नई दिल्ली: आगामी त्योहारी सीजन (दुर्गा पूजा, दशहरा और दीपावली) से ठीक पहले केंद्र सरकार के 1.15 करोड़ से अधिक सेवारत कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए बहुप्रतीक्षित वित्तीय सौगात की उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है। केंद्रीय मंत्रिमंडल (Union Cabinet) द्वारा 1 जुलाई 2026 से प्रभावी होने वाले महंगाई भत्ते (Dearness Allowance – DA) और महंगाई राहत (Dearness Relief – DR) में 4 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी पर इसी सप्ताह औपचारिक मुहर लगाए जाने की प्रबल संभावना है। The Economic Times रिपोर्ट के अनुसार, वित्त मंत्रालय में व्यय विभाग ने अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (AICPI-IW) के आंकड़ों के आधार पर विस्तृत प्रस्ताव तैयार कर लिया है, जिसके तहत महंगाई भत्ता मौजूदा 60% से बढ़कर सीधे 64% हो सकता है। कर्मचारियों को जुलाई, अगस्त और सितंबर 2026 का 3 महीने का एकमुश्त बकाया एरियर (Arrears) भी अक्टूबर के प्रथम सप्ताह में मिलने वाले वेतन के साथ प्रदान किया जाएगा。
त्योहारी सीजन से पहले कर्मचारी संगठनों का वित्त मंत्री को पत्र
त्योहारों से ठीक पूर्व केंद्रीय कर्मचारियों की जेब में अतिरिक्त तरलता पहुंचाने के उद्देश्य से प्रमुख राष्ट्रीय कर्मचारी महासंघों ने सरकार पर दबाव बढ़ा दिया है। कॉन्फेडरेशन ऑफ सेंट्रल गवर्नमेंट एम्प्लॉइज एंड वर्कर्स (CCGEW) और नेशनल काउंसिल (NC-JCM) की स्टाफ साइड ने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और कैबिनेट सचिव को औपचारिक पत्र प्रेषित कर अविलंब घोषणा की मांग की है। Livemint पर्सनल फाइनेंस विश्लेषण के मुताबिक, कर्मचारी संघों ने अपने ज्ञापन में रेखांकित किया है कि खुदरा मुद्रास्फीति और खाद्य वस्तुओं की कीमतों में वृद्धि के कारण कर्मचारियों की वास्तविक क्रय शक्ति पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है。
ज़ी न्यूज़ बिज़नेस अपडेट के अनुसार, संगठन ने विशेष रूप से आग्रह किया है कि दुर्गा पूजा और दशहरा के खर्चों को देखते हुए सितंबर माह के नियमित वेतन बिलों में ही संशोधित 64% डीए दर और 3 महीने का एरियर जोड़कर भुगतान सुनिश्चित किया जाए। इसके साथ ही डाक, रेलवे और रक्षा उत्पादन प्रतिष्ठानों में नॉन-गजेटेड कर्मियों के लिए उत्पादकता से जुड़े बोनस (Productivity Linked Bonus – PLB) की घोषणा भी इसी सप्ताह प्रत्याशित है。
AICPI-IW इंडेक्स और महंगाई भत्ता गणना का गणित
केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के महंगाई भत्ते का निर्धारण श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के अधीन शिमला स्थित लेबर ब्यूरो द्वारा जारी औद्योगिक श्रमिकों के लिए उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (AICPI-IW) के आधार पर किया जाता है। 7वें केंद्रीय वेतन आयोग (7th CPC) द्वारा अनुमोदित वैधानिक फॉर्मूले के अनुसार, पिछले 12 महीनों के औसत सूचकांक को आधार मानकर प्रतिशत वृद्धि तय की जाती है。
जनवरी से जून 2026 तक के 6 महीनों में औद्योगिक मूल्य सूचकांक में निरंतर तेजी दर्ज की गई, जो जून 2026 के अंत में 152 अंक के पार पहुंच गया। लेबर ब्यूरो के इस 12-मासिक औसत आंकड़ों की गणना से स्पष्ट संकेत मिलता है कि डीए में न्यूनतम 3.65% से लेकर 4.02% तक की वृद्धि अनिवार्य हो चुकी है। चूंकि केंद्र सरकार दशमलव में आए अंकों को नजरअंदाज कर पूर्णांक में वृद्धि स्वीकृत करती है, इसलिए इस बार महंगाई भत्ते में 4% की बढ़ोतरी तय मानी जा रही है。
पे-मैट्रिक्स लेवल अनुसार वेतन वृद्धि और 3 महीने का एरियर (विस्तृत तालिका)
महंगाई भत्ता 60% से बढ़कर 64% होने पर केंद्र सरकार के कर्मचारियों की मासिक टेक-होम सैलरी और पेंशनभोगियों की मासिक पेंशन में उल्लेखनीय इजाफा होगा। Times Now Hindi रिपोर्ट के अनुसार, न्यूनतम मूल वेतन ₹18,000 से लेकर शीर्ष प्रशासनिक स्तर तक वेतन में होने वाली संभावित वृद्धि और 3 महीने के बकाये एरियर का विस्तृत ब्योरा नीचे दी गई तालिका में स्पष्ट है:
| 7th CPC पे लेवल | मूल वेतन (Basic Pay) | मौजूदा DA (60%) | संशोधित DA (64%) | मासिक शुद्ध वृद्धि | 3 महीने का कुल एरियर |
|---|---|---|---|---|---|
| लेवल-1 (प्रारंभिक न्यूनतम) | ₹18,000 | ₹10,800 | ₹11,520 | ₹720 | ₹2,160 |
| लेवल-2 (एलडीसी/जूनियर क्लर्क) | ₹19,900 | ₹11,940 | ₹12,736 | ₹796 | ₹2,388 |
| लेवल-3 (वरिष्ठ क्लर्क/कांस्टेबल) | ₹21,700 | ₹13,020 | ₹13,888 | ₹868 | ₹2,604 |
| लेवल-4 (हेड कांस्टेबल/सहायक) | ₹25,500 | ₹15,300 | ₹16,320 | ₹1,020 | ₹3,060 |
| लेवल-5 (गुड्स गार्ड/अकाउंटेंट) | ₹29,200 | ₹17,520 | ₹18,688 | ₹1,168 | ₹3,504 |
| लेवल-6 (स्टेशन मास्टर/इंस्पेक्टर) | ₹35,400 | ₹21,240 | ₹22,656 | ₹1,416 | ₹4,248 |
| लेवल-7 (अनुभाग अधिकारी/सब-इंस्पेक्टर) | ₹44,900 | ₹26,940 | ₹28,736 | ₹1,796 | ₹5,388 |
| लेवल-10 (ग्रुप ‘A’ एंट्री/सहायक निदेशक) | ₹56,100 | ₹33,660 | ₹35,904 | ₹2,244 | ₹6,732 |
| लेवल-12 (उप सचिव/कमांडेंट) | ₹78,800 | ₹47,280 | ₹50,432 | ₹3,152 | ₹9,456 |
| लेवल-14 (संयुक्त सचिव स्तर) | ₹1,44,200 | ₹86,520 | ₹92,288 | ₹5,768 | ₹17,304 |
| लेवल-18 (कैबिनेट सचिव स्तर) | ₹2,50,000 | ₹1,50,000 | ₹1,60,000 | ₹10,000 | ₹30,000 |
पेंशनभोगियों को महंगाई राहत (DR) और टैक्स नियम
केंद्रीय कर्मचारियों के साथ ही देश के लगभग 68 लाख केंद्रीय सिविल, रक्षा, डाक और रेलवे पेंशनभोगियों को भी 1 जुलाई 2026 से 4% की दर से महंगाई राहत (DR) का लाभ प्राप्त होगा। यदि किसी सेवानिवृत्त कर्मचारी की मूल पेंशन ₹30,000 प्रति माह है, तो उन्हें वर्तमान में 60% की दर से ₹18,000 महंगाई राहत मिल रही है। 64% होने पर यह बढ़कर ₹19,200 हो जाएगी, जिससे उनकी मासिक पेंशन में ₹1,200 का सीधा लाभ होगा और उन्हें 3 महीने का ₹3,600 बकाया एरियर मिलेगा。
वित्तीय विशेषज्ञों के अनुसार, महंगाई भत्ता और महंगाई राहत आयकर अधिनियम के अंतर्गत पूर्णतः कर योग्य (Taxable Income) होते हैं। कर्मचारियों को मिलने वाला 3 महीने का एरियर चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 (आकलन वर्ष 2027-28) की कुल सकल आय में सम्मिलित किया जाएगा। यदि एरियर की एकमुश्त प्राप्ति से किसी कर्मचारी का टैक्स स्लैब परिवर्तित होता है, तो वे आयकर अधिनियम की धारा 89(1) के तहत फॉर्म 10E भरकर टैक्स राहत का कानूनी दावा कर सकते हैं。
मकान किराया भत्ता (HRA) और अन्य भत्तों पर प्रभाव
7वें वेतन आयोग की सिफारिशों के अंतर्गत जब महंगाई भत्ता 50 प्रतिशत के पार पहुंचा था, तब केंद्र सरकार ने मकान किराया भत्ता (HRA) की दरों को संशोधित कर क्रमशः ‘X’, ‘Y’ और ‘Z’ श्रेणी के शहरों के लिए 30%, 20% और 10% कर दिया था। इसके साथ ही बाल शिक्षा भत्ता (Children Education Allowance), हॉस्टल सब्सिडी, ग्रेच्युटी की अधिकतम सीमा (₹25 लाख) और दैनिक भत्तों में भी स्वतः वृद्धि लागू हो चुकी है। अब डीए के 64% पर पहुंचने से कर्मचारियों की कुल मासिक आय में उल्लेखनीय स्थिरता आएगी, जिससे वे बढ़ती महंगाई का मुकाबला आसानी से कर सकेंगे。
केंद्रीय बजट पर वित्तीय प्रभाव और बोनस की तैयारी
महंगाई भत्ते और महंगाई राहत में 4 प्रतिशत की इस बढ़ोतरी से केंद्र सरकार के राजकोष पर वार्षिक लगभग ₹13,000 करोड़ से ₹14,500 करोड़ का वित्तीय भार पड़ने का अनुमान है। हालांकि, त्योहारी सीजन के दौरान यह अतिरिक्त पूंजी बाजार में आने से उपभोक्ता मांग, ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स और खुदरा व्यापार को भारी प्रोत्साहन मिलेगा。
Staff News सर्कुलर विश्लेषण के अनुसार, रेलवे के 11.72 लाख अराजपत्रित कर्मचारियों के लिए 78 दिनों का उत्पादकता आधारित बोनस (PLB) और डाक कर्मियों का बोनस आदेश भी अंतिम चरण में है। कैबिनेट की औपचारिक मंजूरी के तुरंत बाद वित्त मंत्रालय का व्यय विभाग (Department of Expenditure) आधिकारिक कार्यालय ज्ञापन (Office Memorandum – OM) जारी करेगा, जिसके उपरांत सभी आहरण एवं संवितरण अधिकारी (DDOs) संशोधित वेतन बिल तैयार करेंगे。













