मुंबई: अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आई तीव्र नरमी, एशियाई बाजारों से मिले सकारात्मक संकेतों और विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की ताजा लिवाली के दम पर सोमवार, 21 सितंबर 2026 को भारतीय शेयर बाजार जोरदार बढ़त के साथ खुले। घरेलू बेंचमार्क सूचकांक बीएसई सेंसेक्स और एनएसई निफ्टी 50 शुरुआती घंटी बजते ही हरे निशान में दौड़ पड़े। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में 448.32 अंक यानी 0.60 प्रतिशत की छलांग लगाकर 74,743.28 के स्तर पर पहुंच गया। वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का 50 शेयरों वाला मानक सूचकांक निफ्टी 50.30 अंक की मजबूती के साथ 23,396.70 के स्तर पर कारोबार करता देखा गया। बाजार की इस चौतरफा तेजी से दलाल स्ट्रीट पर निवेशकों का उत्साह लौट आया है।
कच्चे तेल में 2.25% की गिरावट: अर्थव्यवस्था को बड़ी राहत
ETV Bharat पर पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय तेल बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड में 2.25 प्रतिशत की तीव्र गिरावट दर्ज की गई, जिसके बाद यह लुढ़ककर 101.50 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर आ गया। बीते कारोबारी सत्रों में पश्चिम एशिया तनाव के चलते कच्चा तेल 108 डॉलर के पार निकल गया था, जिससे घरेलू बाजारों में भारी चिंता फैल गई थी। सोमवार सुबह कच्चे तेल की कीमतों में आई नरमी ने घरेलू बाजार की सबसे बड़ी चिंता को पूरी तरह दूर कर दिया है।
ऊर्जा विशेषज्ञों का मानना है कि भारत अपनी कुल आवश्यकता का 85 प्रतिशत से अधिक कच्चा तेल आयात करता है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भाव गिरने से देश के आयात बिल में सीधी कटौती होगी और चालू खाता घाटा (CAD) नियंत्रण में रहेगा। इसके साथ ही ईंधन लागत घटने से खुदरा मुद्रास्फीति में कमी आएगी, जिससे भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के लिए आगे चलकर नीतिगत ब्याज दरों में कटौती की अनुकूल परिस्थितियां बनेंगी।
मार्केट ओपनिंग का मुख्य डेटा: प्रमुख सूचकांक और कमोडिटीज
सोमवार को शुरुआती कारोबारी सत्र के दौरान प्रमुख वित्तीय संकेतकों और विदेशी संस्थागत निवेश के आधिकारिक आंकड़े नीचे दी गई तालिका में प्रस्तुत हैं:
| वित्तीय संकेतक / सूचकांक | वर्तमान स्तर (21 सितंबर 2026) | पिछला बंद (18 सितंबर) | शुद्ध बदलाव (अंक / %) | बाजार पर प्रमुख प्रभाव |
|---|---|---|---|---|
| बीएसई सेंसेक्स (BSE Sensex) | 74,743.28 | 74,294.96 | +448.32 अंक (+0.60%) | शुरुआती सत्र में 450 अंक की उछाल |
| एनएसई निफ्टी 50 (NSE Nifty) | 23,396.70 | 23,346.40 | +50.30 अंक (+0.22%) | 23,400 के मनोवैज्ञानिक स्तर के करीब |
| ब्रेंट क्रूड ऑयल (Brent Crude) | $101.50 / बैरल | $103.84 / बैरल | -2.25% की गिरावट | आयात बिल और महंगाई से तत्काल राहत |
| विदेशी निवेशक (FII Inflow) | +₹599.54 करोड़ | शुद्ध खरीदार | पूंजी का नया प्रवाह | घरेलू बाजार में विदेशी विश्वास की वापसी |
| निफ्टी रियल्टी (Nifty Realty) | आउटपरफॉर्मर | सकारात्मक रुझान | +1.15% की बढ़त | ब्याज दरों में स्थिरता से सहारा |
| निफ्टी ऑटो (Nifty Auto) | आउटपरफॉर्मर | सकारात्मक रुझान | +0.85% की बढ़त | त्योहारी मांग और लागत घटने का लाभ |
| निफ्टी आईटी (Nifty IT) | दबाव में ट्रेड | मिश्रित रुझान | -0.42% की सुस्ती | चुनिंदा टेक शेयरों में मुनाफावसूली |
सेक्टरवार प्रदर्शन: एविएशन, ऑटो और सीमेंट में जोरदार तेजी
Business Standard की लाइव रिपोर्ट के अनुसार, सोमवार को एविएशन, ऑटो और इंफ्रास्ट्रक्चर शेयरों ने तेजी की अगुवाई की। कच्चे तेल में गिरावट से एविएशन कंपनियों को सीधा लाभ हुआ। देश की प्रमुख एयरलाइन इंटरग्लोब एविएशन (IndiGo) के शेयर में 3 प्रतिशत से अधिक का उछाल आया। इसके साथ ही देश की सबसे बड़ी सीमेंट निर्माता कंपनी अल्ट्राटेक सीमेंट के शेयरों में 2 प्रतिशत से अधिक की बढ़त दर्ज की गई।
सेंसेक्स की प्रमुख कंपनियों में एशियन पेंट्स, सन फार्मा, एचसीएल टेक, ट्रेंट और एचडीएफसी लाइफ मुख्य लाभ कमाने वालों में शामिल रहे। कच्चे माल की लागत घटने की उम्मीद से पेंट्स और ऑटोमोबाइल सेक्टर में लिवाली रही। इसके विपरीत इंफोसिस, अदाणी पोर्ट्स, भारती एयरटेल और पावर ग्रिड के शेयर दबाव में लाल निशान में दिखे। हालांकि, व्यापक बाजार का मिजाज सकारात्मक रहा और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज पर चढ़ने वाले शेयरों की संख्या अधिक रही।
वैश्विक बाजारों से मजबूत संकेत: एशियाई बाजारों में तेजी
भारतीय बाजारों में तेजी को वैश्विक बाजारों से पूरा समर्थन मिला। अमेरिकी बाजार शुक्रवार को बढ़त के साथ बंद हुए थे, जिससे निवेशकों का मनोबल बढ़ा। सोमवार सुबह एशियाई बाजारों में दक्षिण कोरिया का कॉस्पी 1 प्रतिशत से अधिक चढ़ा, जबकि शंघाई कंपोजिट और हांगकांग के हैंग सेंग में भी मजबूती रही। जापान का निक्केई अवकाश के चलते बंद रहा।
एनरिच मनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी पोनमुडी आर. के अनुसार, एशियाई तेजी और कच्चे तेल में नरमी ने भारतीय शेयर बाजार को मजबूत सहारा दिया है। शुक्रवार को विदेशी संस्थागत निवेशकों की ₹599.54 करोड़ की शुद्ध लिवाली ने संकेत दिया है कि विदेशी फंड्स भारत के दीर्घकालिक विकास और वृहद आर्थिक बुनियादी ढांचे पर पूरा भरोसा बनाए हुए हैं।
कॉर्पोरेट हलचल: NSE IPO और दिलीप बिल्डकॉन को बड़ा ऑर्डर
दलाल स्ट्रीट पर सोमवार को कॉर्पोरेट जगत से भी बड़ी खबरें आईं। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) के बहुप्रतीक्षित आईपीओ के तीसरे दिन सुबह तक 1.68 गुना सब्सक्रिप्शन मिल चुका था, जिसमें क्यूआईबी 2.19 गुना और गैर-संस्थागत निवेशक (NII) कोटा 2.77 गुना भर चुका था, जबकि खुदरा हिस्सा 93 प्रतिशत भरा।
इसके अलावा दिलीप बिल्डकॉन को महाराष्ट्र में पावर ट्रांसमिशन सिस्टम विकसित करने के लिए आरईसीपीडीसीएल से ₹1,265 करोड़ का बड़ा ऑर्डर मिला। हाल ही में सूचीबद्ध हुई इंडो-एमआईएम (INDO-MIM) के शेयर 9 प्रतिशत उछलकर ₹1,148 के नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गए।
मार्केट एक्सपर्ट्स की राय और खुदरा निवेशकों के लिए रणनीति
बाजार विश्लेषकों का मानना है कि निफ्टी 50 के लिए 23,300 से 23,350 का दायरा मजबूत आधार बन चुका है। यदि सूचकांक 23,400 के स्तर के ऊपर टिकने में सफल रहता है, तो आगामी कारोबारी सत्रों में 23,550 और 23,700 तक के तकनीकी स्तर देखने को मिल सकते हैं। क्रूड के 105 डॉलर प्रति बैरल के नीचे रहने तक ‘बाय ऑन डिप्स’ रणनीति अधिक मुफीद रहेगी।
खुदरा निवेशकों को सलाह दी जाती है कि वे अपने पोर्टफोलियो में विविधीकरण बनाए रखें। एविएशन, ऑटो, पेंट और कंज्यूमर क्षेत्र की मजबूत लार्जकैप कंपनियों में किस्तों में निवेश करें और छोटे शेयरों में कड़े स्टॉप-लॉस का कड़ाई से पालन करें।
निष्कर्ष: सप्ताह की मजबूत शुरुआत से बाजार में उत्साह
21 सितंबर 2026 का कारोबारी सत्र भारतीय शेयर बाजार के लिए बड़ी राहत और मजबूती लेकर आया है। क्रूड ऑयल के 101.50 डॉलर पर फिसलने और विदेशी फंडों की वापसी से बाजार की धारणा पूरी तरह बदल गई है। सेंसेक्स में 448 अंकों की यह जोरदार उछाल दर्शाती है कि घरेलू अर्थव्यवस्था वैश्विक चुनौतियों से निपटने और विकास पथ पर आगे बढ़ने में पूरी तरह सक्षम है। आने वाले दिनों में बाजार की चाल अमेरिकी बॉन्ड यील्ड और वैश्विक घटनाक्रमों पर निर्भर करेगी।













