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एशियन गेम्स 2026: 21 गोल्ड और 85 पदकों के साथ भारत चौथे स्थान पर

नागोया (जापान): जापान के आइची-नागोया में आयोजित 20वें एशियाई खेल (Asian Games 2026) का समापन रविवार, 4 अक्टूबर 2026 को भव्य क्लोजिंग सेरेमनी के साथ हो गया। भारतीय खेल दल ने इस महाकुंभ में ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए कुल 85 पदकों के साथ चौथा स्थान हासिल किया। भारत के इस शानदार अभियान में 21 स्वर्ण, 27 रजत और 37 कांस्य पदक शामिल रहे। प्रतियोगिता के अंतिम दो दिनों में भारतीय एथलीटों ने रिकॉर्ड 11 गोल्ड मेडल झटककर जबरदस्त ‘गोल्ड रश’ पेश किया, जिसके दम पर भारत ने पदक तालिका में उज्बेकिस्तान को पछाड़कर शीर्ष चार में अपनी जगह पक्की कर ली। भारतीय खिलाड़ियों के इस ऐतिहासिक प्रदर्शन से पूरे देश में जश्न का माहौल है और सोशल मीडिया पर भारतीय तिरंगे की धूम मची हुई है。

अंतिम दो दिनों में 11 गोल्ड की सुनामी: भारत ने रचा नया इतिहास

The Hindu की विशेष खेल रिपोर्ट के अनुसार, खेलों के आखिरी 48 घंटों में भारतीय दल ने अप्रत्याशित आक्रामकता दिखाते हुए स्वर्णिम पदकों की झड़ी लगा दी। जहां शूटिंग और बैडमिंटन में उम्मीद से कम सफलता मिली थी, वहीं गोल्फ, तीरंदाजी, कुश्ती, हॉकी, कबड्डी और क्रिकेट के खिलाड़ियों ने अंतिम क्षणों में पासा पलट दिया। भारत ने चीन (163 गोल्ड), जापान (73 गोल्ड) और दक्षिण कोरिया (33 गोल्ड) के बाद चौथा स्थान बरकरार रखा。

News On AIR की रिपोर्ट के मुताबिक, समापन समारोह से ठीक पहले भारत के 85 पदकों के इस आंकड़े ने साबित कर दिया कि भारतीय एथलीट वैश्विक और महाद्वीपीय स्तर पर बड़े दबाव वाले मुकाबलों में जीत दर्ज करने की क्षमता रखते हैं। प्रधानमंत्री और खेल मंत्री ने पूरे भारतीय दल को इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर बधाई दी है。

एशियन गेम्स 2026 पदक तालिका: शीर्ष 5 देशों की स्थिति

आइची-नागोया 2026 एशियाई खेलों की आधिकारिक पदक तालिका में शीर्ष पांच देशों और उनके पदकों का विवरण नीचे दी गई तालिका में प्रस्तुत है:

रैंक देश स्वर्ण (Gold) रजत (Silver) कांस्य (Bronze) कुल पदक (Total)
1 चीन (China) 163 83 74 320
2 जापान (Japan – मेजबान) 73 83 86 242
3 दक्षिण कोरिया (South Korea) 33 40 63 136
4 भारत (India) 21 27 37 85
5 उज्बेकिस्तान (Uzbekistan) 20 23 22 65

प्रणवी उर्स और कुमकुम मोहोड़: दो बेटियों की ऐतिहासिक स्वर्णिम उड़ान

नागोया में भारत के इस शानदार अभियान की सबसे बड़ी प्रेरणादायक कहानियां महिला खिलाड़ियों के असाधारण हौसले से निकलीं। मैसूर की 23 वर्षीय गोल्फर प्रणवी उर्स ने एशियाई खेलों के इतिहास में भारत को महिला व्यक्तिगत गोल्फ का पहला स्वर्ण पदक दिलाकर नया कीर्तिमान स्थापित कर दिया। फाइनल राउंड के तीसरे होल पर ट्रिपल बोगी का झटका लगने के बावजूद प्रणवी ने अद्भुत धैर्य दिखाया और 15-अंडर 265 के कुल स्कोर के साथ स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाया। इतना ही नहीं, अदिति अशोक और दीक्षा डागर के साथ मिलकर उन्होंने महिला टीम स्पर्धा में भारत को रजत पदक भी दिलाया。

दूसरी ओर तीरंदाजी की फील्ड में महाराष्ट्र की 17 वर्षीय युवा सनसनी कुमकुम मोहोड़ ने वह कारनामा कर दिखाया जो भारतीय खेल इतिहास में कभी नहीं हुआ था। कुमकुम एशियाई खेलों के इतिहास में महिला व्यक्तिगत रिकर्व तीरंदाजी में स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला बन गईं। फाइनल मुकाबले में उन्होंने दक्षिण कोरिया की दिग्गज तीरंदाज ओह येजिन को 6-5 से हराया। इससे पहले उन्होंने विश्व चैंपियन कांग चाएयंग और पूर्व विश्व नंबर एक चीन की जिंगयी झू को शिकस्त दी थी। कुमकुम इस प्रतियोगिता से दो स्वर्ण और एक रजत पदक के साथ लौटी हैं और उन्होंने 2028 ओलंपिक का कोटा भी पक्का कर लिया है。

हॉकी और क्रिकेट में भारत का दबदबा: पाकिस्तान और मलेशिया पस्त

पारंपरिक टीम खेलों में भारत ने अपनी बादशाहत को पूरी शान के साथ बरकरार रखा। काकामीगहारा में खेले गए पुरुष हॉकी के फाइनल में कप्तान हरमनप्रीत सिंह की अगुवाई वाली भारतीय टीम ने मलेशिया को एकतरफा अंदाज में 5-1 से रौंदकर स्वर्ण पदक पर कब्जा किया। कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने दो दर्शनीय गोल दागे। इस खिताबी जीत के साथ ही भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने 2028 के लॉस एंजिल्स ओलंपिक के लिए सीधे तौर पर क्वालीफाई कर लिया है। इससे पहले महिला हॉकी टीम ने भी 44 साल बाद चीन को 1-0 से हराकर गोल्ड जीता था。

वहीं पुरुष क्रिकेट के बहुचर्चित फाइनल में भारतीय टीम ने अपने चिर-प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान को 19 रनों से हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। अभिषेक शर्मा की 28 गेंदों में 61 रनों की तूफानी पारी और उपकप्तान तिलक वर्मा के नाबाद 51 रनों के दम पर भारत ने 211 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया था। जवाब में पाकिस्तानी टीम 192 रन ही बना सकी और भारत ने अपने टी20 दबदबे को कायम रखा। इसके अलावा कबड्डी में भी भारत ने पुरुष और महिला दोनों वर्गों में गोल्ड मेडल जीतकर क्लीन स्वीप किया。

कुश्ती में अमन सहरावत का दम और तीरंदाजी की पूरी झोली

कुश्ती मैट पर पेरिस ओलंपिक के कांस्य पदक विजेता अमन सहरावत ने शानदार वापसी करते हुए पुरुषों के 57 किग्रा फ्रीस्टाइल वर्ग में स्वर्ण पदक जीतकर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। अमन एशियाई खेलों के 57 किग्रा वर्ग में गोल्ड जीतने वाले पहले भारतीय पहलवान बन गए हैं। इसके अतिरिक्त महिला कुश्ती के 53 किग्रा वर्ग में अंतिम पंघाल ने कड़े मुकाबले के बाद रजत पदक अर्जित किया。

भारतीय तीरंदाजी दल के लिए यह एशियाई खेल अब तक का सबसे सफल अभियान साबित हुआ। भारत ने तीरंदाजी में कुल 9 पदक जीते, जिनमें 5 स्वर्ण पदक शामिल हैं। कंपाउंड तीरंदाजी की टीम स्पर्धाओं में भारत ने क्लीन स्वीप किया, जबकि रिकर्व तीरंदाजी में नीरज चौहान ने कांस्य पदक जीतकर देश का मान बढ़ाया। इन शानदार परिणामों ने साबित किया कि पारंपरिक खेलों के अलावा व्यक्तिगत खेलों में भी भारत विश्वस्तरीय ताकत बन चुका है。

निष्कर्ष: लॉस एंजिल्स 2028 के लिए मजबूत मंच तैयार

यद्यपि भारतीय दल हांगझोउ 2023 के 107 पदकों के कुल आंकड़े को नहीं छू सका, लेकिन 21 स्वर्ण पदकों के साथ चौथा स्थान हासिल करना भारतीय खेलों के बढ़ते कद को दर्शाता है। विशेष रूप से अंतिम दो दिनों में युवा खिलाड़ियों द्वारा दिखाए गए जज्बे ने यह साबित कर दिया है कि भारतीय खेल प्रशासन, टॉप्स (TOPS) योजना और जमीनी स्तर पर प्रतिभाओं को तराशने के प्रयास रंग ला रहे हैं। गोल्फ और तीरंदाजी जैसी तकनीकी स्पर्धाओं में विश्व चैंपियन देशों को हराना इस बात का संकेत है कि भारतीय खेल अब केवल कुछ चुनिंदा विधाओं तक सीमित नहीं रह गए हैं। नागोया 2026 का यह अभियान लॉस एंजिल्स 2028 ओलंपिक खेलों की तैयारी के लिए भारतीय एथलीटों को एक मजबूत और आत्मविश्वास से भरा मंच प्रदान करेगा。

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