब्धि सरकार के विकास खर्चों को वित्तीय स्थिरता देती है और साबित करती है कि उपभोक्ता मांग पूरी तरह पटरी पर है। त्योहारी सीजन के जोर पकड़ने के साथ आगामी महीनों में कर राजस्व नए रिकॉर्ड बना सकता है。

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