नई दिल्ली: भारतीय रेल में कार्यरत दिव्यांग कर्मचारियों के लिए पदोन्नति और सेवा लाभों के मोर्चे पर एक बड़ा नीतिगत फैसला सामने आया है। रेल मंत्रालय (रेलवे बोर्ड) ने कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) तथा वित्त मंत्रालय के व्यय विभाग की संस्तुति पर दिव्यांग कर्मचारियों (PwBDs) को 30 जून 2016 से नोशनल पदोन्नति (Notional Promotion) देने के लिए कुल 1,023 अधिसंख्य पदों (Supernumerary Posts) के सृजन को मंजूरी दे दी है। StaffNews आधिकारिक रिपोर्ट और रेलवे बोर्ड के आधिकारिक आदेश (पत्र संख्या No. 2025-E(SCT)I/133/1(PwBD)) के अनुसार, इस आदेश के तहत रेलवे बोर्ड, सभी क्षेत्रीय रेल जोनों और उत्पादन इकाइयों में 38 राजपत्रित (Gazetted) और 985 अराजपत्रित (Non-Gazetted) पद तत्काल प्रभाव से क्रियान्वित किए गए हैं。
सुप्रीम कोर्ट के फैसले और DoPT निर्देशों की परिणति
केंद्र सरकार की सेवाओं में दिव्यांगजनों को पदोन्नति में आरक्षण का अधिकार दिलाने के लिए सर्वोच्च न्यायालय ने ऐतिहासिक निर्देश जारी किए थे। इसके अनुपालन में कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) ने विस्तृत कार्यालय ज्ञापन जारी कर सभी मंत्रालयों को निर्देश दिया था कि 30 जून 2016 से 16 मई 2022 के बीच की अवधि के लिए पात्र दिव्यांग कर्मचारियों की पहचान कर उन्हें काल्पनिक पदोन्नति का लाभ दिया जाए。
कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) के दिशा-निर्देशों के तहत रेलवे बोर्ड ने सभी जोनों से प्रस्ताव मंगवाए। इसके बाद वित्त मंत्रालय के व्यय विभाग से 1,023 पदों के सृजन पर वित्तीय सहमति मिलने के बाद रेलवे बोर्ड ने यह अंतिम प्रशासनिक आदेश जारी किया है。
सुपरन्यूमरेरी पद क्या हैं और यह व्यवस्था कैसे काम करेगी?
अधिसंख्य पद (Supernumerary Post) एक विशेष पद होता है जो किसी सामान्य संवर्ग ढांचे से बाहर किसी विशिष्ट कर्मचारी के लिए व्यक्तिगत रूप से बनाया जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य सामान्य पदों की वरिष्ठता या नियमित रोस्टर को प्रभावित किए बिना कर्मचारी को विधिक सेवा लाभ और धारणाधिकार (Lien) प्रदान करना होता है。
रेलवे बोर्ड के अनुसार, इन 1,023 पदों का उपयोग उन दिव्यांग कर्मचारियों के लिए होगा जो 30 जून 2016 या उसके बाद पदोन्नति के पात्र बने थे। यह व्यवस्था तब तक प्रभावी रहेगी जब तक संबंधित संवर्ग में नियमित पदोन्नति रिक्ति उपलब्ध न हो जाए या कर्मचारी सेवानिवृत्त न हो जाए। नियमित रिक्ति मिलने पर यह पद स्वतः समाप्त (Progressive Abolition) हो जाएगा。
जोनवार पदों का आवंटन: दक्षिण व पूर्व रेलवे को सबसे ज्यादा पद
देश भर के क्षेत्रीय रेल जोनों और उत्पादन इकाइयों में इन 1,023 पदों का वितरण किया गया है। नीचे दी गई तालिका में स्वीकृत पदों का जोनवार आधिकारिक विवरण प्रस्तुत है:
| क्र.सं. | रेलवे जोन / उत्पादन इकाई का नाम | स्वीकृत पद संख्या | प्रशासनिक महत्व एवं प्रभाव |
|---|---|---|---|
| 1 | दक्षिण रेलवे (Southern Railway – SR) | 228 पद | सर्वाधिक लाभार्थी, चेन्नई व मदुरै मंडल में लाभ |
| 2 | दक्षिण पूर्व रेलवे (South Eastern Railway – SER) | 195 पद | खड़गपुर व आद्रा मंडल के कर्मचारियों को लाभ |
| 3 | पूर्व रेलवे (Eastern Railway – ER) | 185 पद | हावड़ा व सियालदह मंडल के तकनीकी व लिपिकीय पद |
| 4 | दक्षिण पश्चिम रेलवे (South Western Railway – SWR) | 109 पद | हुबली व बेंगलुरु मंडल में लंबित पदोन्नति |
| 5 | दक्षिण मध्य रेलवे (South Central Railway – SCR) | 94 पद | सिकंदराबाद व विजयवाड़ा मंडल के सेवारत कर्मी |
| 6 | सवारी डिब्बा कारखाना (ICF चेन्नई) | 77 पद | उत्पादन इकाइयों के कुशल दिव्यांग कर्मचारी |
| 7 | उत्तर मध्य रेलवे (North Central Railway – NCR) | 69 पद | प्रयागराज, आगरा और झांसी मंडल में पदोन्नति |
| 8 | पूर्व तट रेलवे (East Coast Railway – ECOR) | 37 पद | भुवनेश्वर व संबलपुर मंडल के कर्मी |
| 9 | रेलवे बोर्ड (Railway Board नई दिल्ली) | 14 पद | मंत्रालय सचिवालय स्तर पर धारणाधिकार |
| 10 | अन्य जोन्स (NER, NR, SECR, WR, CR) | 15 पद | विभिन्न जोनों के पात्र कर्मचारियों के पद |
| – | कुल स्वीकृत पद (Total Sanctioned) | 1,023 पद | 38 राजपत्रित एवं 985 अराजपत्रित पद |
7वें वेतन आयोग पे मैट्रिक्स अनुसार लेवल-वार वर्गीकरण
रेलवे बोर्ड द्वारा जारी विवरण के अनुसार, 1,023 पदों को 7वें वेतन आयोग के पे मैट्रिक्स लेवल 2 से लेकर लेवल 11 तक वर्गीकृत किया गया है:
| पे मैट्रिक्स लेवल | संबद्ध ग्रेड पे एवं पद स्तर | सृजित पदों की संख्या | संवर्ग की प्रकृति |
|---|---|---|---|
| लेवल 2 | ग्रेड पे 1900 (जूनियर क्लर्क स्तर) | 95 पद | अराजपत्रित (Non-Gazetted) |
| लेवल 3 | ग्रेड पे 2000 (सीनियर ट्रैक मेंटेनर स्तर) | 04 पद | अराजपत्रित (Non-Gazetted) |
| लेवल 4 | ग्रेड पे 2400 (वरिष्ठ क्लर्क स्तर) | 78 पद | अराजपत्रित (Non-Gazetted) |
| लेवल 5 | ग्रेड पे 2800 (मुख्य क्लर्क स्तर) | 113 पद | अराजपत्रित (Non-Gazetted) |
| लेवल 6 | ग्रेड पे 4200 (वरिष्ठ अनुभाग अभियंता, ओएस) | 345 पद | अराजपत्रित (सर्वाधिक पद) |
| लेवल 7 | ग्रेड पे 4600 (चीफ ऑफिस सुप्रीटेंडेंट) | 308 पद | अराजपत्रित (उच्च ग्रेड) |
| लेवल 8 | ग्रेड पे 4800 (सहायक कार्मिक अधिकारी स्तर) | 71 पद | राजपत्रित (Gazetted Group B) |
| लेवल 10 | ग्रेड पे 5400 (डिवीजनल ऑफिसर स्तर) | 08 पद | राजपत्रित (Gazetted Group A) |
| लेवल 11 | ग्रेड पे 6600 (वरिष्ठ मंडल अधिकारी स्तर) | 01 पद | राजपत्रित (Gazetted Group A) |
| कुल योग | लेवल 2 से लेवल 11 तक | 1,023 पद | पूर्ण संवर्ग कवरेज |
कर्मचारियों को मिलने वाले वित्तीय और वरिष्ठता लाभ
इस ऐतिहासिक निर्णय से दिव्यांग कर्मचारियों को मिलने वाले सेवा लाभ अत्यंत व्यापक हैं। कर्मचारियों को 30 जून 2016 से नोशनल आधार पर उच्च पद का वेतन निर्धारण (Pay Fixation) प्राप्त होगा। यद्यपि नोशनल पदोन्नति में वास्तविक कार्यभार ग्रहण करने की तिथि तक का पिछला वेतन एरियर नकद रूप में देय नहीं होता, परंतु मूल वेतन के काल्पनिक पुनर्गठन से उनके वर्तमान मासिक वेतन, भावी वार्षिक वेतनवृद्धियों (Annual Increments) और सेवा वरिष्ठता में सीधा लाभ मिलेगा。
इसके अतिरिक्त जो दिव्यांग रेल कर्मचारी 30 जून 2016 के बाद सेवानिवृत्त हो चुके हैं, उनकी अंतिम आहरित बेसिक पे पुनरीक्षित की जाएगी। इसके फलस्वरूप उनकी मासिक पेंशन, महंगाई राहत (DR), ग्रेच्युटी और अवकाश नकदीकरण की कुल देय राशि में उल्लेखनीय वृद्धि होगी और संशोधित पेंशन का अंतर एरियर के रूप में भुगतान किया जाएगा。
आदेश के क्रियान्वयन के लिए प्रशासनिक निर्देश
रेलवे बोर्ड के संयुक्त निदेशक (स्थापना) द्वारा जारी इस आधिकारिक आदेश में सभी जोनल रेलवे के प्रधान मुख्य कार्मिक अधिकारियों (PCPO) को कड़े निर्देश दिए गए हैं कि वे प्रत्येक अधिसंख्य पद के विरुद्ध पदोन्नत दिव्यांग कर्मचारी का व्यक्तिगत सेवा रिकॉर्ड अलग रजिस्टर में संधारित करें。
बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि इन पदों का उपयोग केवल पात्र दिव्यांग कर्मियों के विधिक अधिकारों के संरक्षण हेतु होगा और जैसे ही नियमित रिक्तियां उत्पन्न होंगी, इन्हें सामान्य संवर्ग में समायोजित कर अधिसंख्य पद निरस्त किए जाएंगे। इस कदम से रेलवे में वर्षों से लंबित पदोन्नति विवाद पूरी तरह सुलझ गया है और दिव्यांग कर्मियों को सामाजिक न्याय के साथ सेवा सुरक्षा प्राप्त हुई है。













